IAS टॉपर्स की गुरु के साथ 1.89 करोड़ की ठगी, जानें कौन हैं शुभ्रा रंजन

Anjali Dwivedi | May 04, 2026, 18:26 IST
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UPSC की मशहूर टीचर शुभ्रा रंजन के साथ उनके ही पूर्व छात्र ने भोपाल में 1.89 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। टीना डाबी और इशिता किशोर जैसी टॉपर्स को पढ़ाने वाली शिक्षिका भरोसे का शिकार हो गईं।

देश के सबसे कठिन परीक्षा UPSC की तैयारी कराने वाली फेमस टीटर शुभ्रा रंजन के साथ भोपाल में हुई धोखाधड़ी की घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। यह खबर इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि जिस टीचर ने देश को आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारी दिए, उन्हें उनके ही एक पूर्व छात्र ने अपनी साजिश का शिकार बना लिया।



आइए जानते हैं कौन हैं शुभ्रा रंजन और कैसे एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत उनसे 1.89 करोड़ रुपए की ठगी की गई।



कौन हैं शुभ्रा रंजन?

शुभ्रा रंजन सिविल सेवा परीक्षा की दुनिया में एक बड़ा नाम हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली हैं और वर्तमान में एक प्रतिष्ठित आईएएस संस्थान की फाउंडर और डायरेक्टर हैं। वह मुख्य रूप से राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे महत्वपूर्ण विषयों की एक्सपर्ट मानी जाती हैं।



शुभ्रा रंजन कैसे बनी ठगी का जाल?

इतनी अनुभवी और शिक्षित होने के बावजूद शुभ्रा रंजन धोखाधड़ी का शिकार कैसे हुईं, यह सवाल सबको परेशान कर रहा है। दरअसल, आरोपी प्रियांक शर्मा उनका पूर्व छात्र था, जिसने भरोसे का फायदा उठाया।



आरोपी ने भोपाल में सेमिनार आयोजित करने और नया कोचिंग सेंटर खोलने का झांसा दिया। इसी लालच और विस्तार की योजना के बहाने उसने पूरी प्लानिंग के साथ 1.89 करोड़ रुपए की लूट को अंजाम दिया।



टीना डाबी, इशिता किशोर रही हैं स्टूडेंट

शुभ्रा रंजन का मार्गदर्शन कितना प्रभावी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2015 की टॉपर टीना डाबी और 2022 की टॉपर इशिता किशोर उनकी छात्राएं रही हैं।



इशिता ने साल 2019 में शुभ्रा रंजन के संस्थान से कोर पॉलिटिकल साइंस कोर्स और क्रैश कोर्स किया था। उनके पढ़ाए हुए छात्र हर साल यूपीएससी की मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाते हैं।



बिना परीक्षा दिए बनाई टॉपर्स की फौज

शुभ्रा रंजन की खुद की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के मशहूर मिरांडा हाउस से हुई है। उन्होंने राजनीति विज्ञान में एम.ए. और एम.फिल. की डिग्री हासिल की है।



खास बात यह है कि उन्होंने खुद कभी यूपीएससी की परीक्षा नहीं दी, लेकिन पिछले 15 सालों से अधिक समय से वह हजारों छात्रों का भविष्य संवार रही हैं। वह उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा आयोग के लिए भी चुनी गई थीं और स्कूलों में अध्यापन का कार्य कर चुकी हैं।



कामयाबी की लंबी लिस्ट

शुभ्रा रंजन के मार्गदर्शन में केवल आईएएस टीना डाबी और आईएएस इशिता किशोर ही नहीं, बल्कि कई अन्य होनहारों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं। इनमें अनमोल सिंह बेदी (AIR 2, 2016), दिनेश कुमार (AIR 6, 2016), आनंद वर्धन (AIR 7, 2016), गुंजन द्विवेदी (AIR 9, 2018), सत्यम गांधी (AIR 10, 2020) और टीना डाबी की बहन रिया डाबी (AIR 15, 2020) जैसे नाम शामिल हैं।



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