सिंहस्थ 2028: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए सीएम मोहन यादव ने गिनाई सुविधाएं
समझें क्या है पूरा मामला...
- उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर कार्यशाला हुई।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव इसमें शामिल हुए।
- 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
- क्षिप्रा नदी पर 22 नए पुल बनेंगे।
- सभी सुविधाएं बेहतर करने पर जोर दिया गया।
उज्जैन में जुटे अनुभवी अधिकारी
उज्जैन में 'सिंहस्थ 2028 का संकल्प' नाम की यह कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें वे लोग शामिल थे जो पहले के कुंभ मेलों में काम कर चुके हैं। सबने अपने-अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद बात की। उन्होंने कहा कि इस बार का सिंहस्थ पूरी तरह व्यवस्थित और भव्य होगा। आम लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी।
सीएम ने सुनाया पुराना किस्सा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1980 के दशक में वे स्काउट गाइड के सदस्य के तौर पर कुंभ में सेवा देते थे। 1992 के कुंभ में वे सिंहस्थ समिति में थे। उन्होंने एक मजेदार किस्सा भी सुनाया।
एक बार एक बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने उन्हें दरवाजे पर रोक दिया। उन्होंने अपना नाम मोहन यादव बताया तो बुजुर्ग बोले कि मोहन यादव के बच्चे तुम्हारी उम्र के होंगे। उन्होंने कहा, "तुम जाओ यहां से।" काफी मशक्कत के बाद मामला सुलझा।
सीएम ने इस किस्से का मकसद बताते हुए कहा कि पुराने समय में सिंहस्थ समिति में सबको जोड़ा जाता था। इस बार भी ऐसा ही होगा, सिर्फ उज्जैन के नहीं, बाहर के लोगों को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
40 करोड़ श्रद्धालु, 22 नए पुल
सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। इनमें से करीब 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान करेंगे। इतनी बड़ी भीड़ के लिए क्षिप्रा नदी पर 22 नए पुल बनाए जा रहे हैं। घाट पक्के हो चुके हैं, जिससे नदी की धारा भटकने की पुरानी समस्या दूर हो गई है।
पुरानी दिक्कतें दूर, नई सुविधाएं तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में हर सड़क को चौड़ा किया गया है। बाहर से आने वाले लोगों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। पहले धर्मशालाएं सही लोगों को नहीं मिलती थीं। इस बार इसका खास ध्यान रखा गया है। रेलवे में हुए बदलाव का फायदा भी श्रद्धालुओं को मिलेगा।
सीएम ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय जरूरी है ताकि अव्यवस्था न फैले। होटल और ठहरने की जगहों को लेकर भी बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
महाकाल की नगरी से जुड़ने का सौभाग्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन से जुड़ना अपने आप में एक सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े त्योहारों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब 12 महीने धार्मिक पर्यटन का माहौल रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसे काम करना चाहती है जिनके नतीजे लंबे समय तक दिखें। सिंहस्थ 2028 इसी सोच का हिस्सा है।
FAQ
- सिंहस्थ 2028 कब और कहां होगा?
सिंहस्थ 2028 मध्यप्रदेश के उज्जैन में होगा। यह हिंदुओं का बड़ा धार्मिक मेला है जो हर 12 साल में एक बार लगता है। इसमें 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। - सिंहस्थ 2028 में क्या नई सुविधाएं मिलेंगी?
क्षिप्रा नदी पर 22 नए पुल बनाए जा रहे हैं। घाट पक्के हो चुके हैं और सड़कें चौड़ी की गई हैं। धर्मशाला, होटल और रेलवे की सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
ये भी पढ़ें...
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में भीड़ को काबू करने के लिए खास प्लानिंग, तैनात होंगे 5000 वॉलिंटियर्स
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में ढिलाई, अधर में लटके 12 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स
सिंहस्थ 2028: उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 17 हजार करोड़ का विकास होगा
सिंहस्थ 2028: इंदौर में बनेंगे होल्डिंग एरिया, उज्जैन में भीड़ होने पर यहां रुकेंगे श्रद्धालु