सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद सुलझने की कगार पर, आज होगी सुनवाई

Ratan Kumar Mishra | Jul 28, 2026, 10:30 IST
सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद
सिंधिया राजघराने का 16 साल पुराना संपत्ति विवाद आपसी सहमति से सुलझ गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच यह मामला था। समझौते के दस्तावेज जिला न्यायालय में पेश किए गए था। आज दो अलग-अलग कोर्ट में एक साथ सुनवाई होगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद 16 साल से न्यायालय में चल रहा था।
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच यह विवाद था।
  • उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे ने 2010 में केस दायर किया था।
  • अब आपसी सहमति से समझौता हो गया है।
  • समझौते के दस्तावेज जिला न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं।
  • जिला न्यायालय की दो अलग-अलग कोर्ट में आज एक साथ सुनवाई होगी।

क्या है पूरा विवाद...

सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद कई सालों से चर्चा में था। यह मामला जिला न्यायालय में आज सुनवाई के लिए आया है। दो अलग-अलग कोर्ट में चल रहे केस आज एक साथ सुने जाएंगे। यह विवाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीन बुआओं के बीच था।



बुआओं के नाम उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे हैं। पिछली दो सुनवाईयों में संपत्ति का पूरा विवरण नहीं दिया गया था। इस वजह से सुनवाई टल गई थी। अब आपसी सहमति से समझौता हो चुका है। यह समझौता जिला न्यायालय में औपचारिक रूप से पेश कर दिया गया है।



कब शुरू हुआ यह विवाद

यह कानूनी लड़ाई करीब 16 साल पुरानी है। साल 2010 में उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे ने कोर्ट का रुख किया था। वसुंधरा राजे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। तीनों बुआओं ने अपने पिता की संपत्ति में बराबर हिस्सा मांगा था।



तीनों बुआओं का कहना था कि बेटियों को भी बेटों जैसा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने जिला न्यायालय में इसके लिए वाद दायर किया था। इसके जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अलग से केस दायर किया था। इस तरह यह मामला दो हिस्सों में बंट गया। दोनों केस लंबे समय तक जिला न्यायालय में लंबित रहे।



हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

पुराने मामलों को जल्दी निपटाने की एक प्रक्रिया शुरू हुई। इसके तहत इस केस की सुनवाई में भी तेजी आई। मामला इसके बाद हाईकोर्ट तक जा पहुंचा। साल 2017 से हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन लंबित थी। इतने सालों तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही।



आखिरकार दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट में बुआओं की तरफ से वकील पेश हुए थे। वकील ने कोर्ट को समझौते की जानकारी दी। साथ ही सिविल रिवीजन वापस लेने का आवेदन भी दिया गया था।



हाईकोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट ने वकील का आवेदन स्वीकार कर लिया था। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों को पूरा मौका दिया गया था। विवाद सुलझाने के लिए काफी समय भी दिया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने समझौते को अंतिम रूप दिया है। यह समझौता अब जिला न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।



हालांकि अभी तक संपत्ति का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। यही वजह है कि पहले दो सुनवाईयां टल चुकी हैं। कोर्ट ने अगली तारीख आज तय की थी। अब देखना होगा कि आज इस मामले में क्या फैसला आता है।



आगे क्या होगा

आज की सुनवाई इस विवाद के लिए काफी अहम मानी जा रही है। दो अलग-अलग कोर्ट आज एक साथ इस पर सुनवाई करेंगे। यदि संपत्ति का विवरण पेश हो जाता है तो मामला जल्दी निपट सकता है। सिंधिया परिवार का यह विवाद वर्षों से चर्चा में रहा है।



अब इसके औपचारिक रूप से खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है। कानूनी जानकारों का कहना है कि आपसी सहमति से मामले जल्दी सुलझते हैं। परिवार के भीतर इस समझौते को सकारात्मक कदम माना जा रहा है।



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