सौरभ शर्मा को रेगुलर जमानत के बाद अब अस्थायी राहत से भी हाईकोर्ट का इनकार

Neel Tiwari | Jun 12, 2026, 16:20 IST
पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा को झटका
मध्य प्रदेश के आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सौरभ शर्मा जेल में है। हाईकोर्ट ने उसकी 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका खारिज कर दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • हाईकोर्ट ने सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत खारिज की।
  • पहले जिला अदालत और हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत भी खारिज की थी।
  • पत्नी दिव्या तिवारी की स्वास्थ्य समस्या और बच्चों की जिम्मेदारी तर्क कोर्ट ने खारिज किया।
  • ईडी ने 108 करोड़ रुपए की संपत्ति और सोना जब्त किया था।
  • सह-आरोपियों ने सौरभ शर्मा पर संपत्ति और निवेश का वास्तविक नियंत्रण बताया।

सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से एक और झटका

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उसकी 60 दिन की अस्थायी जमानत (टेंपरेरी बेल) याचिका खारिज कर दी है। लेकिन हाईकोर्ट के केस स्टेटस में याचिका को खारिज दर्शाया गया है। इससे पहले सौरभ शर्मा की नियमित जमानत याचिका भी जिला अदालत और बाद में हाईकोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी थी। अब टेंपरेरी बेल पर भी राहत नहीं मिलने से उसके जेल से बाहर आने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।





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क्या था सौरभ शर्मा का दावा

सौरभ शर्मा ने याचिका में कहा कि उसकी पत्नी दिव्या तिवारी डिविएटेड नेजल सेप्टम और क्रोनिक साइनसाइटिस से पीड़ित हैं। उन्हें फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS) की आवश्यकता है। याचिका में ऑपरेशन और रिकवरी के दौरान पत्नी की देखभाल के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी बताई गई। साथ ही दो नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी का हवाला देकर 60 दिन की अस्थायी जमानत मांगी गई। अदालत ने इन तर्कों को पर्याप्त नहीं माना और राहत देने से इनकार कर दिया।



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क्या है पूरा मामला?

परिवहन आरक्षक ने 28 हजार रुपए मासिक वेतन के बावजूद 108 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अर्जित कीं। ईडी ने नकदी, सोना, अचल संपत्तियां और निवेश जब्त किए। मेंदोरी से बरामद इनोवा वाहन में 11.60 करोड़ रुपए नकद और लगभग 51.893 किलोग्राम सोना मिला। कुल 108.24 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को ईडी ने जब्त, फ्रीज या अटैच किया। हाईकोर्ट पहले भी मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए नियमित जमानत देने से इनकार कर चुका है।



जांच में पत्नी, मां, सास और सहयोगियों ने बयान दिए। उन्होंने वित्तीय फैसलों और कंपनियों की जिम्मेदारी सौरभ शर्मा पर डाली। कई सह-आरोपियों ने भी निवेश और संपत्तियों का नियंत्रण उसका बताया। अदालत के सामने पत्नी की बीमारी और पारिवारिक जिम्मेदारी थी। दूसरी ओर करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध के आरोप थे। टेंपरेरी बेल खारिज होने के बाद सौरभ शर्मा को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।



FAQ

  1. सौरभ शर्मा कौन है?
    सौरभ शर्मा मध्य प्रदेश परिवहन विभाग का पूर्व आरक्षक है। उस पर 108 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति का आरोप है। वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद है।
  2. सौरभ शर्मा से कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    ईडी ने कुल 108.24 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या अटैच की है। इसमें नकदी, सोना और अचल संपत्तियां शामिल हैं। मेंदोरी से इनोवा कार में नकदी और सोना मिला था।

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