सिंहस्थ 2028 से पहले एमपी में होटल कारोबार में उछाल, जुड़ेंगे 2500 नए कमरे

Jitendra Shrivastava | Aug 11, 2026, 17:01 IST
Share
सिंहस्थ 2028 से पहले एमपी में होटल कारोबार में उछाल
Photograph: (THESOOTR)

UJJAIN. सिंहस्थ 2028 से पहले मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में 2500 से ज्यादा नए होटल कमरे जुड़ेंगे। इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में निवेश बढ़ रहा है। सड़क, घाट और पानी की सुविधाओं पर भी काम तेज हो गया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सिंहस्थ 2028 से पहले मालवा में जुड़ेंगे 2500 नए होटल कमरे।
  • इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर में होटल कारोबार को मिली नई रफ्तार।
  • धार्मिक पर्यटन से मध्य प्रदेश के हॉस्पिटैलिटी बाजार में उछाल।
  • सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़क-घाट, पानी की सुविधाएं बढ़ीं।
  • अयोध्या वाराणसी जैसा ट्रेंड अब मध्य प्रदेश में भी दिखा।
मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। इसका सीधा असर राज्य के होटल कारोबार पर दिख रहा है। सिंहस्थ 2028 से पहले मालवा क्षेत्र में 2500 से ज्यादा नए कमरे जुड़ेंगे। यह विस्तार इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर इस निवेश की बड़ी वजह हैं।

मालवा में तेज हुआ निवेश

भारत में धार्मिक पर्यटन का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अब मध्य प्रदेश की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर साफ दिखने लगा है।

सिंहस्थ 2028 से पहले मालवा क्षेत्र में तीन, चार और पांच सितारा श्रेणी के 2500 से ज्यादा नए होटल कमरे जुड़ने की उम्मीद है। यह पूरा विस्तार इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में केंद्रित है।

बेहतर कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन ( Religious tourism ) प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास इस निवेश की मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार मध्य प्रदेश में फिलहाल सभी श्रेणियों में 50,000 से ज्यादा होटल कमरे मौजूद हैं।

mp-hotel-boom
mp-hotel-boom


उज्जैन बना निवेश का केंद्र

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया की मध्य प्रदेश समिति के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि सिंहस्थ से पहले मालवा क्षेत्र में 2500 से ज्यादा कमरे जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह विस्तार खासतौर पर इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में होगा।

उज्जैन इस पूरे निवेश का सबसे बड़ा ट्रिगर बना हुआ है। यहां सड़क, पुल, घाट, पानी की सप्लाई, सैनिटेशन और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम हो रहा है। यह सारा काम सिंहस्थ को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पर भी काम चल रहा है। इससे मल्टी-डेस्टिनेशन ट्रैवल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यानी श्रद्धालु एक ही यात्रा में कई धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे।

नर्मदा बेल्ट में भी दिख रहा असर

ओंकारेश्वर और महेश्वर को मिलाकर बना नर्मदा बेल्ट भी अब एक नया हॉस्पिटैलिटी कॉरिडोर बनकर उभर रहा है। नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इससे इस इलाके में भी होटल निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। धार्मिक पर्यटन से जुड़े कारोबारी इस क्षेत्र को लेकर आशान्वित दिख रहे हैं।

mp-hotel-boom (2)
mp-hotel-boom (2)


भोपाल में भी बढ़ी होटल मांग

राजधानी भोपाल में भी होटल निवेश बढ़ता दिख रहा है। यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से नई हॉस्पिटैलिटी परियोजनाएं आकर्षित हो रही हैं।

भोपाल अब आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का एक बड़ा गेटवे बनता जा रहा है। हनुमान लोक, देवी लोक और पशुपतिनाथ लोक जैसे धार्मिक पर्यटन प्रोजेक्ट भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इसके अलावा चित्रकूट, मैहर और अमरकंटक के आसपास भी विकास कार्य हो रहे हैं। इससे राज्य के अन्य हिस्सों में भी होटल मांग बढ़ने की उम्मीद है।

अयोध्या-वाराणसी जैसा ट्रेंड

मध्य प्रदेश में दिख रहा यह ट्रेंड अयोध्या और वाराणसी से मिलता-जुलता है। वहां बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर ने होटल और पर्यटन से जुड़े निवेश को रफ्तार दी थी।

अब मालवा और नर्मदा बेल्ट में भी वैसा ही निवेश चक्र शुरू होता दिख रहा है। सिंहस्थ 2028 इस पूरे बदलाव का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

एक्सपर्ट कोट्स

सिंहस्थ से पहले मालवा क्षेत्र में 2500 से ज्यादा कमरे जुड़ने की उम्मीद है, मुख्य रूप से इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में।
-सुमित सूरी, चेयरमैन, मध्य प्रदेश समिति, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया)

FAQ

  1. सिंहस्थ 2028 से पहले मध्य प्रदेश में कितने नए होटल कमरे जुड़ेंगे?
    मालवा क्षेत्र में 2500 से ज्यादा नए होटल कमरे जुड़ने की उम्मीद है। यह विस्तार मुख्य रूप से इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और कालाकुंड में होगा। यह अनुमान उद्योग जगत के आंकड़ों पर आधारित है।
  2. मध्य प्रदेश में फिलहाल कितने होटल कमरे मौजूद हैं?
    राज्य में अभी सभी श्रेणियों में 50,000 से ज्यादा होटल कमरे हैं। यह आंकड़ा उद्योग अनुमानों पर आधारित है। सिंहस्थ से पहले इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
  3. कौन-कौन से शहर होटल निवेश के केंद्र बन रहे हैं?
    इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, कालाकुंड और महेश्वर प्रमुख केंद्र हैं। नर्मदा बेल्ट और भोपाल में भी मांग बढ़ रही है। यह पूरा विस्तार धार्मिक पर्यटन से जुड़ा हुआ है।
ये खबरें भी पढ़ें...

सिंहस्थ 2028: AI की मदद से ऐतिहासिक बनेगा कुंभ मेला, मिलेंगी हाई-टेक सुविधाएं

सिंहस्थ 2028 से पहले एमपी में बड़ा कदम, भोपाल में बनेगा कमांडो ट्रेनिंग सेंटर

उज्जैन सिंहस्थ 2028 में स्थायी निर्माण पर रोक, ढीले अफसरों पर भी दर्ज होगी FIR

सिंहस्थ 2028: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए सीएम मोहन यादव ने गिनाई सुविधाएं

Tags:
  • उज्जैन
  • मालवा
  • होटल
  • सिंहस्थ 2028
  • religious tourism
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा