टीचर का तबादला रुकवाने डीईओ के पास पहुंचे मासूम, आरोप- शिक्षक सिखा-पढ़ाकर लाए थे

Pawan Modiya | Jul 06, 2026, 23:23 IST
शाजापुर में शिक्षक का तबादला
शाजापुर में मेहंदी गांव के 10 से 15 बच्चे डीईओ कार्यालय पहुंचे। बच्चे शिक्षक अरशदुल्लाह पठान का तबादला रुकवाने आए थे और प्राचार्य पर मारपीट का आरोप लगाया। डीईओ ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • शाजापुर में डीईओ कार्यालय पहुंचे मेहंदी गांव के 10-15 बच्चे।
  • बच्चों की उम्र 5 से 10 साल के बीच बताई गई है।
  • बच्चों ने शिक्षक अरशदुल्लाह पठान का तबादला रुकवाने की मांग की।
  • बच्चों ने प्राचार्य नरेश उगले पर मारपीट के आरोप लगाए।
  • डीईओ दीपा किर ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

अचानक पहुंचे मासूम बच्चे

शाजापुर में शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मेहंदी गांव के 10 से 15 छोटे बच्चे डीईओ (District Education Officer) कार्यालय पहुंच गए। यह पूरी घटना सोमवार सुबह की है। पूरे इलाके में यह खबर तेजी से फैल गई। बच्चों की उम्र 5 से 10 साल के बीच बताई गई है। मेहंदी गांव जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर है। दफ्तर में बच्चों को देख वहां मौजूद अधिकारी और स्टाफ भी हैरान रह गए।



बच्चे शिक्षक अरशदुल्लाह पठान का तबादला रुकवाने की मांग कर रहे थे। पठान का तबादला कालापीपल के लिए हुआ है। बच्चे चाहते थे कि यह तबादला रद्द हो जाए। वे लगातार अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। इसी बीच बच्चों ने प्राचार्य नरेश उगले पर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि प्राचार्य उनसे छोटे-मोटे काम करवाते हैं। साथ ही मारपीट करने का आरोप भी लगाया। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें डांटा भी जाता है। इन गंभीर आरोपों के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामला अब शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोग भी इस घटना पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।



मैडम के सामने क्या बोलना है

घटना के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया। डीईओ कार्यालय में मौजूद लोगों ने कुछ अहम बातें बताईं। उनके मुताबिक शिक्षक अरशदुल्लाह पठान बच्चों से बात कर रहे थे। यह बातचीत डीईओ के आने से ठीक पहले हो रही थी। वे बच्चों को समझा रहे थे कि मैडम के सामने क्या कहना है। जैसे ही जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर वहां पहुंचीं, यह बातचीत तुरंत रुक गई। बच्चे भी अचानक शांत हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और संदिग्ध बना दिया। मौजूद कर्मचारियों ने भी इस बदलाव को साफ महसूस किया। कई लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बच्चों को किसने भेजा। कुछ लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह सुनियोजित लग रहा था। हालांकि अभी इस पर कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा।



स्कूल से चुपचाप निकले बच्चे

बच्चे घर से यह कहकर निकले थे कि वे स्कूल जा रहे हैं। लेकिन असल में वे ऑटो रिक्शा में बैठ गए। इसके बाद वे सीधे डीईओ कार्यालय पहुंच गए। स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य दोनों ही कुछ नहीं बता पाए। किसी को नहीं पता कि बच्चों को वहां कौन लेकर गया। इतनी कम उम्र के बच्चे इतनी दूर कैसे पहुंचे। यह अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। कई लोगों का मानना है कि बच्चों को किसी के इशारे पर भेजा गया। कुछ अभिभावकों ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बच्चों को इस विवाद में नहीं घसीटना चाहिए था। पूरी स्थिति जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। तब तक कयासों का दौर जारी रहेगा। गांव में भी इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।



41 बच्चों के स्कूल में हैं 6 शिक्षक

मेहंदी गांव के इस स्कूल में कुल 41 विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां 6 शिक्षक पदस्थ हैं। प्राचार्य नरेश उगले का तबादला शाजापुर के लिए हो चुका है। वहीं शिक्षक अरशदुल्लाह पठान का तबादला कालापीपल के लिए हुआ है। इन दोनों तबादलों के बीच ही यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा नहीं है। इसलिए यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है। अभिभावकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोग शिक्षक के समर्थन में खड़े नजर आए। वहीं कुछ लोगों ने प्राचार्य का पक्ष भी लिया।



जांच में सामने आएगा सच

प्राचार्य नरेश उगले ने बच्चों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि तबादला रुकवाने के लिए बच्चों को समझाकर भेजा गया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि दोष सिद्ध होना अभी बाकी है। मारपीट के आरोप सही निकलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। बच्चों का इस्तेमाल तबादला रुकवाने में हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होगी। अगर यह बात सही निकली तो जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई तय है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। तब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।



जरूरी FAQ

शाजापुर में डीईओ कार्यालय क्यों पहुंचे बच्चे?



मेहंदी गांव के 10 से 15 बच्चे शिक्षक अरशदुल्लाह पठान का तबादला रुकवाने के लिए डीईओ कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने प्राचार्य नरेश उगले पर मारपीट के आरोप भी लगाए। इसके बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी।



बच्चों ने प्राचार्य पर क्या आरोप लगाए?



बच्चों ने कहा कि प्राचार्य नरेश उगले उनसे छोटे-मोटे काम करवाते हैं और मारपीट भी करते हैं। प्राचार्य ने इन आरोपों को निराधार बताया है। जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा।



प्रशासन ने इस मामले में क्या कहा?



जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि आरोप सही निकलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। बच्चों के इस्तेमाल की भी जांच होगी।



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