कलेक्टर के नाम वाली श्रीराम मंदिर की जमीन पर शराब दुकान, 36 लाख किराया ले रहे विधायक के रिश्तेदार
इंदौर में सिरपुर इलाके में करीब 20 साल से सरकारी शराब दुकान संचालित हो रही है। यह जगह तहसील मल्हारगंज और इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र में आती है। जिस जमीन पर यह दुकान चल रही है, उसका सर्वे नंबर 394 है और यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है।
इस जमीन के दो हिस्से हैं। इनमें से एक हिस्से पर कुछ लोगों ने 1991 में कोर्ट की डिक्री के जरिए अपना नाम दर्ज करा लिया था। वहीं दूसरा हिस्सा अभी भी श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक यानी कलेक्टर इंदौर के नाम पर दर्ज है। इसी हिस्से पर लंबे समय से शराब दुकान संचालित हो रही है।
जमीन को लेकर यह है राजस्व रिकॉर्ड
सर्वे नंबर 394/2 की जमीन करीब 32 हजार वर्गफीट में फैली हुई है। रिकॉर्ड के मुताबिक यह जमीन सीताराम दास ने बेची थी। इसके बाद जून 1991 में जिला कोर्ट की डिक्री के जरिए यह जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज हो गई। अभी राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन साधना पति प्रकाश के नाम पर दर्ज है।
जब यह जमीन आगे बेची गई और अयाज खान ने अक्टूबर 2025 में नामांतरण के लिए आवेदन किया, तब सामने आया कि यह जमीन सरकारी है। इसके बाद जिला प्रशासन ने कोर्ट में आवेदन देकर पुरानी डिक्री को निरस्त करने की मांग की। फिलहाल यह मामला फिर से कोर्ट में चल रहा है।
अब दूसरा टुकड़ा, इस पर शराब दुकान है
जांच के दौरान सामने आया कि जमीन का दूसरा हिस्सा सर्वे नंबर 394/1 है। यह जमीन श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक यानी कलेक्टर इंदौर के नाम पर दर्ज है। इसी जमीन के आगे वाले हिस्से में करीब 4200 वर्गफीट जगह पर सिरपुर की सरकारी शराब दुकान संचालित हो रही है। वहीं, जमीन के पीछे के करीब 25 हजार वर्गफीट हिस्से पर भी कब्जा होने की बात सामने आई है।
विधायक के रिश्तेदार दिलीप गौड़ ले रहे 36 लाख किराया
जब द सूत्र ने इस शराब दुकान को लेकर पूरी इन्वेस्टिगेशन की और दस्तावेज निकाले तो चौंकाने वाली बात सामने आई। इस दुकान पर पहले दिलीप गौड़ (इंदौर विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार, स्वर्गीय मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के भाई) का मानसरोवर नाम का होटल व बार चलता था। बाद में यह बंद हो गया और यहां पर सरकारी शराब दुकान खुल गई।
इस दुकान को लेकर शराब दुकानदार दिलीप सिंह गौड़ के साथ ही किरायानामा करार करते हैं। वर्तमान में शराब लाइसेंसी संजय शिवहरे और दिलीप सिंह गौड़ के बीच किरायानामा है। यह 36 लाख रुपए प्रति साल है।
3 लाख में दो लाख कैश, केवल 1 लाख चेक से
किरायानामे के मुताबिक इस दुकान का हर महीने का किराया 3 लाख रुपए तय किया गया है। यानी सालभर में 36 लाख रुपए किराया बनता है। दस्तावेजों के अनुसार, इसमें से 2 लाख रुपए हर महीने नकद लिए जाते हैं, जबकि 1 लाख रुपए चेक या बैंक खाते के जरिए दिए जाते हैं।
किरायानामे में यह जमीन बताई
किरायानामे में बताया गया है कि सिरपुर तालाब धार की यह शराब दुकान 13 बाय 68 फीट की है। इसके पीछे की तरफ बने गोदाम का आकार 21 बाय 67 वर्गफीट है। यह जगह वाइन शॉप के संचालन के लिए 3 लाख रुपए प्रति माह के किराए पर दी गई है।
दस्तावेजों के मुताबिक, लंबे समय से इस दुकान का किराया लिया जा रहा है। यह किराया गौड़ द्वारा लिया जा रहा है। खास बात यह है कि यह जमीन श्रीराम मंदिर के नाम दर्ज है और इसके व्यवस्थापक कलेक्टर इंदौर हैं।
क्या कह रहे हैं जिम्मेदार
दिलीप गौड़ का कहना है कि इस जमीन को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है। उनके मुताबिक जमीन उनके नाम पर है और यह निजी जमीन है, सरकारी नहीं है।
शराब दुकानदार शिवहरे ने बताया कि यह दुकान पिछले करीब 20 साल से संचालित हो रही है। पहले यहां होटल चलता था। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिलीप गौड़ से किरायानामा किया है और उसी के आधार पर किराया दे रहे हैं। उन्हें जमीन के रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं है। प्रशासन ने कुछ दिन पहले इस मामले में जानकारी मांगी थी, जो उपलब्ध करा दी गई है।
वहीं, इंदौर जिला प्रशासन (Indore News) के अधिकारियों का कहना है कि जमीन को लेकर जांच जारी है। एक हिस्से को लेकर प्रशासन ने कोर्ट में भी मामला दायर किया है।
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