महाकाल लोक के बाद एमपी में बनेगा भव्य शनि लोक, 110 करोड़ में होगा तैयार

Manya Jain | Jan 21, 2026, 13:32 IST
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महाकाल लोक के बाद अब MP सरकार 110 करोड़ की लागत से भव्य 'शनि लोक' बना रही है। यह कॉरिडोर न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि पर्यटन को नई ऊंचाई देगा।

MP News:2022 में उज्जैन महाकाल मंदिर में महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। महाकाल लोक की वजह से मध्यप्रदेश के पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिला है।



इस सफलता को देखकर प्रदेश सरकार ने अब शनि लोक बनाने का फैसला किया है। यह शनि लोक कॉरिडोर करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। यह शनि लोक सिर्फ भक्तों के लिए आस्था का केंद्र नहीं बनेगा, बल्कि 2028 के सिंहस्थ के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।



कैसा रहेगा उज्जैन शनि लोक

उज्जैन-इंदौर मार्ग पर स्थित त्रिवेणी (Triveni) क्षेत्र में शिप्रा नदी के तट पर प्राचीन शनि मंदिर को इस विशाल परियोजना का केंद्र बनाया गया है।



UJJAIN SHANI LOK


शनि लोक प्रोजेक्ट के लिए उज्जैन-इंदौर रास्ते पर बने त्रिवेणी में शिप्रा नदी के प्राचीन शनि मंदिर को केंद्र बनाया गया है।



ये रहेंगी सुविधाएं और विशेषताएं

बजट और निर्माण: इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 110 करोड़ रूपए है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है।



महाकाल लोक की झलक: शनि लोक को भी महाकाल लोक की तर्ज पर ही सुंदर नक्काशी, मूर्तियों और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया जाएगा।



Navgraha mandir - Picture of Triveni Ghat Sri Saneeshwara Navagraha Temple, Ujjain - Tripadvisor


श्रद्धालु सुविधाएं: भक्तों के लिए सुगम दर्शन मार्ग, प्रतीक्षालय, पार्किंग, और शिप्रा तट पर बेहतर घाटों का निर्माण किया जाएगा।



ऐतिहासिक महत्व त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर के बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं सम्राट विक्रमादित्य (Ujjain Mahakal) ने की थी। यह देश का अनूठा मंदिर है जहाँ शनि देव, भगवान शिव के स्वरूप में पूजे जाते हैं।



यह होगा शनि लोक में

  • लैंडस्केपिंग, फैसलिटी सेंटर, फाउंडेशन हाइटेक पार्किंग, मटका द्वार।
  • जूता स्टैंड, मोबाइल रखने के लिए स्टैंड, शौचालय।
  • भगवान शनि से जुड़ी कहानी, मंदिर से जुड़ी परंपराएं।
  • भोजन शाला एंट्री और रजिस्ट्रेशन गेट के साथ दुकानें।

क्यों खास है त्रिवेणी का शनि मंदिर?

उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे बना शनि मंदिर 21,100 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे नवग्रह मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि यहां सूर्य, चंद्र, मंगल,बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु सभी नौ ग्रहों की प्रतिमाएं स्थापित हैं।



Navagraha Mandir (Triveni), Ujjain Travel Guide, Places to see


धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं

यहां पर भक्त अपने साढ़े साती और ढैया के दोषों के निवारण के लिए आते हैं। खासकर शनिश्चरी अमावस्या पर यहां लाखों की भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां तेल काला तिल और लोहा चढ़ाते हैं। एक अनोखी परंपरा के तहत लोग अपने पुराने कपड़े, जूते और चप्पल यहां छोड़ कर जाते हैं। जिससे भक्तों को कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।



ग्वालियर में भी आकार लेगा शनि लोक

उज्जैन के साथ-साथ ग्वालियर के ऐंती पर्वत पर भी शनि को विकसित किया जा रहा है। हालंकि यह परियोजना उज्जैन से अलग है लेकिन इसका धार्मिक महत्व कम नहीं है।



ऐंती पर्वत की मूर्तियां: यहां सप्त ऋषियों और भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमाओं के साथ कुल 18 मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।



इतिहास: इस मंदिर का जीर्णोद्धार विक्रम संवत 1806 में दौलत राव सिंधिया ने कराया था। वर्तमान में यह मंदिर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी के अधीन है।



धार्मिक पर्यटन दे रहा प्रदेश को बढ़ावा

धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ बनता जा रहा है। शनि लोक के निर्माण से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उज्जैन आने वाले पर्यटकों के प्रवास की अवधि में भी वृद्धि होगी। सिंहस्थ 2028 से पहले इस कॉरिडोर का पूरा होना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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