सिंहस्थ-2028: सदावल हेलीपैड पर दरारें, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

Sandeep Kumar | May 21, 2026, 18:00 IST
Simhastha 2028
सिंहस्थ-2028 के लिए बन रहे सदावल हेलीपैड में निर्माणाधीन कंक्रीट पर गहरी दरारें आई हैं। इससे परियोजना की गुणवत्ता और समय पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जून 2026 तक पूरा होने का दावा फिलहाल संकट में दिख रहा है।

News in Short

  • सदावल हेलीपैड में गहरी दरारें निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं।
  • प्रोजेक्ट का कुल बजट 10.45 करोड़ रुपए है और अधूरा है।
  • मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन किया था, समयसीमा 31 जनवरी 2026 पूरी होनी थी।
  • दरारें मरम्मत और दोबारा निर्माण की आवश्यकता को जन्म देती हैं।
  • वीवीआईपी मूवमेंट और शहर ट्रैफिक प्रभावित होने का खतरा है।

News in Detail

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन सदावल हेलीपैड में निर्माणाधीन कंक्रीट पर गहरी दरारें उभर आई हैं। लगभग 10.45 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीवीआईपी सुरक्षा और शहर का ट्रैफिक प्रभावित होने का खतरा है।



सदावल हेलीपैड में दरारें

सिंहस्थ-2028 के लिए बन रहे सदावल हेलीपैड का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। नवनिर्मित कंक्रीट की सतह पर गहरी दरारें (क्रैक्स) उभर आई हैं। हेलीपैड के बीचों-बीच से गुजरती यह दरार निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



संभागायुक्त-सह-मुख्य मेला अधिकारी आशीष सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। कार्यपालन यंत्री गौतम अहिरवार और एसडीओ प्रफुल्ल जैन को जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए।



धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन का सख्त रुख

करीब दो महीने पहले भी प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था। फरवरी के अंतिम सप्ताह में कार्य में लापरवाही पर विभागीय प्रमुख का 15 दिन का वेतन काटा गया। बावजूद इसके, काम की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ और अब दरारें देखने को मिली हैं।



समय-सीमा और निर्माण की स्थिति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जून 2024 को भूमिपूजन किया था। तय समय-सीमा 31 जनवरी 2026 समाप्त हो चुकी है। बाउंड्रीवाल, लाउंज, वेटिंग एरिया और कल्वर्ट निर्माण सहित करीब 15 प्रतिशत काम अभी अधूरा है। विभाग ने शेष कार्य जून 2026 तक पूरा करने का दावा किया था। लेकिन सतह पर आई गहरी दरारों के कारण मरम्मत और दोबारा निर्माण जरूरी हो जाएगा। इससे प्रोजेक्ट के लोकार्पण में और विलंब संभव है।



वीवीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक

सदावल प्रोजेक्ट 13 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहा है। वर्तमान में वीवीआईपी मूवमेंट डीआरपी लाइन (देवास रोड) से होता है, जो महाकाल मंदिर से 8.5 किलोमीटर दूर है। इस वजह से शहर में बार-बार ट्रैफिक रोका जाता है।



सदावल प्रोजेक्ट पूरा होने पर अतिविशिष्ट मेहमान सीधे मंदिर के पास उतर सकेंगे। इससे शहर का ट्रैफिक सुचारू रहेगा और जनता की परेशानियां कम होंगी।



कलेक्टर आईएएस रौशन कुमार सिंह और संभागायुक्त आशीष सिंह ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। सिंहस्थ जैसे वैश्विक आयोजन की गरिमा और वीवीआईपी सुरक्षा को देखते हुए घटिया निर्माण और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होगी।



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