ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़, CBI ने भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 13:18 IST
ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, CBI बोली- भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर खतरा
The CBI has raised concerns over a fair trial in Bhopal in the Twisha Sharma death case, citing former judge Giribala Singh’s alleged influence. Twisha’s father has sought to transfer the case to Delhi.
भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में नया मोड़ आया है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है। इसमें एजेंसी ने भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर सवाल उठाए हैं। सीबीआई को पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के प्रभाव की आशंका है। गिरिबाला सिंह इस मामले की प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।

एजेंसी को डर है कि गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है। इससे मामले की सुनवाई पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से ट्रायल दूसरे राज्य में कराने की मांग उठी है। ट्विशा शर्मा के पिता पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। उन्होंने मामले की सुनवाई भोपाल से बाहर कराने की मांग की है। उनकी पहली पसंद दिल्ली है। वह चाहते हैं कि बेटी के मामले का ट्रायल दिल्ली में हो।



क्या है ट्विशा शर्मा डेथ केस?

ट्विशा शर्मा डेथ केस मध्य प्रदेश के भोपाल का चर्चित मामला है। ट्विशा पहले ब्यूटी पेजेंट जीत चुकी थीं और अभिनेत्री भी थीं।



शादी के सिर्फ छह महीने बाद उनकी संदिग्ध हालात में मौत हुई। 12 मई 2026 को ससुराल में उनका शव मिला था।



उनका ससुराल भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में था। इस मामले में उनके पति समर्थ सिंह मुख्य आरोपी हैं। समर्थ पेशे से वकील हैं।



उनकी मां गिरिबाला सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं। गिरिबाला पहले जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं।



CBI ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?

ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। सीबीआई ने हलफनामे में कहा कि भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक, पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का स्थानीय स्तर पर प्रभाव हो सकता है।



सीबीआई को आशंका है कि इससे गवाहों पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही निचली अदालत की सुनवाई भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, ये सिर्फ सीबीआई की ओर से जताई गई आशंकाएं हैं। अभी किसी गवाह को धमकाने की बात साबित नहीं हुई है।



गिरिबाला सिंह पर क्या आरोप हैं?

जानकारी के मुताबिक गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश हैं। इस मामले में उनका नाम प्रमुख आरोपियों में बताया गया है। CBI के हलफनामे में उन पर गंभीर आरोपों का उल्लेख है। एजेंसी का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने कथित तौर पर घटनास्थल पर सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश की थी।



CBI के मुताबिक राज्य पुलिस की जांच में ऐसी बातें सामने आई थीं, जो कथित अनुचित हस्तक्षेप की ओर इशारा करती हैं। इन आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।



ट्विशा के पिता ने दिल्ली में सुनवाई की मांग क्यों की?

ट्विशा शर्मा के पिता चाहते हैं कि केस भोपाल से बाहर चले। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए अर्जी लगाई है। उनकी मांग है कि केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए उन्होंने दिल्ली को पहली पसंद बताया है। पिता का कहना है कि गिरिबाला सिंह पहले जिला जज रह चुकी हैं।



ऐसे में स्थानीय स्तर पर उनका प्रभाव हो सकता है। इससे केस की सुनवाई पर असर पड़ने का डर है। उन्हें आशंका है कि भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई मुश्किल हो सकती है। इसलिए उन्होंने केस का ट्रायल दूसरी जगह कराने की मांग की है। अब सीबीआई के हलफनामे में भी ऐसी ही चिंताएं सामने आई हैं।



गवाहों की सुरक्षा पर क्यों उठे सवाल?

किसी भी आपराधिक मामले में गवाहों की भूमिका बहुत अहम होती है। गवाह अदालत में बताते हैं कि घटना के दौरान क्या हुआ था। उनके बयान और सबूतों से मामले की सुनवाई आगे बढ़ती है। ट्विशा शर्मा के मामले में सीबीआई ने गवाहों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।



सीबीआई को डर है कि गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपी अपने कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है। इससे गवाह डर सकते हैं या अपने बयान बदल सकते हैं। इसी वजह से सुनवाई दूसरी जगह कराने की मांग उठी है। मकसद है कि गवाह बिना किसी डर के सच बता सकें। हालांकि, किसी खास गवाह को धमकी मिलने की ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।



राज्य पुलिस की जांच पर भी सवाल

सीबीआई ने अपने हलफनामे में राज्य पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। एजेंसी ने शुरुआती जांच के दौरान हुई कुछ घटनाओं का जिक्र किया है। सीबीआई के मुताबिक, इन घटनाओं से गिरिबाला सिंह पर शक होता है। आशंका है कि उन्होंने जांच में दखल देने की कोशिश की है। इसी वजह से सीबीआई ने निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता जताई है।



हालांकि, जांच पर सवाल उठना और आरोप साबित होना अलग बातें हैं। किसी आरोप को सही साबित करने के लिए अदालत में सबूत चाहिए। निष्पक्ष सुनवाई का मतलब है कि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें। अदालत भी बिना किसी दबाव के अपना फैसला सुना सके।



अब आगे क्या होगा?

अब इस मामले में सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है। कोर्ट तय करेगा कि सुनवाई भोपाल में होगी या कहीं और। सीबीआई ने गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। निष्पक्ष सुनवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं, ट्विशा शर्मा के पिता सुनवाई भोपाल से बाहर चाहते हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। फिलहाल गिरिबाला सिंह पर लगे आरोप साबित नहीं हुए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही तस्वीर साफ होगी। तभी पता चलेगा कि इस मामले की सुनवाई कहां होगी।



FAQ

  1. ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI ने सुप्रीम कोर्ट से क्या कहा है?
    CBI ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके भोपाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई प्रभावित होने की आशंका जताई है। एजेंसी ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के कथित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है।
  2. ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह कौन हैं?
    गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश हैं और इस मामले की प्रमुख आरोपियों में उनका नाम बताया गया है। CBI ने उन पर जांच में कथित हस्तक्षेप और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश के आरोप लगाए हैं, जिन पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।
  3. ट्विशा शर्मा के पिता मुकदमे को भोपाल से बाहर क्यों ले जाना चाहते हैं?
    ट्विशा के पिता को आशंका है कि स्थानीय प्रभाव के कारण भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से केस मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है, जिसमें उन्होंने दिल्ली को प्राथमिकता दी है।
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