सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकीलों की मौखिक मेंशनिंग पर रोक, अब जूनियर्स को मिलेगा मौका

Neel Tiwari | Oct 29, 2026, 16:15 IST
सुप्रीम कोर्ट में अब जूनियर वकील कर सकेंगे जल्द सुनवाई की मांग।
Senior lawyers will no longer be able to make oral mentions in the Supreme Court; juniors will get the opportunity instead.
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकीलों के लिए नया नियम बनाया है। अब 2 नवंबर 2026 से सीनियर वकील किसी भी अदालत में मौखिक रूप से केस की जल्द सुनवाई की मांग नहीं कर सकेंगे। इसे कानूनी भाषा में मौखिक मेंशनिंग कहा जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है।

इसमें कहा गया है कि सीनियर वकीलों की जगह युवा और जूनियर वकीलों को मेंशनिंग करने का मौका दिया जाए। रजिस्ट्रार (न्यायिक) की ओर से जारी निर्देश में जूनियर वकीलों को यह जिम्मेदारी देने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।



क्या होती है कोर्ट में मेंशनिंग?

सुप्रीम कोर्ट में मेंशनिंग का मतलब है किसी केस की जल्दी सुनवाई कराने के लिए अदालत से रिक्वेस्ट करना। इसमें वकील जज को बताते हैं कि उनका मामला क्यों जरूरी है और इसकी सुनवाई जल्द क्यों होनी चाहिए। इसके बाद जज तय करते हैं कि मामले की जल्दी सुनवाई की जरूरत है या नहीं। यदि अदालत को मामला जरूरी लगता है, तो वह जल्द सुनवाई की तारीख दे सकती है या जरूरी निर्देश जारी कर सकती है। यह प्रक्रिया खासतौर पर उन मामलों में काम आती है, जिनमें सुनवाई की सामान्य तारीख तक इंतजार करना मुश्किल होता है।



पहले भी अर्जेंट मेंशनिंग पर लग चुकी है रोक

सुप्रीम कोर्ट पहले भी गर्मी की छुट्टियों के दौरान जरूरी मामलों की जल्द सुनवाई को लेकर निर्देश जारी कर चुका है। उस समय दो जजों की बेंच ने सीनियर वकीलों को मौखिक रूप से जल्द सुनवाई की मांग करने से रोक दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर को नया सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक, 2 नवंबर से सीनियर वकील सुप्रीम कोर्ट की किसी भी बेंच के सामने मौखिक रूप से जल्द सुनवाई की मांग नहीं कर सकेंगे। नए नियम में सीनियर वकीलों की जगह युवा और जूनियर वकीलों को यह जिम्मेदारी देने पर जोर दिया गया है।



सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया यह सर्कुलर

युवा और जूनियर वकीलों को मिलेगा आगे आने का अवसर

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मुख्य मकसद युवा और जूनियर वकीलों को आगे बढ़ने का मौका देना है। अब सीनियर वकीलों की जगह जूनियर वकील अदालत में बता सकेंगे कि किसी मामले की जल्दी सुनवाई क्यों जरूरी है। वे जज से जल्द सुनवाई करने की मांग भी कर सकेंगे। इससे जूनियर वकीलों को अदालत में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। साथ ही वे कोर्ट में कामकाज का तरीका समझ सकेंगे और उनका अनुभव भी बढ़ेगा।



तीन रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से जारी हुआ सर्कुलर

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को यह सर्कुलर जारी किया था। इस पर रजिस्ट्रार (न्यायिक) विशाल, यशविंदर पॉल सिंह और राजेश शर्मा के हस्ताक्षर हैं। सर्कुलर की कॉपी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन को भी भेजी गई है। दोनों संगठनों से कहा गया है कि वे इसे अपने नोटिस बोर्ड पर लगाएं, ताकि सभी वकीलों को नए नियम की जानकारी मिल सके। यह नियम 2 नवंबर 2026 से लागू होगा।

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