सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में बोले सीएम मोहन यादव- 12 लाख करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर आया
34 लाख करोड़ में से 30 फीसदी निवेश आया
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विभिन्न समिट और निवेश बैठकों के जरिए करार किए हैं। इन करारों की कुल राशि 34 लाख करोड़ रुपए है। इसमें से 30 फीसदी यानी 12 लाख करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर आ चुका है। इन निवेश परियोजनाओं के होर्डिंग्स भी लग गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने जापान दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जापान में निवेशकों को हाथोंहाथ जमीन आवंटित कर दी गई थी।
महीनों में नहीं, मिनटों में होते हैं फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का काम मुद्दों को लटकाना या भटकाना नहीं है। हम महीनों की जगह मिनटों में समस्याओं का समाधान करते हैं। यहां फाइलों की जगह फैसले होते हैं। समस्याओं की जगह समाधान और संभावनाओं की जगह परियोजनाएं होती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ढाई साल में 25 से ज्यादा सेक्टरों के लिए नीतियां बनाई हैं। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने में जुटा है। प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और एनर्जी सहित सभी सेक्टरों में प्रदेश प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित होगी। उन्होंने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों को इसमें शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मंत्री कैलाश बोले- भीड़तंत्र लोकतंत्र को बदनाम कर रहा
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश निवेश के लिए बेहतर बना है। प्रदेश निवेशकों के लिए सुरक्षित राज्य के रूप में उभरा है। विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ लोग भीड़तंत्र के नाम पर लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं। वे संवैधानिक संस्थाओं की छवि भी खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को छोड़कर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे देश में परिपक्व लोकतंत्र है।
मुख्य सचिव ने बताईं मध्य प्रदेश की तीन खूबियां
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने मध्य प्रदेश की तीन प्रमुख खूबियां बताईं। उन्होंने कहा कि इन खूबियों के कारण प्रदेश निवेश के लिए पहली पसंद बनता है।
पहली खूबी: हड़ताल नहीं, स्थायी कर्मचारी
मुख्य सचिव ने कहा कि मध्य प्रदेश में हड़ताल नहीं होती है। यहां के लोग अपने प्रदेश में ही रहना चाहते हैं। ऐसे में उद्योग लगाने पर स्थानीय कर्मचारी काम छोड़कर नहीं जाएंगे।
दूसरी खूबी: आसानी से मिलेंगी मंजूरियां
मुख्य सचिव ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रदेश की दूसरी खूबी बताया। उन्होंने कहा कि हम केवल सिंगल विंडो सिस्टम की बात नहीं कर रहे हैं।
किसी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने पर उद्योगपतियों को अलग-अलग कार्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। संबंधित विभाग वहीं सभी जरूरी मंजूरियां उपलब्ध कराएगा।
तीसरी खूबी: प्रतिभाओं की कमी नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में ग्लोबल स्किल (Global Skill) सेंटर भी मौजूद है। इससे उद्योगों को कुशल कर्मचारी मिल सकेंगे।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी मौजूद रहे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनके अलावा विभिन्न उद्योगपति और निवेशक भी उपस्थित रहे।