श्रीकृष्ण की 14 विद्याओं पर प्रतियोगिता, छात्रों को मिलेगी एक लाख की छात्रवृत्ति
समझें क्या है पूरा मामला
- श्रीकृष्ण पाथेय न्यास ने विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति प्रतियोगिता शुरू की है।
- प्रतियोगिता श्रीकृष्ण की 14 विद्याओं और 64 कलाओं पर आधारित होगी।
- कक्षा 9 से 12 और उच्च शिक्षा के विद्यार्थी इसमें भाग ले सकेंगे।
- प्रतियोगिता में चयनित 102 विद्यार्थियों को 1 लाख रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी।
- मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता में भाग लेना निःशुल्क है।
क्या है छात्रवृत्ति योजना
मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू हुई है। इसका नाम भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना रखा गया है। इस योजना का संचालन श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल कर रहा है। न्यास संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन से जुड़ा हुआ है।
योजना का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा से विद्यार्थियों को जोड़ना है। इसके लिए विशेष प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का विषय भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा से जुड़ा है। इसमें श्रीकृष्ण की 14 विद्याओं और 64 कलाओं को शामिल किया गया है।
प्रतियोगिता में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। विद्यार्थियों को महर्षि सांदीपनि के आश्रम से जुड़ी जानकारी पढ़नी होगी। श्रीकृष्ण की शिक्षा और उनके जीवन से जुड़े विषय महत्वपूर्ण होंगे।
कौन विद्यार्थी भाग ले सकेंगे
इस प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी पात्र होंगे। मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थी भी पात्र हैं। महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं। यानी प्रतियोगिता को दो अलग वर्गों में रखा गया है।
पहला वर्ग विद्यालय स्तर का होगा। दूसरा वर्ग महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर का होगा। प्रतियोगिता के नियमों में मध्य प्रदेश से जुड़ी शर्त भी है। विद्यार्थी मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। वह लगातार पांच वर्षों से मध्य प्रदेश में पढ़ रहा हो। ऐसे विद्यार्थी भी पात्रता की शर्त पूरी कर सकते हैं।
उच्च शिक्षा वाली प्रतियोगिता में अलग संस्थान की शर्त नहीं है। विद्यार्थी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में अध्ययनरत होना चाहिए। प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए भी अवसर दिया गया है।
प्रतियोगिता में कैसे सवाल होंगे
प्रतियोगिता में कुल 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। हर प्रश्न में केवल एक विकल्प सही होगा। सही उत्तर देने पर एक अंक मिलेगा। गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटा जाएगा।
प्रतियोगिता के लिए कुल 10 मिनट का समय निर्धारित है। समय पूरा होने के बाद प्रविष्टि अपने आप जमा होगी। इसलिए विद्यार्थियों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा।
प्रतियोगिता का विषय सामान्य ज्ञान से अलग रखा गया है। सवाल श्रीकृष्ण की शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से होंगे। महर्षि सांदीपनि के आश्रम का संदर्भ भी महत्वपूर्ण रहेगा।
श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित 14 विद्याओं का अध्ययन जरूरी होगा। इसके साथ 64 कलाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषय भी परीक्षा में रहेंगे।
आवेदन में क्या जानकारी देनी होगी
https://shrikrishnapatheynyas.com पर आवेदन करना होगा। इस दौरान विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी देनी होगी। इसमें नाम, पता और जिले की जानकारी शामिल होगी। विद्यार्थी को अपना ईमेल और मोबाइल नंबर भी देना होगा। शिक्षा और वर्तमान संस्थान की जानकारी भी मांगी जाएगी। गलत जानकारी देने पर चयन प्रभावित हो सकता है।
कैसे होगा विद्यार्थियों का चयन
चयन प्रक्रिया को जिला स्तर से शुरू किया जाएगा। हर जिले से दोनों वर्गों में विद्यार्थियों का चयन होगा। नियमों के अनुसार 50-50 विद्यार्थियों का चयन बताया गया है। इस तरह प्रत्येक जिले से 100 विद्यार्थी चुने जाएंगे।
इसके बाद सभी जिलों की सूची तैयार होगी। दोनों वर्गों के लिए अलग प्रदेश स्तरीय सूची बनेगी। प्रदेश स्तरीय सूची से विजेताओं का चयन किया जाएगा।
नियमों के मुताबिक निर्णायक मंडल के सामने चयन होगा। विजेताओं के चयन के लिए लॉटरी का तरीका बताया गया है।
चयन के बाद परिणाम वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को ईमेल और मोबाइल से सूचना मिलेगी।
यह प्रक्रिया लिखित परीक्षा के सामान्य परिणाम से अलग है। अच्छे अंक हासिल करना प्रदेश स्तर तक पहुंचने का आधार होगा। अंतिम विजेता चयन की प्रक्रिया नियमों के अनुसार होगी।
छात्रवृत्ति कितनी मिलेगी
चयनित 102 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। हर चयनित विद्यार्थी को 1 लाख रुपए मिलेंगे। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी पात्र विद्यार्थी निःशुल्क प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
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