ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: CBI ने दर्ज की FIR, पति-सास पर दहेज हत्या का केस, आखिरी कॉल से खुली उस रात की कहानी

Neel Tiwari | May 26, 2026, 07:21 IST
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ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब CBI ने आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति समर्थ सिंह और पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या, क्रूरता और प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। FIR में आखिरी कॉल, गर्भपात के दबाव और चोट के निशान जैसी कई बातें सामने आई हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ट्विशा शर्मा केस में अब CBI ने आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
  • पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु का केस दर्ज है।
  • पोस्टमार्टम में फांसी के साथ शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं।
  • FIR में जबरन गर्भपात और मानसिक प्रताड़ना के आरोप शामिल हैं।
  • सरकार ने पहले ही मामला CBI को सौंपने के लिए पत्र लिख दिया था।


भोपाल से दिल्ली तक गूंजा ट्विशा मौत मामला

भोपाल की 31 वर्षीय नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह CBI के हाथों में पहुंच गया है। मध्य प्रदेश सरकार की सहमति और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद CBI ने इस मामले में आधिकारिक FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



CBI की स्पेशल क्राइम-III शाखा, नई दिल्ली ने इस मामले को रेगुलर केस के रूप में दर्ज किया है। मामले की जांच Dy.SP निशु कुशवाहा को सौंपी गई है। ये अब दहेज हत्या, प्रताड़ना और संभावित साजिश के हर पहलू की जांच करेंगी।



यह मामला तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही जांच में संस्थागत पूर्वाग्रह की आशंका जताई थी। अदालत ने यह भी कहा था कि पीड़िता का पति पेशे से वकील हैं। साथ ही सास पूर्व जिला न्यायाधीश है इसलिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।



बता दें कि इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार पहले ही सीबीआई जांच के अनुशंसा कर चुकी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इसलिए मध्य प्रदेश सरकार की प्रशंसा भी की थी।



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FIR में दर्ज मौत से पहले की कहानी

CBI की FIR के अनुसार 13 मई 2026 की रात AIIMS भोपाल से पुलिस को एक सूचना मिली थी। ट्विशा शर्मा को उनके पति समर्थ सिंह अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



शुरुआत में यह दावा किया गया कि ट्विशा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामला तब गंभीर हो गया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई।



FIR में उस रात की आखिरी बातचीत का भी जिक्र है। परिवार के अनुसार, 12 मई की रात करीब 9:41 बजे ट्विशा ने अपनी मां को वॉट्सऐप कॉल किया था। बातचीत के दौरान पीछे से पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज आई कि किससे बात कर रही है?



इसके कुछ ही सेकंड बाद फोन कट गया। परिवार ने लगातार कॉल किए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। करीब 10:35 बजे जब भाभी राशि का फोन उठा, तो दूसरी तरफ से सिर्फ इतना कहा गया कि She is no more इसके बाद फोन काट दिया गया।



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शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना

CBI FIR में ट्विशा के माता-पिता, भाई और भाभी के बयानों के आधार पर कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। परिवार का कहना है कि 9 दिसंबर 2025 को नोएडा में हुई शादी में उनकी ओर से क्षमता से अधिक खर्च किया गया था।



साथ ही सास गिरिबाला सिंह की मांग पर दो लाख रुपए नकद भी दिए गए थे। शादी के कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर ताने और मानसिक प्रताड़ना शुरू हो गई थी।



परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्विशा को घर खर्च तक के पैसे नहीं दिए जाते थे। उसके पिता ऑनलाइन पैसे भेजकर बेटी की मदद करते थे। FIR में यह भी दर्ज है कि अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती हुई थी।



पति और सास ने बच्चे के चरित्र पर सवाल उठाए और गर्भपात का दबाव बनाया। परिवार का आरोप है कि मई के पहले सप्ताह में दबाव डालकर उसका गर्भपात कराया गया था।



पुलिस और अब CBI ने शादी की तस्वीरें चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर लिया है।



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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, तेज हुई कार्रवाई

मामले में लगातार बढ़ते विवाद और मीडिया में सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की कार्रवाई की सराहना की थी।



अदालत ने कहा था कि जांच को लेकर उठे सवालों के बाद सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई। साथ ही CBI जांच का रास्ता चुना।



कोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर भी चिंता जताई। पीड़ित परिवार व आरोपी पक्ष से जुड़े बयानों के प्रसारण में संयम बरतने की अपील की थी। साथ ही दोनों पक्षों से भी पब्लिक डोमेन और मीडिया में बयान देने से बचने की अपील की गई थी।



इस बीच समर्थ सिंह पहले ही निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर चुका हैं। उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।



इसकी सुनवाई 27 मई को होनी है। अब पूरे मामले की नजर CBI जांच पर टिक गई है। क्योंकि यह तय करेगी कि ट्विशा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई थी।



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