UCC पर भाजपा का बड़ा ब्लूप्रिंट: भाजपा ने सौंपे 9 अहम सुझाव

Ramanand Tiwari | Jun 22, 2026, 21:30 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर भाजपा ने ड्राफ्ट समिति को 9 सुझाव सौंपे। इनमें बाल विवाह पर रोक, संपत्ति में समानता, NRI विवाह पंजीकरण और फास्ट ट्रैक फैमिली कोर्ट शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने उच्च स्तरीय ड्राफ्ट समिति को कई महत्वपूर्ण सुझाव सौंपे हैं। इनमें विवाह, तलाक, संपत्ति अधिकार, गोद लेने, बुजुर्गों की सुरक्षा और एनआरआई विवाहों की निगरानी जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इन सुझावों का फोकस महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक कानूनी सुरक्षा देने पर है।



समिति की बैठक से पहले भाजपा ने रखा अपना पक्ष

समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार कर रही समिति की परामर्श प्रक्रिया के बीच भाजपा ने अपने सुझाव आधिकारिक रूप से भेजे हैं। प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने बताया कि पार्टी की ओर से न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति को विस्तृत प्रस्ताव सौंपे गए हैं।



सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई चर्चा में कई पक्षों की राय सामने आई, लेकिन कुछ प्रमुख प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में भाजपा ने अपने सुझावों को औपचारिक दस्तावेज के रूप में समिति के समक्ष रखा है।



क्या हैं भाजपा के प्रमुख सुझाव?

बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई

तय उम्र से पहले विवाह कराने वालों पर कठोर दंड।


अवैध विवाह को निरस्त करने का प्रावधान।


अभिभावकों पर भी जवाबदेही तय करने की मांग।



सभी विवाहों का अनिवार्य पंजीकरण

हर धर्म के विवाह का रजिस्ट्रेशन जरूरी हो।


डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए।


विवाद की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया आसान बने।



बेटा-बेटी को समान संपत्ति अधिकार

पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति में बराबरी।


उत्तराधिकार कानून सभी नागरिकों के लिए समान हों।


वसीयत संबंधी नियमों में एकरूपता लाई जाए।



गोद लेने का अधिकार सभी को मिले

सभी धर्मों के नागरिकों को समान अधिकार।


गोद लिए गए बच्चे को जैविक संतान जैसा दर्जा।


संपत्ति और परिवार में बराबर अधिकार सुनिश्चित हों।



गुजारा भत्ता के लिए एक समान नियम

तलाक के बाद पत्नी और बच्चों की सुरक्षा।


बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण की व्यवस्था।


सभी समुदायों के लिए समान मानक लागू हों।



माता-पिता दोनों को मिले समान संरक्षक अधिकार

बच्चों के प्राकृतिक अभिभावक के रूप में माता और पिता दोनों को बराबरी।


संरक्षकता संबंधी कानूनों में समानता का प्रस्ताव।



डिजिटल UCC व्यवस्था का सुझाव

भाजपा ने विवाह पंजीकरण, तलाक, गोद लेने और वसीयत जैसी प्रक्रियाओं के लिए सिंगल विंडो डिजिटल पोर्टल बनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही विवाह के तुरंत बाद डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करने की भी मांग की गई है।



बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा पर जोर

माता-पिता की उपेक्षा करने वाले बच्चों पर कार्रवाई।


संपत्ति हस्तांतरण रद्द करने का अधिकार।


दिव्यांग बच्चों, विशेषकर बेटियों के लिए विशेष कानूनी सुरक्षा।



तलाक के बाद संपत्ति में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी

भाजपा ने सुझाव दिया है कि विवाह के बाद अर्जित संपत्ति पर पति और पत्नी दोनों का बराबर अधिकार माना जाए। इससे गृहिणियों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।



पारिवारिक मामलों में छह महीने के भीतर फैसला

विशेष फास्ट ट्रैक फैमिली कोर्ट बनाए जाएं।


विवाह, तलाक और भरण-पोषण विवादों का निपटारा छह महीने में हो।


लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिले।



एनआरआई विवाहों पर सख्त निगरानी

भाजपा ने प्रस्ताव दिया है कि भारत में शादी करने वाले एनआरआई का विवाह पंजीकरण और पासपोर्ट लिंकिंग सात दिन के भीतर अनिवार्य की जाए। पार्टी का मानना है कि इससे शादी के बाद विदेश जाकर पत्नी को छोड़ देने जैसे मामलों पर रोक लग सकेगी।



राहुल कोठारी बोले: समानता और न्याय पर आधारित हो UCC

प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे सुझाव दिए हैं जो सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हैं। उनका कहना है कि UCC का उद्देश्य किसी समुदाय विशेष को प्रभावित करना नहीं, बल्कि कानून के समक्ष समानता स्थापित करना है।



क्यों महत्वपूर्ण हैं ये सुझाव?

समान नागरिक संहिता को लेकर देशभर में बहस जारी है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश भाजपा की ओर से भेजे गए सुझाव यह संकेत देते हैं कि पार्टी UCC को केवल कानूनी सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक न्याय के बड़े एजेंडे के रूप में देख रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि ड्राफ्ट समिति अंतिम मसौदे में इन सुझावों को कितनी जगह देती है।



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