महाकालेश्वर के सिंहासन बत्तीसी की स्थिति खराब, छठवीं पुतली इंदुमती गायब

Sandeep Kumar | Feb 04, 2025, 16:23 IST
singhasan-battis-issues-indumati
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के सामने सम्राट विक्रमादित्य का टीला प्रसिद्ध सिंहासन बत्तीसी के नाम से जाना जाता है। अब यह सिंहासन केवल इकत्तीस पुतलियों का रह गया है, क्योंकि यहां से छठवीं पुतली इंदुमति गायब हो गई है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के सामने सम्राट विक्रमादित्य का टीला प्रसिद्ध सिंहासन बत्तीसी के नाम से जाना जाता है। लेकिन अब यह सिंहासन केवल इकत्तीस पुतलियों का रह गया है, क्योंकि यहां से छठवीं पुतली इंदुमति गायब हो गई है। जहां इंदुमति की पुतली थी, वहां केवल एक बांस और स्टैंड बचा हुआ है। पुतली की पट्टिका भी गायब है, जिससे यह जानना मुश्किल हो जाता है कि यहां कभी पुतली थी।



ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू, 29 गांवों का होगा असर



सिंहासन बत्तीसी का सौंदर्यीकरण

singhasan-battis का सौंदर्यीकरण सिंहस्थ 2016 से पहले 4.90 करोड़ रुपए की लागत से नगर निगम द्वारा किया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत सम्राट विक्रमादित्य की विशाल प्रतिमा के साथ 32 पुतलियां और नौ रत्नों की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं।



पुतलियों और मूर्तियों का सही रखरखाव नहीं

आठ साल बाद, इन पुतलियों और मूर्तियों का सही रखरखाव नहीं हो पाया। नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने इस बारे में जानकारी ली और कहा कि वे इसकी स्थिति का पता करेंगे। रुद्रसागर से विक्रम टीला तक पहुंचने के लिए एक 65 मीटर लंबा आर्च ब्रिज भी बनाया गया था, और परिसर को गोलाकार में पुतलियों से सजाया गया था। इसके अलावा, थ्रीडी वॉल म्यूरल से इसे और भी आकर्षक बनाया गया था।



ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू, 29 गांवों का होगा असर



ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन के काल भैरव मंदिर में लागू नहीं होगी शराबबंदी, चलती रहेगी शराब प्रसाद की परंपरा



सिंहासन बत्तीसी में स्थापित विक्रमादित्य

सम्राट विक्रमादित्य के समय के स्वर्ण मुद्राओं और प्राचीन सिक्कों को भी इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदर्शित किया गया था। सिंहासन बत्तीसी में स्थापित विक्रमादित्य की 25 फीट ऊंची प्रतिमा के सामने विक्रमादित्य के नौ रत्नों की मूर्तियां थीं, और उनके आसपास 5-5 फीट की 32 पुतलियां भी रखी गई थीं। हर पुतली के सामने उनका नाम और कहानी भी दर्शाई जाती थी। लेकिन अब स्थिति यह है कि नौ रत्नों में से चार रत्नों की प्रतिमा के लिए लगाए गए पत्थर भी टूटकर गिर चुके हैं।



ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन के काल भैरव मंदिर में लागू नहीं होगी शराबबंदी, चलती रहेगी शराब प्रसाद की परंपरा



FAQ

  1. सिंहासन बत्तीसी क्या है?
    सिंहासन बत्तीसी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास स्थित सम्राट विक्रमादित्य के टीले पर बनी एक कला संरचना है। इसमें 32 पुतलियां और नौ रत्नों की मूर्तियां स्थापित हैं।
  2. छठवीं पुतली इंदुमति गायब क्यों हो गई?
    आठ साल में इस स्थल का सही रखरखाव न होने के कारण छठवीं पुतली इंदुमति गायब हो गई है, और उसके स्थान पर सिर्फ एक बांस और स्टैंड बचा है।
  3. इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च हुआ था?
    इस प्रोजेक्ट पर नगर निगम ने सिंहस्थ 2016 से पहले 4.90 करोड़ रुपये खर्च किए थे, ताकि सिंहासन बत्तीसी की संरचना और मूर्तियां स्थापित की जा सकें।
  4. सिंहासन बत्तीसी के सौंदर्यीकरण के लिए क्या उपाय किए गए थे?
    इस स्थल को गोलाकार पुतलियों से सजाया गया था, साथ ही इसे थ्रीडी वॉल म्यूरल से भी सजाया गया था। रुद्रसागर से विक्रम टीला तक एक आर्च ब्रिज भी बनाया गया था।
  5. सिंहासन बत्तीसी में विक्रमादित्य की प्रतिमा कितनी ऊंची है?
    सिंहासन बत्तीसी में सम्राट विक्रमादित्य की 25 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी।


Tags:
  • उज्जैन न्यूज
  • मध्य प्रदेश
  • सत्ता का सिंहासन
  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • mp hindi news
  • उज्जैन न्यूज हिंदी
  • राजा विक्रमादित्य