शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरे दिग्विजय सिंह, आंदोलन की दी चेतावनी
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं।
- शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग जारी है।
- बुधवार को दिग्विजय सिंह प्रदर्शन स्थल पहुंचे।
- सिंह ने अभ्यर्थियों की मांगों को सही बताया है।
- मांगें नहीं मानी तो भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने मांगों का समर्थन किया। सरकार से समाधान की मांग की। मांगें नहीं मानी गईं तो शिक्षक दिवस से 24 घंटे भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
नीलम पार्क में पहुंचे दिग्विजय सिंह
राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में बुधवार को खास मौका देखने को मिला। शिक्षक भर्ती 2025 और खाली पदों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को जायज बताया। सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
सिंह ने साफ चेतावनी दी। कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे शिक्षक दिवस से खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। इस मौके पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। महिला अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी।
पुराने कार्यकाल का जिक्र
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके जीवन में स्वास्थ्य और शिक्षा हमेशा प्राथमिकता रहे हैं। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस दौरान गांव-गांव तक स्कूल खोले गए। उनके अनुसार करीब 45 हजार नए स्कूल खुले थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से हटाकर स्थानीय स्तर पर दिया गया था। इसका मकसद ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना था। स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता मिलती थी, ऐसा उन्होंने दावा किया।
सिलेबस बदलाव पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में हुए बदलाव का असर पुराने शिक्षकों पर पड़ रहा है। जिन शिक्षकों ने वर्षों तक पुराने सिलेबस से पढ़ाया, अब उन्हें नए सिलेबस के हिसाब से परीक्षा देने को कहा जा रहा है।
खाली पदों को लेकर भी उन्होंने सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि आखिर इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं हो रही। आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और रोजगार नहीं है। युवाओं को दूसरे मुद्दों में उलझाने की कोशिश हो रही है, ऐसा उनका कहना था।
भाजपा और संघ पर हमला
दिग्विजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस (RSS – Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर भी तीखा हमला बोला। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार की जगह राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों को तवज्जो दे रही है।
राम मंदिर के चंदे को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। भाजपा और संघ से जुड़े संगठनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अपनी उम्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 80 साल की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं।
अभ्यर्थी बैठे हैं भूख हड़ताल पर
वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद अन्य अभ्यर्थियों ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया।
21 अगस्त को हुआ था बड़ा प्रदर्शन
पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने 21 अगस्त को भोपाल में प्रदर्शन किया था। डीपीआई (DPI – Directorate of Public Instruction) के सामने ज्ञापन सौंपा गया और प्रदर्शन हुआ। इसके बाद रैली निकालकर अभ्यर्थी नीलम पार्क पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। बुधवार को इस प्रदर्शन का छठवां दिन है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पहले भी नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक कई चरणों में आंदोलन हो चुके हैं। लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई। अब अभ्यर्थी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
FAQ
- भ्यर्थी किस मांग को लेकर धरना दे रहे हैं?
अभ्यर्थी वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। यह धरना नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन रूप से चल रहा है। - दिग्विजय सिंह ने क्या चेतावनी दी है?
दिग्विजय ने कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे शिक्षक दिवस से 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। यह चेतावनी उन्होंने नीलम पार्क में अभ्यर्थियों के बीच दी।
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