सिंधिया संपत्ति विवाद पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन प्रतिमा देवी ने द सूत्र से की बात, जानें क्या कहा
समझें क्या है पूरा मामला
- सिंधिया परिवार की संपत्ति को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है।
- प्रतिमा देवी राणा ने पारिवारिक संपत्ति में अपना अधिकार मांगा है।
- उनकी मां पद्मावती राजे, जीवाजीराव सिंधिया की बेटी थीं।
- प्रतिमा देवी ने मां के हिस्से से अपना दावा जोड़ा है।
- अदालत सभी पक्षों की दलील सुनकर आगे फैसला करेगी।
सिंधिया परिवार की संपत्ति का विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। प्रतिमा देवी राणा ने अपनी पारिवारिक संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी मां पद्मावती राजे, जीवाजीराव सिंधिया की बेटी थीं।
प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां को परिवार में बराबर महत्व मिला था। ऐसे में बेटी होने के नाते उनका भी संपत्ति में अधिकार बनता है। उन्होंने इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
प्रतिमा देवी ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि उन्हें लंबे समय तक अंधेरे में रखा गया। उन्होंने दावा किया कि संपत्ति के बंटवारे में उन्हें उचित हिस्सा नहीं मिला।
कौन हैं प्रतिमा देवी
प्रतिमा देवी राणा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की फुफेरी बहन हैं। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मराजे (पद्मावती राजे) की बेटी हैं। यानी वे सिंधिया राजघराने की ही सदस्य हैं।
पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा राजपरिवार में हुआ था। प्रतिमा देवी अकेली नहीं हैं, उनकी बहन कनिका देवी भी इस विवाद की पक्षकार हैं।
प्रतिमा देवी ने क्या कहा
प्रतिमा देवी ने बताया कि जब वह अपनी मौसी ऊषा राजे के पास गई थीं, तो उन्हें संतोष करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें जो थोड़ा बहुत मिला, उसी में खुश रहने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि वह इस बंटवारे से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी मां जीवाजीराव सिंधिया की बेटी थीं। इसलिए मां के हिस्से से उनका अधिकार जुड़ता है।
प्रतिमा देवी ने कहा कि वह अपने हक के लिए लड़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सिंधिया परिवार की संपत्तियों से दूर रखा गया।
मां के हिस्से को लेकर दावा
प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्मावती राजे, परिवार की अन्य बेटियों की तरह ही महत्वपूर्ण थीं। उन्होंने बताया कि उनकी मां की कम उम्र में मृत्यु हो गई थी।
उनके अनुसार, मां के जाने के बाद भी उनके अधिकारों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि वह इसे अन्याय मानती हैं।
प्रतिमा देवी ने कहा कि वह अपनी हिस्सेदारी को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उनका कहना है कि वह अपने अधिकार के लिए आगे भी प्रयास करती रहेंगी।
संपत्तियों और दस्तावेजों पर सवाल
प्रतिमा देवी ने दावा किया कि सिंधिया परिवार की संपत्तियों को लेकर कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने अपनी बेटी शिवांगिनी से कोरे कागज पर हस्ताक्षर लिए जाने का भी दावा किया। हालांकि, इस मामले में सभी पक्षों का जवाब सामने नहीं आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार पर मौजूद कर्ज को चुकाने के लिए कुछ संपत्तियां बेचने की तैयारी है। उनका दावा है कि दिल्ली स्थित फार्म हाउस को लेकर भी विवाद है।
अदालत में चल रहा मामला
सिंधिया परिवार की संपत्ति से जुड़ा यह मामला (सिंधिया परिवार में विवाद) कई वर्षों से अदालत में चल रहा है। अब प्रतिमा देवी के दावे के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
अदालत में सभी पक्ष अपनी दलील रख रहे हैं। अंतिम फैसला न्यायालय की सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर होगा।
फिलहाल प्रतिमा देवी अपने अधिकार को लेकर दावा कर रही हैं। वहीं संपत्ति के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
संपत्ति विवाद की बड़ी वजह
सिंधिया परिवार (Scindia family property dispute) देश के प्रमुख राजघरानों में शामिल रहा है। परिवार की कई संपत्तियां और विरासत से जुड़े मामले लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।
राजघरानों (Scindia royal family of Gwalio) की संपत्तियों में हिस्सेदारी को लेकर कई बार पारिवारिक और कानूनी विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी मुख्य सवाल संपत्ति (Scindia royal family of Gwalior) के अधिकार और हिस्सेदारी को लेकर है।
FAQ
- कौन हैं प्रतिमा देवी
प्रतिमा देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी हैं। पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा राजपरिवार में हुआ था। प्रतिमा देवी अकेली नहीं हैं, उनकी बहन कनिका देवी भी इस विवाद की पक्षकार हैं। सोमवार को प्रतिमा देवी की ओर से उनके परिजन जिला कोर्ट पहुंचे। उन्होंने वहां जरूरी आवेदन पेश किया। - सिंधिया परिवार संपत्ति विवाद क्या है?
सिंधिया परिवार की संपत्तियों के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। प्रतिमा देवी राणा ने अपनी मां पद्मावती राजे के हिस्से के आधार पर संपत्ति में अधिकार का दावा किया है। - प्रतिमा देवी राणा का दावा किस आधार पर है?
प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्मावती राजे, जीवाजीराव सिंधिया की बेटी थीं। इसलिए मां के हिस्से से उनका अधिकार बनता है। - सिंधिया परिवार संपत्ति मामले में फैसला कौन करेगा?
उत्तर: इस मामले में अदालत सभी पक्षों की दलील और दस्तावेजों को देखने के बाद फैसला करेगी।
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