भोपाल का हाईटेक कॉम्प्लेक्स : कलेक्ट्रेट से आईजी ऑफिस तक सब मिलेंगे एक साथ
राजधानी भोपाल के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब जनता को अपने कामों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में स्थित सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। रिडेवलपमेंट प्लान के तहत कलेक्ट्रेट, कमिश्नर कार्यालय और आईजी ऑफिस को एक ही छत के नीचे लाने का रास्ता साफ हो गया है।
इसके लिए एक भव्य सात मंजिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। 283 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह कॉम्प्लेक्स न केवल हाईटेक होगा, बल्कि आम जनता के समय और श्रम की भी बचत करेगा।
पुराने भवनों की जगह लेगा आधुनिक ढांचा
इस योजना को पुराने सचिवालय की 4.10 हेक्टेयर भूमि पर उतारा जाएगा। पहले चरण में कलेक्ट्रेट, अभिलेखागार, अधिवक्ता हॉल, पोस्ट ऑफिस, कृषि विभाग और महिला एवं बाल विकास जैसे पुराने पड़ चुके भवनों को जमींदोज किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन तीन मौजूदा परिसरों की 33 हजार 600 वर्गमीटर जमीन की कीमत लगभग 256 करोड़ 92 लाख रुपए आंकी गई है। इसी खाली जगह पर भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्मार्ट बिल्डिंग का निर्माण होगा।
जाम से आजादी और पार्किंग की खास सुविधा
अक्सर सरकारी दफ्तरों के बाहर लगने वाले जाम और पार्किंग की किल्लत को देखते हुए इस प्रोजेक्ट में विशेष इंतजाम किए गए हैं। कॉम्प्लेक्स में 112 ECS स्टिल्ट पार्किंग, 345 ECS मल्टी-लेवल पार्किंग और 162 दोपहिया वाहनों के लिए जगह सुरक्षित की गई है।
इसके अलावा, ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए कोहेफिजा जंक्शन पर एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। लालघाटी चौराहा की ओर जाने वाली 54 मीटर चौड़ी सड़क को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे अधिकारियों और आमजन को ट्रैफिक की समस्या न झेलनी पड़े।
जानें किस फ्लोर पर क्या होगा?
इस कॉम्प्लेक्स को बहुत ही व्यवस्थित तरीके से डिजाइन किया गया है ताकि लोगों को भटकना न पड़े:
- ग्राउंड फ्लोर: यहां एसडीएम बैरागढ़, एसडीएम सिटी और आईजी ऑफिस की एंट्री होगी। केंद्र में पब्लिक एंट्री पॉइंट रखा गया है।
- पहला फ्लोर: यह फ्लोर पूरी तरह जनसुविधाओं को समर्पित है। यहां जनसुनवाई, लोकसेवा केंद्र और लाइसेंस सेल जैसे महत्वपूर्ण विभाग होंगे।
- दूसरा व तीसरा फ्लोर: दूसरे फ्लोर पर कलेक्टर और एनआईसी (NIC) ऑफिस होगा, जबकि तीसरे फ्लोर पर भारत एवं राज्य निर्वाचन (Election) और आईजी-डीआईजी के कार्यालय संचालित होंगे।
- चौथा से सातवां फ्लोर: इन मंजिलों पर गैस राहत, खनिज विभाग, महिला बाल विकास, ई-गवर्नेंस सोसायटी और संभागायुक्त कार्यालय के विभिन्न अनुभाग होंगे। सातवें फ्लोर पर संसाधन प्रबंधन और स्टोर रूम की व्यवस्था रहेगी।
स्मार्ट गवर्नेंस के साथ आधुनिक कार्यशैली
इस पूरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना है। विभिन्न विभागों के एक ही परिसर में होने से फाइलों का मूवमेंट तेज होगा और आम नागरिकों को एक खिड़की से दूसरी खिड़की तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बिल्डिंग को स्मार्ट प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। इसमें तकनीकी रूप से उन्नत साइबर सेल और स्टेट आर्काइव के लिए भी विशेष स्थान होगा।
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