सस्पेंड आरक्षक विवेकानंद तिवारी का इस्तीफा नामंजूर, पत्नी की कमाई पर सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- शहडोल के निलंबित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी का इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं हुआ है।
- सस्पेंशन के बाद उन्होंने खुद विभाग को इस्तीफा सौंपा था।
- अब उनकी पत्नी की आय को लेकर भी जांच शुरू हो गई है।
- यह जांच यातायात प्रभारी संजय जायसवाल को सौंपी गई है।
- तिवारी सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाले पुलिसकर्मी हैं।
मध्य प्रदेश के शहडोल में सस्पेंडेड हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी का मामला लगातार सुर्खियों में है। सस्पेंशन के बाद उन्होंने विभाग को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। बावजूद इसके अब तक इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है। इसी बीच विभाग ने उनकी पत्नी की आय से जुड़े मामलों की जांच भी शुरू कर दी है।
तिवारी यातायात शाखा शहडोल में तैनात थे। सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा को लेकर बनाए गए उनके वीडियो काफी लोकप्रिय रहे हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 33 लाख फॉलोअर्स हैं। फेसबुक पर यह संख्या 65 लाख से ज्यादा है। यूट्यूब पर भी उनके 87 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुड़े हैं।
विवेकानंद तिवारी क्यों हुए थे निलंबित
पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने तिवारी को निलंबित किया था। आदेश में कहा गया कि वे 19 मई 2026 से लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर थे। इसके अलावा उन आरोप लगा कि वे निजी लाभ के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर रहे थे। विभाग ने इसे पुलिस रेग्यूलेशन 64 का उल्लंघन माना।
तिवारी ने इन आरोपों को नकारा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दस्तावेज भी साझा किए। उनका कहना है कि उन्होंने फोन के जरिए थाने को सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि वे मानसिक तनाव और अनिद्रा से जूझ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने सात दिन की मेडिकल छुट्टी मांगी थी।
क्यों अटका इस्तीफा
सस्पेंशन के तुरंत बाद तिवारी ने अपना इस्तीफा विभाग को सौंप दिया था। लेकिन विभाग ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। इससे तिवारी की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती दिख रही हैं। इस बीच उनके खिलाफ नई जांच भी शुरू हो गई है।
पत्नी की आय पर भी सवाल
सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने अब तिवारी की पत्नी की आय से जुड़े मामलों की जांच शुरू की है। यह जांच यातायात प्रभारी संजय जायसवाल को सौंपी गई है।हालांकि इस बारे में विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह जांच किन बिंदुओं पर केंद्रित है, इसका खुलासा नहीं हुआ है।
सस्पेंशन के बाद भी वीडियो जारी
सस्पेंशन के बावजूद तिवारी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। हाल ही में इन्फ्लुएंसर विवेकानंद तिवारी ने बिना वर्दी के एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने वाहन चलाते समय इंडिकेटर के सही इस्तेमाल पर जानकारी दी। यह वीडियो 10 घंटे में ही डेढ़ करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। बाद में इसके व्यूज बढ़कर 2.1 करोड़ तक पहुंच गए हैं।
विभाग की स्थिति
शहडोल पुलिस ने पहले भी स्पष्टीकरण जारी किया था। विभाग का कहना है कि किसी कर्मचारी की लोकप्रियता उसे सरकारी दायित्वों से मुक्त नहीं करती है। बिना सूचना अनुपस्थित रहना और ड्यूटी के दौरान निजी गतिविधियां करना गंभीर लापरवाही मानी जाती है। फिलहाल यह पूरा मामला जांच के दायरे में है। आगे विभागीय कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
FAQ
- विवेकानंद तिवारी कौन हैं?
विवेकानंद तिवारी शहडोल यातायात पुलिस में प्रधान आरक्षक थे। वे सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा वीडियो के लिए मशहूर हैं।
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