रविवार को खुलेंगे स्कूल, सोमवार को रहेगा अवकाश, जानें कब होगा नियम लागू
समझें क्या है पूरा मामला...
- सावन में उज्जैन के स्कूलों का टाइम टेबल बदला, जानें नया शेड्यूल।
- सोमवार को छुट्टी, रविवार को स्कूल, वजह है महाकाल की सवारी।
- भीड़ और जाम से बचाने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला।
- 3 अगस्त से 31 अगस्त तक बदलेगा उज्जैन के स्कूलों की छुट्टी का रूटीन।
- महाकाल की छह सवारियां, स्कूलों पर पड़ेगा सीधा असर।
उज्जैन में सावन के दौरान स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। 3 अगस्त से 31 अगस्त तक सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे। इसकी भरपाई के लिए रविवार को नियमित कक्षाएं लगेंगी।
यह फैसला भगवान महाकाल की सावन सवारी के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन जल्द ही इसका औपचारिक आदेश जारी करेगा।
उज्जैन महाकाल सवारी को लेकर उज्जैन में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है। इस भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने स्कूलों के संचालन में बदलाव करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगी।
उज्जैन देशभर से आने वाले शिव भक्तों के लिए एक बड़ा धार्मिक केंद्र है। सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में शहर का सामान्य जनजीवन भी प्रभावित होता है। स्कूल प्रशासन हर साल इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी योजना पहले से तैयार करता है।
कब से कब तक रहेगी नई व्यवस्था
जिला प्रशासन के अनुसार यह बदलाव 3 अगस्त से 31 अगस्त तक लागू रहेगा। इस दौरान हर सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे। बदले में हर रविवार को स्कूल खुले रहेंगे और नियमित पढ़ाई होगी।
सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। इस साल भगवान महाकाल की कुल छह सवारियां निकाली जाएंगी। इनमें से चार सवारियां सावन माह में निकलेंगी, जो 3, 10, 17 और 24 अगस्त को होंगी।
छह सवारियों का पूरा शेड्यूल
सावन के बाद भादौ माह में भी दो सवारियां निकाली जाएंगी। पांचवीं सवारी 31 अगस्त को निकलेगी। इसके बाद 7 सितंबर को राजसी यानी शाही सवारी निकाली जाएगी, जो हर साल की सबसे बड़ी सवारी मानी जाती है।
राजसी सवारी के दिन हर साल की तरह पूरे जिले में अवकाश घोषित किया जाएगा। इस वजह से उस सप्ताह रविवार और सोमवार दोनों दिन स्कूल बंद रहेंगे।
राजसी सवारी को साल की सबसे भव्य और सबसे लंबी सवारी माना जाता है। इसमें भगवान महाकाल का पूरा राजसी श्रृंगार किया जाता है और यह सवारी देर रात तक चलती है। इसी वजह से इस दिन प्रशासन विशेष एहतियात बरतता है और आम जनजीवन को भी राहत देने के लिए पूरे दिन का अवकाश रखा जाता है।
भीड़ और जाम से बचाने का मकसद
प्रशासन के अनुसार सवारी के दौरान लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। स्कूल बसें भी अक्सर इसी जाम में फंस जाती हैं।
इससे बच्चों और अभिभावकों दोनों को परेशानी होती है। इसी वजह से हर साल सवारी वाले दिन स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाता है। इसकी भरपाई रविवार को कक्षाएं लगाकर पूरी की जाती है। शिक्षा विभाग जल्द ही इस बारे में औपचारिक आदेश जारी करेगा। स्कूलों को इसके अनुसार अपनी समय सारणी तैयार करनी होगी।
यह पहला मौका नहीं है जब उज्जैन में सवारी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया हो। हर साल सावन में प्रशासन ऐसी व्यवस्था लागू करता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और सुरक्षा भी बनी रहे। पुलिस प्रशासन भी सवारी के मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात करता है।
किन मार्गों से गुजरेगी सवारी
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी शाम 4 बजे मंदिर के सभा मंडप में पूजन-अर्चन के बाद शुरू होगी। इसके बाद यह गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी, जहां पूजन-अर्चन होगा।
इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक और खाती समाज मंदिर से गुजरेगी। आगे यह सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा और छत्री चौक होते हुए बढ़ेगी। अंत में गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होते हुए सवारी वापस महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
कलेक्टर ने दी जानकारी
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को समय पर स्कूल भेजने की योजना पहले से बना लें। रविवार को स्कूल खुलने से घर की सामान्य दिनचर्या पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने आदेश जल्द जारी करने का भरोसा दिलाया है, ताकि सभी को पर्याप्त समय पहले जानकारी मिल सके।
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