सिंगरौली कोयला परिवहन मामले में अदानी सहित अन्य कंपनियों के प्रोजेक्ट हेड पर FIR
सिंगरौली में कलेक्टर के आदेश को ताक पर रखकर कोयला ढोने वाले वाहन चलाना अदानी समेत कई बड़ी कंपनियों को भारी पड़ गया। इन कंपनियों के प्रोजेक्ट हेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
बता दें कि सिंगरौली को मध्यप्रदेश का ऊर्जा जिला कहते हैं। यहां देश के कई बड़े बिजलीघर हैं। इन्हें कोयले की भारी मात्रा में जरूरत होती है। इसी वजह से यहां की सड़कों पर हर दिन सैकड़ों कोयला ट्रक दौड़ते रहते हैं।
कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि इतने ज्यादा वाहन गुजरने की वजह से यहां अक्सर हादसे होते हैं। जिले में त्योहार होने के चलते एक दिन के लिए इनपर रोक लगा दी गई थी। लेकिन इन कंपनियों ने उस पाबंदी की परवाह नहीं की और अपने ट्रक चलाते रहे। बस इसी बात पर इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सिंगरौली कलेक्टर ने 22 मई 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में 23 मई 2026 की सुबह 6 बजे से 24 मई 2026 की दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से फ्लाई ऐश और कोयला परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद प्रतिबंधित अवधि में कोयला परिवहन होता रहा।
कलेक्टर ने यह दिए थे आदेश-
13 वाहन पकड़े गए, नियमों की उड़ी धज्जियां
23 मई को प्रभारी तहसीलदार धर्म प्रकाश मिश्रा और पटवारी हल्का कोनी पारसनाथ गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान कुल 13 वाहनों ने कलेक्टर के आदेश का सीधा उल्लंघन किया था। इनकी रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी गई थी।
कलेक्टर के आदेश पर दर्ज हुई FIR
कलेक्टर ने 9 जून 2026 को आदेश दिया था। इसमें उन सभी कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था, जिसने प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किया।
दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी-
किन कंपनियों पर दर्ज हुई FIR?
इस मामले में मुख्य रूप से तीन बड़े नामों के प्रोजेक्ट प्रमुखों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
पहली है APMDC यानी आंध्रप्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। यह आंध्रप्रदेश सरकार की खनिज कंपनी है। दूसरी है THDC यानी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। इसके अलावा परिवहन का काम अदाणी लॉजिस्टिक, एम.डी.ओ. अदाणी इंटरप्राइजेज और एसीसी लिमिटेड करती है। इसके अलावा मेसर्स आन्ध्रप्रदेश मिन. डव्ह. कापोरेशन लिमिटेड और ट्रांसपोर्ट श्रृष्टि लॉजिस्टिक लिमिटेड का नाम शामिल है।
ये सभी सिंगरौली क्षेत्र में कोयला खनन और परिवहन से जुड़े बड़े उद्यम हैं। एफआईआर में इन्हें अज्ञात श्रेणी में दर्ज किया गया है जिसका मतलब है कि संबंधित प्रोजेक्ट प्रमुखों की पहचान जांच में की जाएगी।
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