पहले मस्जिद-दरगाह हटाओ फिर मंदिर, विरोध के बाद बैकफुट पर प्रशासन

Sandeep Kumar | Aug 30, 2026, 19:45 IST
पहले मस्जिद-दरगाह हटाओ फिर मंदिर
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के तहत हनुमान मंदिर हटाने का विरोध हुआ। बजरंग दल-वीएचपी ने धरना दिया, फिर शहर की सड़कें जाम कीं। प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर हटाने की तैयारी थी।
  • बजरंग दल और वीएचपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया।
  • पांच घंटे धरने के बाद शहर में जाम लगाया गया।
  • छह प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
  • प्रशासन ने मंदिर हटाने का फैसला फिलहाल रोक दिया।

मंदिर हटाने की थी तैयारी

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान एक हनुमान मंदिर हटाने की तैयारी हुई। इसका विरोध करने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता जुट गए। पहले पांच घंटे तक धरना दिया गया। बात न बनने पर शहर की छह प्रमुख सड़कों पर चक्का जाम कर दिया गया। दबाव बढ़ते देख प्रशासन ने मंदिर हटाने का फैसला फिलहाल रोक दिया।



सड़क चौड़ीकरण की वजह से विवाद

उज्जैन में इन दिनों कई सड़कों का चौड़ीकरण चल रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक का मार्ग भी इसी योजना का हिस्सा है। इस रास्ते में खड़ा हनुमान मंदिर आ रहा है। प्रशासन इसे हटाकर दूसरी जगह बनाना चाहता है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम और पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों में हलचल मच गई।



धरने से शुरू हुआ विरोध

जैसे ही खबर फैली, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मंदिर के बाहर जमा हो गए। उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे तक कार्यकर्ता डटे रहे। वे लगातार मंदिर न हटाने की मांग दोहराते रहे। प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया।



छह सड़कों पर लगा चक्का जाम

धरना असर न दिखाता देख कार्यकर्ताओं ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने शहर में आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया। इनमें आगर रोड, इंदौर रोड, देवास रोड, उन्हेल रोड, मक्सी रोड और बड़नगर रोड शामिल थे। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। शहर के बाहर से आने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।



दबाव में झुका प्रशासन

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने आखिरकार समझौते का रास्ता चुना। मंदिर हटाने की कार्रवाई तत्काल रोक दी गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने धरना और जाम दोनों खत्म कर दिया। यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।



प्रशासन का पक्ष

इस मामले में एसडीएम (SDM – Sub Divisional Magistrate) एल एन गर्ग ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इसी मार्ग से भविष्य में शाही सवारी निकलनी प्रस्तावित है। उनके अनुसार यह हनुमान मंदिर प्रसिद्ध है और पुजारी की सहमति पहले ही मिल चुकी है।



हिंदू समाज के अधिकतर लोग भी शिफ्टिंग को लेकर राजी हैं। हालांकि वीएचपी और बजरंग दल की कुछ आपत्तियां अब भी बनी हुई हैं। उनकी मांग है कि सवारी निकलने के बाद ही मंदिर शिफ्ट किया जाए। प्रशासन का कहना है कि इन मांगों पर विचार किया जा रहा है।



कार्यकर्ताओं का आरोप

वहीं विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला सह संयोजक विक्की राठौर का रुख सख्त रहा। उन्होंने कहा कि जैसे ही मंदिर हटाने की सूचना मिली, कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे। उनका साफ कहना था कि मंदिर किसी भी हाल में नहीं हटने दिया जाएगा।



उन्होंने प्रशासन से पहले शहर की मस्जिद और दरगाह हटाने की मांग की। राठौर के अनुसार चौड़ीकरण के नाम पर पहले भी कई मंदिर हटाए जा चुके हैं, लेकिन मस्जिद-दरगाह पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे प्रशासन का भेदभाव बताया।



फिलहाल मंदिर हटाने का काम रुका हुआ है। प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच बातचीत जारी रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर और स्पष्टता आ सकती है।



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