देश में पहली बार मंदिरों के बॉन्ड की होगी ट्रेडिंग, 200 रुपए के बॉन्ड से जुड़ सकेंगे आम लोग, उज्जैन के ये 11 धार्मिक स्थल होंगे शामिल
शेयर बाजार जैसी ट्रेडिंग
अक्सर लोग शेयर बाजार में कंपनियों के शेयर खरीदते और बेचते हैं। ठीक उसी तरह लोग अब इन टेंपल बॉन्ड्स का व्यापार कर सकेंगे। आप हर दिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से इन बॉन्ड्स को खरीद सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर आप इन्हें शेयर बाजार में बेच भी सकते हैं। यह व्यवस्था आम लोगों को सीधे धार्मिक विकास से जोड़ती है। इससे भक्तों को अपनी आस्था प्रकट करने का नया माध्यम मिलेगा। साथ ही उनके पैसों पर सिक्योर और फिक्स्ड रिटर्न भी मिल सकेगा। अब आम भक्त भी मंदिरों के विकास में सीधे भागीदार बन सकेंगे।
200 रुपए का बॉन्ड प्लान
इस पूरे प्रोजेक्ट के फ्रेमवर्क को बहुत ही बारीकी से तैयार किया गया है। बॉन्ड की शुरुआत में 200 रुपए की कीमत वाला टेंपल बॉन्ड जारी होगा। इस कम कीमत की वजह से हर आम इंसान इसमें निवेश कर पाएगा। छोटे और बड़े सभी निवेशक आसानी से इससे जुड़ सकेंगे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग की प्रक्रिया अगले एक-दो महीनों में चालू हो जाएगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से बॉन्ड्स की खरीदी और बिक्री होगी। इससे लोगों का समय बचेगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी। उज्जैन के 11 मंदिरों के लिए 1124 करोड़ रुपए का प्लान बना है।
प्रशासन ने विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए बड़ी योजना बनाई है। UDA यानी उज्जैन विकास प्राधिकरण इसकी पूरी गारंटी ले रहा है। यूडीए की गारंटी पर 600 करोड़ रुपए का बैंक लोन मंजूर हुआ है।
बैंकों ने इस योजना की जांच करके अपनी हरी झंडी दे दी है। अब बॉन्ड जारी करके बाकी रकम जुटाने की तैयारी चल रही है। फाइनेंसियल मैटर्स के एक्सपर्ट इसे एक सेफ इन्वेस्टमेंट मॉडल मान रहे हैं।
इंदौर ग्रीन बॉन्ड से इंस्पायर्ड है ये मॉडल
उज्जैन का यह मॉडल इंदौर के सफल ग्रीन बॉन्ड से इंस्पायर्ड है। इंदौर नगर निगम ने जलूद प्लांट के लिए ग्रीन बॉन्ड निकाला था। उस दौरान इंदौर की जनता ने 244 करोड़ रुपए जुटाकर दिए थे। उससे नगर निगम का करोड़ों रुपए का बिजली बिल हर महीने बचा। ग्रीन बॉन्ड खरीदने वाले लोगों को हर साल 8.25% ब्याज मिला। यह ब्याज दर आम बैंक एफडी से कहीं ज्यादा और फायदेमंद थी। इसी तर्ज पर उज्जैन का टेंपल बॉन्ड भी निवेशकों को मुनाफा देगा।
किन मंदिरों का होगा विकास
इस प्रोजेक्ट में शहर के 11 प्रसिद्ध मंदिरों को चुना गया है। कालभैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर में सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो चुका है। सिद्धवट और महर्षि सांदीपनि आश्रम में भी निर्माण कार्य जारी है। मां बगुलामुखी, अंगारेश्वर महादेव और भूखी माता के वर्कऑर्डर जारी हुए हैं।
गढ़कालिका और प्रसिद्ध शनि मंदिर के टेंडर इसी हफ्ते खुल जाएंगे। इन सभी स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा और ऊंचाई मिलेगी।
आम निवेशकों को क्या मिलेगा
बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि उन्हें इससे क्या फायदा होगा। पहला फायदा यह है कि आपको बैंक से बेहतर ब्याज मिलेगा। दूसरा फायदा यह है कि आपका पैसा एक अच्छे काम में लगेगा। तीसरा फायदा यह है कि आप जब चाहे बॉन्ड बेच सकते हैं। इसमें लिक्विडिटी की पूरी सुविधा जनता को मिलेगी। अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत हो तो आप बॉन्ड बेच सकते हैं। इससे आपकी जमा पूंजी हमेशा सुरक्षित और आपके नियंत्रण में रहेगी।
टेंपल बॉन्ड से मिलने वाले फंड से सड़कें, रेस्ट हाउस, सुरक्षा, पेयजल और पार्किंग की सुविधाएं तैयार होंगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उज्जैन का ये इनोवेटिव मॉडल धार्मिक विकास की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। ये पहल देशभर के धार्मिक स्थलों के लिए प्रेरणा बनेगी। यहां आम जनता की बचत से सीधा धार्मिक स्थल विकास संभव हो सकेगा।
FAQs:
- टेंपल बॉन्ड क्या है?
टेंपल बॉन्ड मंदिरों के डेवलपमेंट और ब्यूटीफिकेशन के लिए जारी होने वाला बॉन्ड है। बॉन्ड यानी कर्ज की रसीद। उज्जैन में इसे देश का पहला प्रयोग बताया गया है। - उज्जैन टेंपल बॉन्ड की ऑनलाइन खरीदी-बिक्री कब शुरू होगी?
खबरों के मुताबिक, अगले एक-दो माह में ऑनलाइन खरीदी-बिक्री शुरू हो सकती है। इसके लिए 200 रुपए के बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ब्याज दर अभी बताई नहीं गई है। - कितने मंदिरों के लिए टेंपल बॉन्ड जारी होंगे?
उज्जैन के 11 मंदिरों के विकास के लिए 1124 करोड़ रुपए का प्लान बना है। इनमें कालभैरव, मंगलनाथ, सिद्धवट और सांदीपनि आश्रम पर काम शुरू हो चुका है। बाकी स्थलों के वर्कऑर्डर या टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।