जौरा हनी ट्रैप की मास्टरमाइंड सोनम कुशवाह गिरफ्तार, बस से अपने गांव जाते वक्त पकड़ाई
रतन मिश्रा@ ग्वालियर. मुरैना जिले की हनी ट्रैप मामले की मास्टरमाइंड भाजपा नेत्री सोनम कुशवाह को जौरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया। उसे मुरैना से आने वाली एक बस से पुलिस ने पकड़ा। इस बस से वह अपने गांव अगरौता भाग रही थी। केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसे जौरा कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे ग्वालियर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
सोनम कुशवाह ने जौरा कस्बे के एक फर्नीचर व्यवसायी को अपने जाल में फंसाया था। इस खेल में उसके साथ एक अन्य महिला मीरा कुशवाहा तथा पति बंटी कुशवाह के अलावा एक दर्जन लोगों का गिरोह शामिल है। सोनम को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह मुरैना से आने वाली बस में बैठी थी तथा अपने गांव अगरौता जा रही थी।
सोनम कुशवाह हनी ट्रैप की मास्टरमाइंड
सोनम कुशवाह हनी ट्रैप की मुख्य मास्टरमाइंड है। उसने कई प्रतिष्ठित और अमीर लोगों को अपना शिकार बनाया। कुछ लोग चुपचाप समझौता कर गए। फर्नीचर व्यवसायी रमेश शिवहरे ने इसका भंडाफोड़ किया।
सोनम कुशवाह भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता है। उसका राजनीतिक जीवन कुशवाहा समाज के कार्यक्रमों से शुरू हुआ। धीरे-धीरे उसने भाजपा में अपनी पैठ बनाई। पार्टी के हर कार्यक्रम में वह सबसे आगे दिखाई देती है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर भाजपा के मंत्रियों और सांसदों के साथ उसकी फोटो उसकी सक्रियता दर्शाती है।
सोनम ने ऐसे बनाई पार्टी में पहचान
सोनम कुशवाह एक साधारण घर की महिला थी। अपनी सुंदरता का उपयोग कर उसने समाज के नेताओं में पहचान बनाई। समाज के हर कार्यक्रम में वह जाने लगी। नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनने पर उसने भाजपा में प्रवेश किया।
पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाहा और जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाहा के साथ उसने संपर्क बनाए। धीरे-धीरे वह भाजपा के हर कार्यक्रम में सक्रिय होने लगी।
समय के साथ उसने अपने आपको इतना प्रसिद्ध किया कि प्रथम पंक्ति में बैठने लगी। उसका प्रभाव भाजपा के कद्दावर नेताओं और मंत्रियों तक फैल गया। उसके बाद उसका आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहा।
भाजपा के ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से उसकी मुलाकातें होने लगीं। ये मुलाकातें सार्वजनिक थीं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि सोनम का असली रंग क्या है।
सभी उसे पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता मानते थे। कुछ लोग उसके नेताओं के साथ नजदीकी को बड़े पद की लालसा से जोड़ रहे थे। इसी बीच हनी ट्रैप मामले से उसका असली चेहरा उजागर हो गया।
कमलेश के आने के बाद बढ़ी सक्रियता
मुरैना जिले में पहले योगेश पाल गुप्ता भाजपा जिला अध्यक्ष थे। बाद में कमलेश कुशवाहा को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनके जिला अध्यक्ष बनने के बाद सोनम कुशवाह की सक्रियता जौरा क्षेत्र से पूरे जिले में बढ़ गई। समाज की महिला सदस्य और पार्टी की सक्रिय सदस्य होने के कारण उसे हर कार्यक्रम में विशेष महत्व मिलने लगा।
सोनम की ऐसे खुली पोल
माता बसैया क्षेत्र के 60 वर्षीय बुजुर्ग शंकर पुत्र सुमेर सिंह कुशवाहा को भी आरोपी सोनम कुशवाह ने वीडियो कॉलिंग के द्वारा फंसाया था। उसके साथ पहले आपत्तिजनक बातें की और बाद में उसके वीडियो भेजने की धमकी देकर 30 लाख रुपय की मांग की थी।
इस काम में उसके साथ खेड़ा मेवदा गांव निवासी जितेंद्र पुत्र रोशन कुशवाहा और पप्पू पुत्र बदन सिंह कुशवाहा भी शामिल थे। बाद में 1000 रुपए के स्टांप पर शंकर कुशवाहा के साथ 30 लाख रुपए के कर्ज का अनुबंध किया गया। इसके बाद उसकी डेढ़ बीघा जमीन उनके नाम लिखवा ली गई। इस मामले की रिपोर्ट शंकर कुशवाहा ने माता बसैया थाने में दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।
सोनम कुशवाह ने हनी ट्रैप में फंसाया
दूसरा मामला जौरा कस्बे के एक व्यापारी से जुड़ा था। उसे भी सोनम कुशवाह ने हनी ट्रैप में फंसाया था। व्यापारी की जौरा में लगेज की एक बड़ी दुकान है। उसने थाने में आवेदन दिया था। बाद में उसे धमकाया गया जिससे उसने डर के मारे मामला दर्ज नहीं करवाया।
आवेदन 27 नवंबर 2025 को दिया गया था। तीसरा मामला फर्नीचर व्यापारी रामेश शिवहरे से जुड़ा। जौरा निवासी पप्पू शिवहरे को एक महिला ने फोन किया। उसने मनीष पेट्रोल पंप के पास फर्नीचर सेट करने और ऑर्डर की बात कहकर बुलाया।
व्यापारी घर और दुकान से यह कहते हुए निकला कि मनीष पेट्रोल पंप के पास फर्नीचर का ऑर्डर आया है। जैसे ही वह बताए गए स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद महिला और उसके साथी उसे कमरे में बंद कर लिया।
आरोपियों ने उसके कपड़े उतरवाकर मारपीट की और अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपए की मांग की गई। व्यापारी के अचानक गायब होने पर परिजन और परिचित उसकी तलाश में जुट गए।
परिजन अलग-अलग जगह उसकी तलाश करते रहे। उधर आरोपी व्यापारी को बंधक बनाकर प्रताड़ित करते रहे। डर के कारण व्यापारी से सोने की अंगूठी और नकदी छीन ली गई। विरोध करने पर उसे लाठी-डंडों से पीटा गया।
आरोपियों ने धमकी दी कि रुपए नहीं दिए या पुलिस को सूचना दी तो वीडियो वायरल कर झूठे मामले में फंसा देंगे। व्यापारी की तलाश में परिजन, मित्र और समाज के लोग पूरी रात सक्रिय रहे। कई लोगों ने मिलकर संभावित स्थानों पर खोज की। इसी से मामले का खुलासा हुआ।
कहते हैं, पुलिस अधिकारी
वहीं जौरा के SDOP नितिन बघेल ने कहा है कि सोनम कुशवाह को आज शुक्रवार सुबह मुरैना से आने वाली एक बस में बैठे हुए गिरफ्तार किया है। वह अपने गांव अगरौता जा रही थी। अब उससे पूछताछ के बाद उसके बाकी साथियों की तलाश की जाएगी।
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