एमपी के 6 शहरों को मिलेगा विकास फंड: जल आपूर्ति और सीवरेज होंगे बेहतर

Jitendra Shrivastava | Jul 12, 2026, 23:56 IST
Share
एमपी के 6 शहरों को मिलेगा विकास फंड
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना से मध्य प्रदेश के छह शहरों में 4,719.62 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं होंगी। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए नगर निगम टेंपल बॉन्ड जारी करेगा।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश के छह शहरों को मिलेगा बड़ा विकास फंड
  • 4719 करोड़ से बदलेगी इंदौर-ग्वालियर सहित छह शहरों की सूरत
  • मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे सैकड़ों करोड़ रुपए
  • अर्बन चैलेंज फंड से जल आपूर्ति और सीवरेज होंगे बेहतर
मध्य प्रदेश के छह बड़े शहरों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड (UCF – Urban Challenge Fund) योजना के तहत यह बदलाव होगा। इस योजना से 4,719.62 करोड़ रुपए की सहायता मिलेगी।

इस राशि से इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और उज्जैन में कई काम होंगे। इनमें जल आपूर्ति, सीवरेज, आधुनिक शहरी परिवहन और जल निकासी जैसे काम शामिल हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अधोसंरचना विकास पर भी खर्च होगा।

कैसे जुटेगी परियोजनाओं की रकम

अर्बन चैलेंज फंड की योजना में पैसा जुटाने का तरीका तय किया गया है। इसमें कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी। वहीं 50 प्रतिशत हिस्सा संबंधित नगर निगम वहन करेगा।

बाकी बची राशि बैंक ऋण या म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे बाजार स्रोतों से जुटाई जाएगी। इस फंड से अमृत-2 योजना के अधूरे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जाएंगे। सभी परियोजनाओं की डीपीआर (DPR – Detailed Project Report) केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

इंदौर और ग्वालियर में सबसे बड़ा निवेश

इंदौर में जल आपूर्ति की परियोजना पर 907.74 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसमें 226.94 करोड़ रुपए यूसीएफ से मिलेंगे। इसके अलावा 208 करोड़ रुपए की सीवरेज परियोजना के लिए 52 करोड़ रुपए यूसीएफ से आएंगे।

ग्वालियर में इससे भी बड़ा निवेश होगा। यहां जल आपूर्ति परियोजना पर 1,151.38 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 287.85 करोड़ रुपए यूसीएफ से मिलेंगे। साथ ही 700 करोड़ रुपए की सीवरेज परियोजना में से 195 करोड़ रुपए यूसीएफ देगा।

जबलपुर, छिंदवाड़ा और रीवा को भी फायदा

जबलपुर में सीवरेज परियोजना पर 328 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 82 करोड़ रुपए यूसीएफ से मिलेंगे। इसके अलावा 20 करोड़ रुपए की पेयजल परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपए यूसीएफ देगा।

छिंदवाड़ा में जल आपूर्ति पर 65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें से 16.38 करोड़ रुपए यूसीएफ से आएंगे। इसकी डीपीआर पहले ही तैयार है। रीवा में जल आपूर्ति परियोजना पर 99.86 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 24.87 करोड़ रुपए यूसीएफ से मिलेंगे।

उज्जैन में मंदिर और शहर विकास पर बड़ा खर्च

उज्जैन में शहर और मंदिर विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपए की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इसमें 275 करोड़ रुपए यूसीएफ से मिलेंगे। इसके अलावा नदी और उपचारित जल परियोजना पर 159 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 39.75 करोड़ रुपए यूसीएफ से आएंगे। उज्जैन में यह निवेश खासतौर पर 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

सिंहस्थ के लिए आएगा टेंपल बॉन्ड

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए उज्जैन नगर निगम एक खास तरीका अपनाएगा। यह टेंपल बॉन्ड जारी करेगा। इसके जरिए करीब 1,100 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे।

यह राशि मंदिरों, सड़कों, जलापूर्ति और सीवरेज जैसी अधोसंरचना पर खर्च होगी। टेंपल बॉन्ड के तहत नगर निगम निवेशकों से पैसा उधार लेगा। बदले में उन्हें तय ब्याज दिया जाएगा।

बॉन्ड जारी करने और टर्म लोन की पूरी वित्तीय जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्राधिकरण संभालेगा। इसके बदले संबंधित मंदिरों से आनुपातिक राशि ली जाएगी।

मंदिरों की आय से मिलेगा निवेशकों को रिटर्न

यह पूरी योजना मंदिरों की कमाई पर टिकी है। दुकानों के मुद्रीकरण, पार्किंग शुल्क, दर्शन शुल्क और विज्ञापन से पैसा आएगा। मंदिरों के दान और चढ़ावे से भी आय जुटाई जाएगी।

निवेशकों को मिलने वाला रिटर्न भी मंदिरों की इसी आय से दिया जाएगा। बॉन्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करने की योजना बनाई गई है।

किन मंदिरों पर होगा कितना खर्च

टेंपल बॉन्ड और यूसीएफ से जुटाई गई राशि कई प्रमुख मंदिरों पर खर्च होगी। सांदीपनि आश्रम पर 130 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गढ़कालिका और सिद्धवट मंदिर पर 15-15 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

मंगलनाथ मंदिर पर 120 करोड़ रुपए और भूखी माता मंदिर पर 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कालभैरव और अंगारेश्वर महादेव मंदिर पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मां बगलामुखी मंदिर पर 90 करोड़ रुपए और एकता मॉल एवं विराट रूप परियोजना पर 220 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

ये खबरें भी पढ़ें...

देश में पहली बार... टेंपल बॉन्ड, 1100 करोड़ से बदलेंगे एमपी के मंदिर

एमपी पुलिस प्रमोशन: प्रधान आरक्षक बने सैकड़ों पुलिसकर्मी, आदेश जारी

मध्यप्रदेश पुलिस के 168 सूबेदार बने रक्षित निरीक्षक, पदोन्नति आदेश जारी हुआ

MP Promotion Rules 2025: दागी अफसरों पर सख्ती, प्रमोशन के साथ छिन सकता है प्रभार

Tags:
  • केंद्र सरकार
  • मध्य प्रदेश
  • सिंहस्थ 2028
  • शहरी विकास मंत्रालय
  • जल आपूर्ति
  • टेंपल बॉन्ड
  • अर्बन चैलेंज फंड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज