लेडी SI प्रियंका पटेल की इंस्टा रील से पुलिस महकमे में हलचल, कैप्शन पर मचा बवाल
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक इंस्टाग्राम रील (viral reel) को लेकर बवाल मच गया है। यह रील जबलपुर नाका चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रियंका पटेल की है। वीडियो में वे पुलिस की वर्दी पहनकर कुर्सी पर बैठी दिखाई देती हैं। रील का अंदाज ऐसा है जैसे वे कुछ समझाने की कोशिश कर रही हों। यह रील 19 जून 2026 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई थी। इसे 'SI Priyanka Patel_si_cop' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया था।
कैप्शन पर मचा बवाल
रील के कैप्शन में लिखा गया, 'खुद की समस्याएं सुलझ नहीं रहीं और नौकरी दूसरों की समस्या सुलझाने वाली कर ली। इस लाइन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई।
कई यूजर्स ने इसे पद की गरिमा से जोड़कर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि वर्दी (mp police news) में ऐसा कंटेंट ठीक नहीं है। विवाद बढ़ता देख यह रील बाद में हटा दी गई। हालांकि तब तक यह काफी लोगों तक पहुंच चुकी थी।
सोशल मीडिया पर सक्रिय SI
Madhya Pradesh Police कीप्रियंका पटेल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुल 149 रील्स मौजूद हैं। उनके फॉलोअर्स की संख्या 2,316 है। वे खुद 96 अकाउंट्स को फॉलो करती हैं। उनके अकाउंट पर डांस वीडियो (police reel) भी पोस्ट किए गए हैं। कुछ रील्स को 40 हजार तक व्यूज मिल चुके हैं। इससे साफ है कि उनका अकाउंट लोगों के बीच पहले से चर्चा में रहता था। लेकिन वर्दी वाली इस ताजा रील ने मामले को अलग मोड़ दे दिया।
अफसरों ने दिए जांच आदेश
मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया। एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि जबलपुर नाका चौकी प्रभारी का वीडियो सामने आया है। इसकी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया कि सभी कर्मचारियों को आचरण में संयम बरतने के निर्देश हैं। उनका कहना था कि वर्दी में निजी कार्यक्रम या रील का वायरल होना आपत्तिजनक माना जाता है। उन्होंने जोड़ा कि ऐसी कोई भी रील नहीं बननी चाहिए, जिससे अनुशासनहीनता झलकती हो। यह बयान पुलिस विभाग के आंतरिक नियमों की ओर भी इशारा करता है।
चार साल, चार तबादले
प्रियंका पटेल का करियर तबादलों से जुड़ा रहा है। वे करीब चार महीने पहले ही जबलपुर नाका चौकी प्रभारी बनी थीं। इससे पहले वे दमोह कोतवाली में पदस्थ रह चुकी हैं। इसके अलावा वे पुलिस लाइन में भी सेवाएं दे चुकी हैं। गैसाबाद थाने में भी उनकी पोस्टिंग रही थी। यानी चार साल के भीतर उनका चार बार तबादला हो चुका है। बाद में उन्हें जबलपुर नाका चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह जानकारी बताती है कि उनकी पोस्टिंग में लगातार बदलाव होता रहा है।
बता दें कि एमपी पुलिस के डीजीपी कैलाश मकवाना ने साफ निर्देश दिए हैं कि पुलिसकर्मी वर्दी में रील नहीं बना सकेंगे और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर सकेंगे। इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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