सिंहस्थ 2028: नहीं बिछड़ेंगे बुजुर्ग और बच्चे, RFID बैंड से श्रद्धालुओं पर रखेंगे नजर
Jitendra Shrivastava | May 17, 2026, 17:00 IST
Photograph: (thesootr)
UJJAIN. सिंहस्थ 2028 में RFID बैंड से श्रद्धालुओं की ट्रैकिंग होगी। RPF व NGO की मदद से बच्चे-बुजुर्ग गुम नहीं होंगे। सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी।
ऐसे समझें पूरा मामला...
- RFID बैंड से मिलेगी लाइव लोकेशन।
- RPF और NGO मिलकर बना रहे हैं योजना।
- सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी।
- प्रयागराज कुंभ में नहीं थी यह व्यवस्था।
- नासिक 2027 में पहले होगा सफल परीक्षण।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी
खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। वे अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी सही से नहीं बता पाते। इसी समस्या के समाधान के लिए अब एक आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
RFID बैंड तकनीक क्या है?
सिंहस्थ क्षेत्र (Simhastha Area) में लगे ट्रैकिंग सिस्टम इसे पहचानते हैं। एक क्लिक पर संबंधित व्यक्ति की लाइव लोकेशन (Live Location) मिल जाती है। इससे गुम हुए बच्चे या बुजुर्ग को ढूंढना बेहद आसान हो जाता है।
RPF और NGO की साझेदारी
बच्चों और बुजुर्गों की जानकारी दर्ज होते ही RFID बैंड (RFID Band) दिया जाएगा। पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। गुमशुदा केंद्रों पर NGO के प्रशिक्षित कर्मचारी हर समय तैनात रहेंगे।
simhastha 2028 (3)
निशुल्क श्रद्धालु ट्रैकिंग सेवा
यह व्यवस्था यात्रियों के लिए अनिवार्य नहीं होगी। जो श्रद्धालु चाहें वे अपनी इच्छा से इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही तत्काल खोज अभियान शुरू किया जाएगा। इस तरह परिवारों को मानसिक शांति मिलेगी।
प्रयागराज कुंभ से एक कदम आगे
सिंहस्थ 2028 इस मामले में देश के किसी भी धार्मिक आयोजन से आगे रहेगा। यह व्यवस्था भारत के धार्मिक आयोजनों में तकनीक के उपयोग का एक मील का पत्थर साबित होगी।
नासिक कुंभ में होगा परीक्षण
परीक्षण सफल होने पर उज्जैन सिंहस्थ 2028 (Ujjain Simhastha 2028) में इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा। इससे सिस्टम को और बेहतर बनाने का अवसर भी मिलेगा। लाखों परिवारों को इस तकनीक का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बुजुर्ग और बच्चों की सुरक्षा
परिवार के मुखिया के स्मार्टफोन पर लोकेशन अपडेट मिलती रहेगी। गुमशुदा केंद्रों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। इस तरह सिंहस्थ 2028 श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और यादगार अनुभव बनेगा।
FAQ
- सिंहस्थ 2028 में RFID बैंड (RFID Band) कैसे मिलेगा और इसे कौन लगाएगा?
सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) के दौरान उज्जैन रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं के उतरते ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। RPF और महाराष्ट्र के NGO के प्रशिक्षित कर्मचारी स्टेशन पर तैनात रहेंगे। श्रद्धालु अपने साथ आए बच्चों और बुजुर्गों की जानकारी- जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर- दर्ज करवाकर RFID बैंड बंधवा सकते हैं। यह सेवा स्वैच्छिक और पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) है। - अगर कोई बच्चा या बुजुर्ग सिंहस्थ 2028 में गुम हो जाए तो क्या करें?
यदि RFID बैंड (RFID Band) पहना हुआ है तो परिजन नजदीकी गुमशुदा केंद्र पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं। NGO के कर्मचारी तत्काल ट्रैकिंग सिस्टम (Tracking System) के जरिए लाइव लोकेशन (Live Location) प्राप्त करेंगे। एक क्लिक पर संबंधित व्यक्ति की सटीक लोकेशन पता चल जाएगी। खोज अभियान तुरंत शुरू किया जाएगा। यदि RFID बैंड नहीं है तो भी गुमशुदा केंद्रों पर सहायता उपलब्ध रहेगी। - क्या यह RFID ट्रैकिंग सुविधा प्रयागराज कुंभ में भी उपलब्ध थी?
नहीं, प्रयागराज कुंभ (Prayagraj Kumbh) में RFID ट्रैकिंग (RFID Tracking) की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहां लोगों को अपनों को खोजने में काफी कठिनाई हुई थी। सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) इस मामले में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। पहले यह तकनीक नासिक कुंभ 2027 (Nashik Kumbh 2027) में परखी जाएगी। सफलता मिलने पर इसे उज्जैन में पूरी तरह लागू किया जाएगा। इस प्रकार सिंहस्थ 2028 देश के धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु सुरक्षा (Pilgrim Safety) का नया मानक स्थापित करेगा।
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में भीड़ को काबू करने के लिए खास प्लानिंग, तैनात होंगे 5000 वॉलिंटियर्स
सिंहस्थ 2028: उज्जैन महाकुंभ के लिए चलेंगी 7800 स्पेशल ट्रेनें, रेलवे की महा-तैयारी!
उज्जैन सिंहस्थ 2028 : शिप्रा किनारे रिसॉर्ट बनाने के अरमानों पर फिरा पानी, हाई कोर्ट ने लगाई पाबंदी
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में भीषण गर्मी से निपटने का मास्टर प्लान, लगेंगे 15 लाख पौधे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari