पीड़ित महिलाओं को एमपी पुलिस देगी खुद का रोजगार, शक्ति कैफे चलाकर बनेंगी स्वावलंबी
Bhopal Shakti Cafe: मध्य प्रदेश पुलिस ने महिलाओं के सम्मान के लिए एक नई पहल की है। अपराध और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को अब नया जीवन मिलेगा। वे अब केवल मदद की गुहार नहीं लगाएंगी। पुलिस उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाएगी। इसके लिए भोपाल में शक्ति कैफे की शुरुआत की गई है।
ये कैफे अपराध और हिंसा प्रभावित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। इसे जीआरपी मुख्यालय के पास संचालित किया जा रहा है। महिलाओं को इसके जरिए पीएम मुद्रा योजना के तहत लोन भी दिलाया जा रहा है। साथ ही पुलिस ने ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधी रात पेट्रोलिंग भी शुरू की है। आइए इस नई पहल के बारे में जानें...
क्यों शुरू हुई यह पहल
DIG सामुदायिक पुलिसिंग विनीत कपूर ने बताया कि शक्ति कैफे का कोर पर्पस अपराध और हिंसा से प्रभावित महिलाओं की मदद करना है। यह मदद सिर्फ फाइनेंसियल असिस्टेंस तक सीमित नहीं रखी गई है। पुलिस चाहती है कि ये महिलाएं अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनें और खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
इस योजना की शुरुआत साल 2022 में हुई थी। उस समय शहरी क्षेत्रों के लिए सेफ सिटी और ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सेफ टूरिज्म जैसी कॉन्सेप्ट्स सामने आई थीं। इन्हीं कॉन्सेप्ट्स के तहत शक्ति कैफे को तैयार किया गया है।
पुलिस थानों के पास बनेंगे कैफे
यह पहल खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है, जो हिंसा या किसी अन्य परिस्थिति के कारण संघर्ष कर रही हैं। ऐसी महिलाएं जो अपने जीवन को दोबारा आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं, उन्हें इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा।
भोपाल पुलिस का मानना है कि आर्थिक मजबूती मिलने पर महिलाएं हिंसा के दुष्चक्र से बाहर निकल सकेंगी। ऐसे कैफे पुलिस थानों या इम्पोर्टेन्ट पब्लिक प्लेसेस के पास भी खोले जाएं।
इसके पीछे सोच यह है कि महिलाओं को सुरक्षा और सहायता आसानी से मिल सके। कैफे मैनेजमेंट के दौरान अगर किसी महिला को कोई दिक्कत होती है, तो पुलिस सहायता तुरंत मिल सकेगी।
मुद्रा योजना से मिलेगा लोन
कैफे शुरू करने के लिए महिलाओं को पीएम मुद्रा योजना PMMY (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत छोटे कारोबार शुरू करने के लिए बिना गारंटी लोन दिया जाता है। इससे महिलाओं को कैफे शुरू करने में शुरुआती आर्थिक अड़चन नहीं आएगी। लोन के साथ-साथ महिलाओं को कैफे चलाने की ट्रेनिंग भी दिया जा रहा है।
यह ट्रेनिंग विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से दिलाया जा रहा है, ताकि महिलाएं कैफे को बेहतर तरीके से चला सकें और यह आर्थिक रूप से टिकाऊ बने। इस तरह महिलाओं को बिजनेस शुरू करने और उसे चलाने, दोनों में मदद मिलेगी। महिला सशक्तिकरण
ट्रेनों में भी बढ़ेगी सुरक्षा
भोपाल में रेल पुलिस ने ट्रेनों में अपराध कम करने के लिए भी नई पहल शुरू की है। जिन ट्रेनों में सबसे ज्यादा अपराध घटित होते हैं, वहां अब आधी रात पेट्रोलिंग की जाएगी। इसकी शुरुआत जबलपुर से हुई है, जहां RPF (Railway Protection Force) और GRP (Government Railway Police) के 20 जवान मिलकर जॉइंट ऑपरेशन चला रहे हैं।
चिन्हित की गई ट्रेनों में यह पेट्रोलिंग आधी रात से शुरू होकर तय समय पर स्टेशन पहुंचने के बाद वहां से रवाना होगी। ट्रेनों के भीतर आसपास एक्टिव सस्पेक्ट्स की भी निगरानी की जाएगी। रेल के डीजी राजाबाबू सिंह ने बताया कि जीआरपी और आरपीएफ मिलकर ट्रेनों में अपराध कम करने के लिए संयुक्त ऑपरेशन चला रहे हैं।
इसमें सबसे ज्यादा इंसिडेंट वाली ट्रेनों को चिन्हित किया गया है। पुलिस का इरादा है कि इस मॉडल को धीरे-धीरे और शहरों और पुलिस थानों तक फैलाया जाए। इससे ज्यादा से ज्यादा हिंसा प्रभावित महिलाओं को रोजगार और सुरक्षा दोनों का लाभ मिल सकेगा।
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