भाजपा से जुड़ी पोस्ट गायब, पूर्व विधायक शशांक भार्गव फिर कांग्रेस में लौटेंगे?
समझें क्या है पूरा मामला
- विदिशा के पूर्व विधायक शशांक भार्गव की भाजपा पोस्ट सोशल मीडिया से गायब हुई हैं।
- इससे कयास लग रहे हैं कि वे फिर कांग्रेस में लौट सकते हैं।
- भार्गव 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
- भाजपा में जिम्मेदारी न मिलने से नाराजगी की चर्चा भी चल रही है।
- भार्गव ने कहा है, पोस्ट हटने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विदिशा के पूर्व विधायक शशांक भार्गव फिर सुर्खियों में हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से भाजपा से जुड़ी पोस्ट गायब हो गई हैं। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या भार्गव अब दोबारा कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इसी सवाल को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कौन हैं शशांक भार्गव
शशांक भार्गव विदिशा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2018 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। उस चुनाव में उन्होंने जीत भी दर्ज की थी। लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार मिली। इसके बाद उनकी राजनीति ने नया मोड़ लिया।
भाजपा में क्यों बढ़ी नाराजगी
2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भार्गव ने कांग्रेस छोड़ दी थी। उनके साथ उनके राजनीतिक गुरु सुरेश पचौरी भी पार्टी छोड़ चुके थे। सुरेश पचौरी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। दोनों नेता साथ में भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा जॉइन करने के बाद कुछ बड़ी उम्मीदें जगी थीं। माना जा रहा था कि भार्गव को संगठन में जगह मिलेगी। यह भी उम्मीद थी कि उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। राजनीतिक हलकों में यही नाराजगी की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
किसान आंदोलन और केस
इसी बीच अप्रैल 2026 में भार्गव किसानों के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे थे। उसी दौरान एक बड़ी घटना सामने आई। विदिशा जिले के बेहलोट गांव के किसान गोविंद गुर्जर ने आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक आत्महत्या से पहले किसान ने कुछ वीडियो बनाए थे। इन वीडियो में उसने भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस जांच के बाद भार्गव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। यहां यह बताना जरूरी है कि अदालत में दोष अभी सिद्ध होना बाकी है। केस दर्ज होने के बाद भार्गव सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे। यह दूरी करीब 90 दिनों तक बनी रही।
सोशल मीडिया से भाजपा गायब
हाल ही में भार्गव को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि उनकी सक्रियता फिर बढ़ेगी। लेकिन इसी बीच एक नई खबर सामने आई। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से भाजपा से जुड़ी ज्यादातर पोस्ट हट गईं। इसी घटना ने कांग्रेस वापसी की चर्चा को हवा दे दी।
भार्गव के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाजपा से जुड़ी तस्वीरें अब नहीं दिख रहीं। वीडियो और पोस्ट भी वहां से गायब हो चुके हैं। वहीं कांग्रेस के समय की पुरानी पोस्ट अब भी अकाउंट पर मौजूद हैं। राजनीतिक जानकार इसे एक बड़ा संकेत मान रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह घर वापसी की तैयारी हो सकती है। कुछ इसे सिर्फ तकनीकी बदलाव भी बता रहे हैं।
समर्थक का दावा
भार्गव के एक समर्थक देवेंद्र कुमार ने इस पर अपनी बात रखी। रिपोर्ट्स के मुताबिक देवेंद्र कुमार का एक दावा सामने आया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। इसके अगले ही दिन ज्यादातर पोस्ट अकाउंट से हट गई थीं। उनके मुताबिक भाजपा में शामिल होने के बाद की तस्वीरें हटाई गईं। इससे कांग्रेस वापसी के कयासों को और बल मिला है। यह जानकारी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हो पाई है।
कांग्रेस में हलचल?
विदिशा में कांग्रेस के कुछ पुराने कार्यकर्ता अब भी भार्गव से जुड़े हैं। ऐसे में कयास हैं कि पार्टी में उनकी वापसी आसान हो सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। यह चुप्पी भी अटकलों को और बढ़ा रही है।
अभी सिर्फ कयास
शशांक भार्गव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भाजपा की तरफ से भी इस पर कुछ नहीं कहा गया है। भार्गव का कहना है कि वे लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं। उनका यह भी कहना है कि पोस्ट हटने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस वापसी को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। ये सभी अनुमान फिलहाल कयास ही हैं। कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। आने वाले दिनों में भार्गव की गतिविधियां ही इस सवाल का जवाब देंगी। तब तक यह मामला सिर्फ अटकलों तक सीमित रहेगा।
विदिशा की राजनीति में भार्गव का नाम हमेशा से चर्चित रहा है। वे कांग्रेस के समय में भी मुखर नेता माने जाते थे। भाजपा में आने के बाद भी उनकी सक्रियता कम नहीं हुई थी। यही वजह है कि यह बदलाव आम लोगों को भी चौंका रहा है। जिले के कई कार्यकर्ता इस पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं। कुछ का मानना है कि यह सिर्फ निजी फैसला हो सकता है। वहीं कुछ लोग इसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल भार्गव खुद इस पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
जरूरी FAQs
क्या शशांक भार्गव कांग्रेस में वापस जा रहे हैं?
अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके सोशल मीडिया से भाजपा पोस्ट हटने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं। भार्गव या भाजपा, दोनों की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है। कांग्रेस ने भी इस पर चुप्पी साध रखी है।
भार्गव की भाजपा में नाराजगी की वजह क्या है?
भाजपा जॉइन करने के बाद उन्हें संगठन या सरकार में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। राजनीतिक हलकों में इसे नाराजगी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
भार्गव पर दर्ज केस का इससे क्या संबंध है?
भार्गव पर किसान गोविंद गुर्जर की आत्महत्या के मामले में केस दर्ज है। हाल ही में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली। समर्थकों के मुताबिक जमानत मिलने के अगले दिन ही भाजपा पोस्ट हटीं। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, दोष सिद्ध होना बाकी है।
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