MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, IGNOU का DPE डिप्लोमा शिक्षक भर्ती में मान्य

Sandeep Kumar | Aug 22, 2026, 18:53 IST
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IGNOU का DPE डिप्लोमा शिक्षक भर्ती में मान्य
IGNOU का DPE डिप्लोमा शिक्षक भर्ती में मान्य

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इग्नू के दो वर्षीय डीपीई डिप्लोमा को माध्यमिक शिक्षक भर्ती और पदोन्नति के लिए मान्य योग्यता माना है। शासन की तीनों अपीलें खारिज कर दी गईं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीपीई डिप्लोमा मान्य माना।
  • इग्नू का दो वर्षीय डीपीई शिक्षक भर्ती में चलेगा।
  • पदोन्नति के लिए भी डीपीई योग्यता मान्य होगी।
  • कोर्ट ने राज्य शासन की तीन अपीलें खारिज कीं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इग्नू के दो वर्षीय डीपीई (DPE – Diploma in Primary Education) डिप्लोमा को माध्यमिक शिक्षक पद के लिए मान्य माना गया है। यह डिप्लोमा नियुक्ति और पदोन्नति दोनों के लिए मान्य होगा। युगलपीठ ने राज्य शासन की तीनों अपीलें खारिज कर दी हैं। यह फैसला 13 अगस्त 2026 को सुनाया गया।

जबलपुर हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (ignou), नई दिल्ली से प्राप्त दो वर्षीय इग्नू डीपीई को माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए मान्य योग्यता माना है। साथ ही प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए भी इसे मान्य माना गया है। कोर्ट ने राज्य शासन की तीन रिट अपीलें खारिज करते हुए एकलपीठ के फैसले को बरकरार रखा।

इस फैसले से प्रदेशभर के डीपीई धारक अभ्यर्थियों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अब उनके लिए माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति और पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी, अभिषेक मिश्रा, अनुज मिश्रा और अंकित तिवारी ने पैरवी की।

रुकी थी नियुक्ति

इस मामले में अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी। लेकिन विभाग ने उनके पास दो वर्षीय डीपीई डिप्लोमा होने के आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी।

इसके बाद अभ्यर्थियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से कहा गया कि तय शैक्षणिक योग्यता में स्नातक डिग्री के साथ दो वर्षीय डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता मांगी गई थी। उनके पास स्नातक डिग्री के साथ इग्नू से प्राप्त मान्य डीपीई डिप्लोमा मौजूद था। इसलिए उन्होंने खुद को नियुक्ति के लिए पूरी तरह पात्र बताया।

2013 के परिपत्र का दिया हवाला

अभ्यर्थियों ने कोर्ट में 28 फरवरी 2013 के शासन परिपत्र का हवाला दिया। इस परिपत्र में कहा गया था कि इग्नू से मिलने वाले डीपीई को डीएड (D.Ed – Diploma in Education) और डीएलएड (D.El.Ed – Diploma in Elementary Education) के समकक्ष मान्यता दी जाएगी।

अभ्यर्थियों ने यह भी दलील दी कि शासन की तरफ से इस मान्यता को वापस लेने का कोई ठोस आधार पेश नहीं किया गया। इसी आधार पर एकलपीठ ने डीपीई को मान्य और समकक्ष योग्यता मानते हुए अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया था।

युगलपीठ ने बरकरार रखा फैसला

एकलपीठ के इस फैसले के खिलाफ राज्य शासन ने युगलपीठ में अपील की थी। युगलपीठ ने रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलें ध्यान से सुनीं। इसके बाद कोर्ट ने एकलपीठ के आदेश को पूरी तरह उचित माना।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इग्नू से प्राप्त दो वर्षीय डीपीई एक मान्यता प्राप्त व्यावसायिक डिप्लोमा है। तय शैक्षणिक योग्यता के लिए इसे समकक्ष मानना जरूरी बताया गया। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि एनसीटीई (NCTE – National Council for Teacher Education) ने डीपीई कार्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2009-10 से पूर्वव्यापी प्रभाव से मान्यता दी थी।

तीनों अपीलें खारिज, अभ्यर्थियों को राहत

युगलपीठ को रिट अपीलों में एकलपीठ के आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं मिला। इसके बाद कोर्ट ने राज्य शासन की तीनों अपीलें खारिज कर दीं। यह पूरा फैसला अभ्यर्थियों के पक्ष में गया है।

इस फैसले के बाद इग्नू से दो वर्षीय डीपीई प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पात्र प्राथमिक शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति का भी लाभ मिल सकेगा। यह फैसला प्रदेश के शिक्षा विभाग और हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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