बार काउंसिल ऑफ इंडिया पहुंचा SC, डीके जैन के खिलाफ आपराधिक याचिका, CJI की बेंच ने जारी किया नोटिस
News in Short
- BCI ने धन्य कुमार जैन के खिलाफ W.P.(Crl.) 157/2026 दायर की।
- सनद रद्द करने, पद से हटाने और क्रिमिनल कंटेंप्ट चलाने की मांग।
- CJI सूर्यकांत की बेंच ने जारी किया नोटिस।
- अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को तय।
- नोटिस के बाद जैन का बदला रुख, CJI की तारीफ करते हुए दिया बयान।
News in detail
एमपी बार काउंसिल चुनाव पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने धन्य कुमार जैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक रिट पिटीशन दायर की है।
CJI जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CJI को तानाशाह बताकर राष्ट्रपति से शिकायत करने वाले जैन अब उनकी तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
BCI की एंट्री से मामला और गरमाया
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव विवाद में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की एंट्री ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। BCI ने जबलपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक रिट याचिका (W.P.(Crl.) 000157/2026) दायर की है। इस याचिका में जैन की सनद रद्द करने, उन्हें हाईकोर्ट बार अध्यक्ष पद से हटाने और उनके खिलाफ क्रिमिनल कंटेंप्ट चलाने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, जवाब तलब
यह याचिका 24 अप्रैल 2026 को दायर की गई थी, जिस पर 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की डिविजनल बेंच ने इस मामले में धन्य कुमार जैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को तय की है, जिससे यह साफ हो गया है कि मामला अभी लंबा चल सकता है और आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई सख्त आदेश देखने को मिल सकता है।
CJI की नाराजगी और विवादित बयानबाजी
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में वह बयानबाजी है, जिसने सुप्रीम कोर्ट को नाराज कर दिया था। हाईकोर्ट बार के पदाधिकारियों के नामांकन निरस्त होने के विरोध में धन्य कुमार जैन के वायरल बयान पर CJI सूर्यकांत ने कड़ी टिप्पणी की थी।
CJI ने कहा था कि क्यों न उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया जाए। इसके बाद जैन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CJI को “तानाशाह” तक कह दिया, जिससे विवाद और भड़क गया।
नोटिस के बाद बदला रुख, अब CJI की तारीफ
दिलचस्प मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद धन्य कुमार जैन का रुख बदला हुआ नजर आया। अब उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के आभारी हैं कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब उनका पक्ष सुना जाएगा तो कार्रवाई स्टेट बार काउंसिल और चुनाव समिति के खिलाफ हो सकती है।
चुनाव नियमों से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, यह पूरा विवाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नए नियमों से शुरू हुआ, जिसमें हाईकोर्ट बार और स्टेट बार में एक साथ पद पर रहने पर रोक लगाई गई। कई पदाधिकारियों का नामांकन निरस्त होने के बाद अधिवक्ता परितोष त्रिवेदी, ज्योति राय सहित अन्य ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां याचिका खारिज हो गई।
इस दौरान जस्टिस सुधांशु धूलिया और चुनाव कमेटी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में हुई सख्त टिप्पणियों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया। हालांकि बाद में बार के अंदर ही धन्य कुमार जैन के खिलाफ विरोध भी तेज हो गया था।
अब BCI की आपराधिक याचिका और सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद यह मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। एक ओर जैन पर कड़ी कार्रवाई की मांग है, तो दूसरी ओर वे खुद को सही ठहराने में जुटे हैं। आने वाली 27 जुलाई की सुनवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है, जिस पर पूरे कानूनी जगत की नजरें टिकी हुई हैं।
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