शिक्षक ने करोड़ों का घोटाला कर कॉलोनी काटी, ED ने कुर्क किए 56 प्लॉट
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- ED ने 56 प्लॉट किए कुर्क।
- शिक्षा विभाग में 20.47 करोड़ घोटाला।
- आरोपी ने बनाई थी अवैध कॉलोनी।
- धार में स्थित है श्री बालाजी धाम।
- PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल।
आलीराजपुर शिक्षा विभाग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि सरकारी पैसों से धार जिले में कॉलोनी विकसित की गई थी।
ED ने आरोपी शिक्षक कमल राठौर की श्री बालाजी धाम कॉलोनी के 56 प्लॉट कुर्क कर लिए हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जांच के तहत की गई है।
आलीराजपुर शिक्षा घोटाला
आलीराजपुर शिक्षा घोटाला (Alirajpur Education Scam) मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ी संपत्ति जब्त की है।
मामला कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय से जुड़ा है। यहां 20.47 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच चल रही है। ED के अनुसार फर्जी बिलों के जरिए सरकारी रकम निकाली गई थी। जांच में मुख्य आरोपी कमल राठौर की भूमिका सामने आई। आरोप है कि घोटाले की रकम का इस्तेमाल संपत्ति बनाने में हुआ।
ED जांच (ED Investigation) में पता चला कि आरोपी ने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का उपयोग किया। इसके बाद बड़ी मात्रा में नकदी निकाली गई। इस रकम से धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में जमीन खरीदी गई। बाद में इसी जमीन पर कॉलोनी विकसित की गई।
ED की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने श्री बालाजी धाम कॉलोनी पर कार्रवाई की है। ED ने यहां 56 आवासीय प्लॉट कुर्क किए हैं। कुर्क की गई संपत्ति की बाजार कीमत छह करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। यह कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत हुई है।
ED के अनुसार अवैध धन को छिपाने के लिए कॉलोनी बनाई गई थी। जांच एजेंसी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा माना है। कुर्की के बाद आरोपी इन संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।
PMLA केस में चार्जशीट
ED ने PMLA केस (PMLA Case) में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत 9 जुलाई 2026 को इंदौर कोर्ट में पेश की गई।विशेष पीएमएलए अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। अदालत ने आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।
ED पहले भी इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है। जांच एजेंसी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान कई दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके अलावा कुछ बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया था।
पहले भी हुई कुर्की...
- ED ने इससे पहले भी आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की थीं। करीब 4.43 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी।
- इस कुर्की की पुष्टि पीएमएलए निर्णायक प्राधिकरण ने 10 मार्च 2026 को की थी।
- जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
- ED के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों पर आगे कार्रवाई हो सकती है।
- सरकारी धन घोटाले (Government Fund Scam) मामलों में ED लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
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