एमपी के स्कूलों में गूंजेंगे संस्कृत के श्लोक, सरकार ने DEO को भेजा पत्र

Sandeep Kumar | Aug 10, 2026, 16:48 IST
एमपी के स्कूलों में गूंजेंगे संस्कृत के श्लोक
मध्य प्रदेश के स्कूलों में संस्कृत विषय को बढ़ावा देने के लिए डीईओ को पत्र भेजा गया है। 9वीं और 11वीं के छात्रों को संस्कृत लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP स्कूलों में संस्कृत पढ़ने वाले छात्र घट रहे हैं।
  • सरकार ने संस्कृत शिक्षा बढ़ाने की नई पहल शुरू की।
  • 9वीं और 11वीं के छात्रों को संस्कृत चुनने प्रोत्साहन मिलेगा।
  • जिला शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए गए।
  • दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू हुई।

मध्यप्रदेश के स्कूलों में संस्कृत विषय की शिक्षा को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। एमपी सरकार अब कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय चुनने के लिए प्रेरित करेगी।



महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी है। जिन स्कूलों में संस्कृत शिक्षक हैं, वहां विषय चयन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।



घटते रुझान से चिंता में सरकार

बीते कुछ सालों में संस्कृत विषय के प्रति विद्यार्थियों की रुचि कम होती जा रही है। कई स्कूलों में संस्कृत के शिक्षक तो मौजूद हैं। लेकिन छात्र यह विषय नहीं चुन रहे हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार ने कदम उठाया है।



सभी डीईओ से मांगी गई जानकारी

प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है। उन्हें बताना होगा कि किन स्कूलों में संस्कृत शिक्षक पदस्थ हैं। साथ ही यह भी बताना होगा कि वहां कितने विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय लिया है। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां उन्हें प्रोत्साहित करने को कहा गया है।



संस्थान ने जारी किया निर्देश

यह निर्देश महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की ओर से जारी किया गया है। संस्थान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत विषय के चयन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही अध्यापन कार्य को भी सुचारू रूप से चलाया जाए।



शिक्षक होने के बाद भी नहीं हो रही पढ़ाई

संस्थान के निदेशक की ओर से लिखे गए पत्र में एक अहम बात सामने आई है। कई हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक वर्ग एक कार्यरत हैं। इसके बावजूद कक्षा 9वीं और 11वीं में संस्कृत विषय का अध्यापन नहीं हो रहा है। इसी वजह से अब इन कक्षाओं पर खास फोकस किया जाएगा।



चालू सत्र से लागू होगी व्यवस्था

पत्र के मुताबिक चालू शिक्षा सत्र से ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। स्कूलों को कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय चुनने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।



ऐसे विद्यार्थियों के प्रवेश की जानकारी राज्य सरकार को भेजनी होगी। साथ ही वर्ष 2025-26 में दोनों कक्षाओं में संस्कृत लेने वाले विद्यार्थियों का पूरा डाटा भी मांगा गया है।



दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति

उच्च शिक्षा विभाग ने भी एक बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों को एकीकृत संस्कृत छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों को मिलेगी, जो सरकारी महाविद्यालय में कंप्यूटर और प्रबंधन में डिग्री ले रहे हैं।



जीवन निर्वाह और परिवहन भत्ता भी मिलेगा

दिव्यांग विद्यार्थियों को कंप्यूटर और प्रबंधन की पढ़ाई के लिए जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। साथ ही परिवहन भत्ता योजना के तहत भी छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी।



कहां और कैसे करें आवेदन

नए आवेदन और नवीनीकरण आवेदन विद्यार्थियों को संस्था प्रमुख से अप्रूव कराने होंगे। इसके बाद यह आवेदन संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। दोनों छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है।



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