महाकाल मंदिर में अवैध वीआईपी दर्शन कांड, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की 2360 पन्नों की चार्जशीट
मध्य प्रदेश के उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को अवैध तरीके से वीआईपी दर्शन कराए जाने का मामला अब तक सुर्खियों में बना हुआ है। इस घोटाले में पुलिस ने शुक्रवार ( 21 मार्च ) को 2 हजार 360 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। यह घोटाला तब सामने आया जब उज्जैन कलेक्टर ने मंदिर का दौरा किया और वहां पूछताछ के दौरान दो श्रद्धालुओं ने यह खुलासा किया कि उन्होंने पैसे देकर अवैध रूप से वीआईपी दर्शन किए थे। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को नामजद किया, जिनमें 10 की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और 4 अब भी फरार हैं।
चार्जशीट में कौन हैं आरोपी?
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मंदिर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल
इस घोटाले के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। यह घोटाला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन इसे समय पर क्यों नहीं रोका गया, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। धार्मिक संगठन और श्रद्धालु इस घोटाले को लेकर काफी आक्रोशित हैं।
पुलिस का दावा
वहीं पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी फरार आरोपियों को पकड़ा जाएगा और इस मामले में पूरी जांच प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाएगा।
संबंधित धाराएं
पुलिस ने इस घोटाले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें धारा 318(4), 316(2), 316(5) BNS और धारा 193(9) बीएनएसएस शामिल हैं। पुलिस इस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
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घोटाले से धार्मिक संगठनों में आक्रोश
इस घोटाले ने श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि इतनी बड़ी धोखाधड़ी लंबे समय तक कैसे चलती रही।
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