सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार पर लगाया 1 लाख का जुर्माना, ये है वजह
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों द्वारा अपील दायर करने में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने राज्य सरकारों को आदेश दिया कि वे अपील में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण सरकारी खजाने को नुकसान होता है, और यह नुकसान अधिकारियों के वेतन से भरने का निर्देश भी दिया। बता दें कि यह आदेश मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रामकुमार चौधरी मामले में दायर याचिका को खारिज करते हुए दिया गया।
मध्य प्रदेश सरकार पर 1 लाख का जुर्माना
ओबीसी आरक्षण पर हाई कोर्ट की अहम सुनवाई, सरकार से पूछा बड़ा सवाल!
सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों के कामकाजी रवैये का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में निचली अदालत ने 21 अगस्त 2014 को फैसला सुनाया था। सरकारी वकील ने 25 अगस्त 2015 को कलेक्टर को सूचित किया। इसके बाद कलेक्टर ने 10 दिसंबर 2015 को मुख्यमंत्री सचिवालय को जानकारी दी। फिर विधि विभाग ने 26 अक्टूबर 2018 को अपील की अनुमति दी, जिसकी जानकारी 31 अक्टूबर 2018 को कलेक्टर को भेजी गई। इसके एक साल बाद 18 अक्टूबर 2019 को सरकारी वकील ने मामले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। इस तरह, अपील में 1788 दिन की देरी हुई, जिसके कारण हाई कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। अब इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
FAQ
- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों की अपील में देरी पर क्यों नाराजगी जताई?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों द्वारा अपील दायर करने में देरी पर नाराजगी जताई क्योंकि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। - मध्य प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्या आदेश दिया गया?
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को अपील में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके अलावा, राज्य सरकार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। - मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील क्यों दायर की गई थी?
मध्य प्रदेश सरकार ने कटनी जिले में जमीन विवाद से संबंधित हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 5 साल की देरी के कारण अपील खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ अपील खारिज कर दी और राज्य सरकार को उचित कारण बताए बिना अपील करने से बचने की सलाह दी। - सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में देरी को लेकर क्या महत्वपूर्ण बातें उठाईं?
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों की देरी को लेकर सवाल उठाए, जिसमें बताया गया कि अपील में 1788 दिन की देरी हुई। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपील में देरी का उचित कारण बताना अनिवार्य है, अन्यथा अपील खारिज कर दी जाती है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक