“कुत्ते को माला, कलेक्टर की तख्ती'… सीहोर में सियासत का गिरता स्तर; BJP का पलटवार—‘कांग्रेस का घमंड हुआ बेनकाब’”

Ramanand Tiwari | Apr 09, 2026, 23:55 IST
Photograph: (the sootr)
सीहोर में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कुत्ते को माला पहनाकर 'कलेक्टर' की तख्ती डालने का विवाद गहरा गया। भाजपा ने इसे कांग्रेस का घमंड और अपमान बताया।

सीहोर में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कुत्ते को माला पहनाकर उसके गले में ‘कलेक्टर’ लिखी तख्ती डालने की घटना ने सियासत को उबाल पर ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के इस कदम पर भाजपा ने जोरदार पलटवार करते हुए इसे “घमंड और अराजक मानसिकता” करार दिया है।



सीहोर जिला मुख्यालय पर गुरुवार को किसान आंदोलन के नाम पर कांग्रेस का प्रदर्शन उस वक्त विवादों में घिर गया, जब कलेक्टर से मुलाकात न होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने विरोध का तरीका बदलते हुए एक कुत्ते को माला पहनाकर ‘कलेक्टर’ की तख्ती उसके गले में डाल दी और उसे ही ज्ञापन सौंप दिया। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। करीब ढाई घंटे इंतजार के बाद भी कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर सिंगार का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पहले अधिकारियों पर नाराजगी जताई और फिर यह प्रतीकात्मक विरोध किया, जिसे भाजपा ने “संस्थाओं का अपमान” बताया है।



BJP का तीखा पलटवार

मध्यप्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कांग्रेस के घमंड और अहंकार का खुला प्रदर्शन है। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेताओं की मानसिकता अब अधिकारियों और व्यवस्था को अपमानित करने तक पहुंच चुकी है।



अग्रवाल ने कहा- प्रशासनिक ढांचे का अपमान

“यह कांग्रेसियों का घमंड है। अधिकारियों के प्रति दुर्भावना और अहंकार साफ नजर आता है। कुत्ते को माला पहनाकर ‘कलेक्टर’ बनाना सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे का अपमान है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर माहौल बिगाड़ रही है और किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। “बौखलाहट में कांग्रेस अब ऐसी हरकतों पर उतर आई है, जिससे व्यवस्था को बदनाम किया जा सके,” उन्होंने जोड़ा।



किसानों के मुद्दे पर भी टकराव

कांग्रेस जहां गेहूं खरीदी में देरी, भुगतान और वसूली जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। वहीं, भाजपा ने साफ किया कि सरकार किसानों के लिए पूरी तरह समर्पित है। अग्रवाल ने कहा— “मध्य प्रदेश सरकार पहले भी किसानों से अनाज खरीदती रही है और अब भी खरीदी जारी है। कांग्रेस झूठ फैलाकर किसानों को गुमराह करना चाहती है।”



कांग्रेस का पक्ष

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने आंदोलन को किसानों के हक की लड़ाई बताते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी, बिजली बिल और बैंक वसूली से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार तत्काल खरीदी शुरू करे और MSP पर सुनिश्चित भुगतान करे।



सीहोर में कुत्ते को माला पहनाकर ‘कलेक्टर’ बनाने की घटना ने सियासत का स्तर और तीखा कर दिया है। एक तरफ कांग्रेस इसे विरोध का प्रतीक बता रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे “घमंड और अराजकता” का उदाहरण बताकर सीधे हमले कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमाने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।



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