एमपी पुलिस प्रमोशन: प्रधान आरक्षक बने सैकड़ों पुलिसकर्मी, आदेश जारी
Jitendra Shrivastava | Jul 12, 2026, 23:45 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत रतलाम, शिवपुरी, बड़वानी और भोपाल देहात रेंज में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की पदोन्नति के आदेश जारी हुए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को मिली पदोन्नति।
- चार जिलों में सैकड़ों आरक्षकों का प्रमोशन आदेश जारी।
- रतलाम, शिवपुरी, बड़वानी में पुलिसकर्मी बने प्रधान आरक्षक।
- भोपाल दिहात रेंज में सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति।
- नए पदोन्नति नियम 2025 से पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव।
यह प्रक्रिया मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD- General Administration Department) के एक पत्र से शुरू हुई। यह पत्र 30 जून 2026 को भोपाल से जारी हुआ था। इसमें पदोन्नति नियम 2025 के तहत प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के बाद अलग-अलग जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने आदेश जारी किए।
रतलाम में सबसे बड़ी सूची
इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी रक्षित केन्द्र रतलाम, स्टेशन रोड़, यातायात शाखा और जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ हैं। इन सभी को स्थानापन्न रूप से रिक्त पदों पर पदोन्नति दी गई है। आदेश पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भाऊसे के हस्ताक्षर से जारी हुआ।
शिवपुरी में भी बड़ा फेरबदल
शिवपुरी में इससे पहले जारी कार्यवाहक प्रभार के आदेशों को भी इस नए आदेश के साथ निरस्त कर दिया गया है। आदेश पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के हस्ताक्षर से जारी हुआ। इसमें प्रतीक्षा सूची में शामिल कुछ आरक्षकों को फिलहाल पदोन्नति नहीं दी गई है।
बड़वानी में जीडी-ट्रेड आरक्षकों को मिला प्रमोशन
इस सूची में कई पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो पहले हवलदार (HC – Head Constable) रैंक पर तैनात थे। सभी को उनकी वर्तमान पदस्थापना यानी जिला बड़वानी में ही प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।
भोपाल देहात रेंज में भी हुए प्रमोशन
इस पदोन्नति का दायरा सीहोर, राजगढ़, विदिशा और भोपाल देहात जिलों तक फैला है। इसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अनारक्षित वर्ग के प्रधान आरक्षकों को शामिल किया गया। यह आदेश उप पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह चंदेल के हस्ताक्षर से जारी हुआ।
छतरपुर रेंज में 164 प्रधान आरक्षकों का प्रमोशन
सूची में 92 अनारक्षित वर्ग के प्रधान आरक्षक हैं। वहीं 48 अनुसूचित जाति और 24 अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुलिसकर्मियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला है।
पदोन्नति की शर्तें भी तय
इसके अलावा सभी पदोन्नत कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के लिए एक महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा। सभी आदेश सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक विशेष अनुमति याचिका के अंतिम फैसले के अधीन भी रहेंगे।
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