वरिष्ठ जिला पंजीयक नायडू का ट्रांसफर आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने बदले की भावना वाला माना

Sanjay Gupta | Mar 26, 2026, 23:22 IST
naidu transfer
Indore: वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर अमरेश नायडू का ट्रांसफर आदेश रद्द कर दिया गया है। इंदौर हाईकोर्ट ने इसे मप्र शासन की बदले की कार्रवाई माना।

वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू का 21 जुलाई 2025 को रतलाम किया गया ट्रांसफर आदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इसे मप्र शासन की प्रतिशोधात्मक (बदले) की भावना बाला माना। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के लिए ही ट्रांसफर आदेश होते हैं। लेकिन इसमें घटना और शासन के दो पत्र से यह प्रशासनिक आदेश नहीं लग रहा है। साथ ही हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि जब ट्रांसफर आदेश 21 जुलाई को हो गया है तो फिर 30 जुलाई को 8 दिन की देरी से क्यों याचिकाकर्ता को ईमेल से भेजा गया। इन सब से लग रहा है की प्रतिशोध के रूप में आदेश बाद में किया गया है।



इसलिए हाईकोर्ट ने बदले की भावना वाला माना

नायडू ने तर्क दिया था कि ईओडब्ल्यू ने 5 जुलाई 2025 को उनके खिलाफ एफआईआर की। इसके खिलाफ उन्होंने 28 जुलाई को याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट में केस 29 जुलाई को लिस्ट हुआ और केस डायरी मांगी गई। सुनवाई 1 अगस्त को तय की गई। लेकिन इसी दौरान 30 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर उन्हें रतलाम ट्रांसफर का आदेश ई मेल से मिला। लेकिन उसी दौरान उप सचिव वाणिज्यिक कर विभाग ने आईजी (महानिरीक्षक पंजीयन) को पत्र लिखा और ईओडब्ल्यू में एफआईआर होने के कारण ट्रांसफर करना बताया। जबकि 1 अगस्त को डिवीजन बेंच हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू की एफआईआर पर आगे कार्रवाई को स्टे कर दिया था।



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13 साल में सात बार ट्रांसफर

वहीं, नायडू ने यह भी तर्क दिया कि उनका 13 साल में सात बार ट्रांसफर हो चुका है, यानी हर 22 माह में एक बार। इससे साबित होता है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा टारगेट किया जा रहा है और बदले की भावना से ही ट्रांसफर किया गया।



इसके पहले डिवीजन बेंच ने स्टे हटाया था

इसके पहले 17 मार्च 2026 को ही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नायडू के ट्रांसफर पर लगाया स्टे हटा दिया था। बेंच ने कहा था कि उन्होंने ईओडब्ल्यू की एफआईआर पर राहत मांगी थी ना की ट्रांसफर आदेश पर। इसलिए स्टे हटाया जाता है। इस आदेश के तत्काल बाद नायडू ने ट्रांसफर के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें अब आदेश रद्द कर दिया गया है।



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