साहब की दबंगई! महिला सरपंच से गाली-गलौज का आरोप, जिला पंचायत CEO घिरे
समझें क्या है पूरा मामला
- शहडोल में बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया।
- महिला सरपंच ने जिला पंचायत CEO पर आरोप लगाए।
- सरपंच समस्या लेकर जिला पंचायत कार्यालय गई थीं।
- आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई।
- आदिवासी समाज में घटना को लेकर आक्रोश है
चार महीने से बंद है पंचायत का ताला
जनपद पंचायत सोहागपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोडरी में पिछले चार महीनों से सचिव का पद खाली पड़ा है। इस वजह से ग्रामीणों के जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। गांव के विकास कार्य भी इससे प्रभावित हुए हैं। इसी समस्या को लेकर सरपंच गनेसिया कोल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO – Chief Executive Officer) शिवम प्रजापति के कार्यालय पहुंची थीं। उनका मकसद जमीनी हकीकत से CEO को अवगत कराना था।
समाधान मांगने पर मिला अपमान
सरपंच ने कमिश्नर को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि जब वे CEO के कक्ष में पहुंचीं तो हालात अचानक बिगड़ गए। उनके मुताबिक अधिकारी ने बात सुनने के बजाय गुस्से में चिल्लाना शुरू कर दिया। शिकायत में लिखा गया है कि CEO ने गाली-गलौज की। सरपंच का आरोप है कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
सरपंच का दर्द, किससे कहें अपनी बात
पीड़ित सरपंच गनेसिया कोल ने अपनी आपबीती कमिश्नर को सौंपे पत्र में विस्तार से बताई है। उनका कहना है कि जब वे अपनी बात लेकर साहब के कक्ष में गईं तो समस्या सुनना तो दूर, चिल्लाना और गाली-गलौज शुरू हो गया। सरपंच के मुताबिक अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर उन्हें वहां से भगा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पंचायत की दुर्दशा जिले के मुखिया को नहीं बताएंगे तो फिर किससे शिकायत करें।
प्रशासनिक गलियारे में मचा हड़कंप
घटना के तुरंत बाद पीड़ित सरपंच शहडोल संभाग के कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कमिश्नर कार्यालय ने इस शिकायत को आधिकारिक तौर पर रिसीव कर लिया है। इस घटना के बाद जिले के आदिवासी समाज और अन्य जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि सरकार और कमिश्नर इस अधिकारी के खिलाफ क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।
CEO पर गंभीर आरोप
ग्राम पंचायत बोडरी की सरपंच गनेसिया कोल ने शिकायत की है। उन्होंने कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में CEO पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सरपंच का आरोप है कि CEO ने उनकी बात नहीं सुनी। CEO ने गाली-गलौज कर कार्यालय से भगा दिया।
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