सोनम रघुवंशी का सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा, बड़ी बेंच में जा सकता है केस
समझें क्या है पूरा मामला
- राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया।
- सोनम ने खुद को झूठे आरोपों में फंसाया हुआ बताया है।
- सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई हुई।
- कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 जुलाई के लिए तय की है।
- फिलहाल सोनम की जमानत जारी रहेगी, कोई रोक नहीं लगी।
पूरा मामला क्या है
राजा रघुवंशी इंदौर के कारोबारी थे। मई 2025 में शादी हुई थी, फिर वे हनीमून पर गए थे। दोनों पहले असम के कामाख्या मंदिर गए थे। इसके बाद वे मेघालय घूमने पहुंचे थे। 24 मई को परिवार का दोनों से संपर्क टूट गया था। तलाश के दौरान पुलिस को राजा का शव मिला था। शव मेघालय के वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक खाई में मिला था। कुछ दिनों बाद सोनम गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने पुलिस में FIR दर्ज कराई थी। 9 जून 2025 को सोनम को गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने प्रेमी और हत्यारों संग साजिश रची। आरोप है कि पति की हत्या पैसों के लिए करवाई गई।
5 सितंबर 2025 को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) लगाई गई थी। इसके अलावा धारा 238(a), 309(6) और 3(6) भी लगाई गई थीं। यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था।
जमानत को लेकर अब तक क्या हुआ
अप्रैल 2026 में शिलॉन्ग की अदालत ने सोनम को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी में प्रक्रिया की गंभीर खामियां थीं। मेघालय सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 29 जून को हाईकोर्ट ने भी जमानत बरकरार रखी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि मेमो में गलत धारा लिखी गई थी। इसके बाद मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। 3 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत पर रोक नहीं लगाई। कोर्ट ने कहा था कि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी है। उस दिन सोनम को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा गया था।
सोनम का जवाबी हलफनामा
गुरुवार को सोनम ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया। हलफनामे में उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है। सोनम के मुताबिक पूरा मामला परिस्थितिजन्य सबूतों पर टिका है। उन्होंने कहा कि केवल शक के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। सोनम ने बताया कि अब उनसे कोई बरामदगी बाकी नहीं है। चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है, यह भी बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सबूतों से छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है। सोनम शिलॉन्ग में रहकर जमानत की शर्तें पूरी कर रही हैं।
सरकार का पक्ष क्या है
मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और सुनियोजित हत्या बताया। मेहता के मुताबिक गिरफ्तारी के आधार आरोपी को पहले ही बताए गए थे। उनका कहना था कि धारा में गलती केवल एक लिपिकीय (Clerical) चूक थी। सरकार का तर्क है कि इस चूक से जांच पर असर नहीं पड़ा।
गुरुवार की सुनवाई में क्या हुआ
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने कहा कि गिरफ्तारी आधार को लेकर पुराने फैसले अलग-अलग हैं। इसलिए यह मुद्दा बड़ी बेंच को भेजा जा सकता है। कोर्ट ने मेघालय सरकार को मूल दस्तावेज पेश करने को कहा। गिरफ्तारी के समय दिए गए कागजात की प्रति मांगी गई है। इससे साफ होगा कि उस वक्त सोनम को क्या बताया गया था। कोर्ट ने फिलहाल जमानत में कोई दखल नहीं दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 14 जुलाई को होगी।
आगे क्या हो सकता है
14 जुलाई की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। कोर्ट में उस दिन असली गिरफ्तारी दस्तावेज पेश होंगे। इसी आधार पर तय होगा कि टाइपो वाला तर्क कितना मजबूत है। अगर तर्क कमजोर निकला तो जमानत पर असर पड़ सकता है। अगर मामला बड़ी बेंच में गया तो फैसले में वक्त लगेगा। इस फैसले का असर आगे की गिरफ्तारियों पर भी पड़ सकता है। देशभर में गिरफ्तारी के तरीकों पर भी इससे असर होगा। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। कानून के मुताबिक दोष सिद्ध होना अभी बाकी है।
यह मामला क्यों बन गया खास
शुरू से ही यह केस सोशल मीडिया पर छाया रहा। हनीमून पर हत्या की बात ने सबको हिला दिया था। कई राज्यों की पुलिस मिलकर जांच में जुटी रही थीं। गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक हर मोड़ पर चर्चा हुई। अब गिरफ्तारी मेमो की गलती पर भी बहस छिड़ गई है। आम लोग भी जानना चाहते हैं कि जमानत कायम रहेगी या नहीं। कोर्ट का अगला फैसला इस केस की दिशा तय करेगा। 14 जुलाई की सुनवाई में यह साफ हो सकता है।
जरूरी FAQ
सवाल 1: सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा है?
जवाब: सोनम ने जवाबी हलफनामा देकर खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मामला केवल परिस्थितिजन्य सबूतों पर टिका है। सोनम ने यह भी बताया कि अब उनसे कोई बरामदगी बाकी नहीं है।
सवाल 2: राजा रघुवंशी मर्डर केस में अब तक क्या हुआ है?
जवाब: अप्रैल 2026 में शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम को जमानत दी थी। मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को यह जमानत बरकरार रखी। मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 3 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत पर रोक नहीं लगाई।
सवाल 3: अगली सुनवाई कब होगी और उसमें क्या होगा?
जवाब: मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई 2026 को होगी। उस दिन मेघालय सरकार असली गिरफ्तारी दस्तावेज पेश करेगी। इसी आधार पर तय होगा कि गिरफ्तारी मेमो की गलती कितनी गंभीर थी। कोर्ट यह भी तय कर सकता है कि मामला बड़ी बेंच को भेजा जाए या नहीं।
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