उज्जैन स्टेशन से 26 बच्चों का रेस्क्यू, यूपी से गुजरात ले जाने की थी तैयारी, क्या है पूरा मामला

Anjali Dwivedi | May 01, 2026, 13:08 IST
Ujjain Katni train child rescue trafficking
उज्जैन और नागदा में अंत्योदय एक्सप्रेस से 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। ये बच्चे मुजफ्फरनगर (यूपी) से गुजरात ले जाए जा रहे थे। बच्चों की तस्करी का शक है। इससे पहले कटनी में भी 165 बच्चों को बचाया गया था।

उज्जैन: 30 अप्रैल की रात मध्य प्रदेश केउज्जैन रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन को बच्चों की तस्करी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) ने अंत्योदय एक्सप्रेस से 26 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह ऑपरेशन उज्जैन से शुरू होकर नागदा स्टेशन तक चला।



कुछ दिन पहले ही कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। ये बच्चे संदिग्ध हालात में बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे।



कहां से कहां ले जा रहे थे बच्चों को

पूरे मामले की शुरुआत गुरुवार रात बाल कल्याण समिति को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई। खबर मिली थी कि मुजफ्फरनगर (यूपी) से करीब 100 बच्चों को मजदूरी के लिए अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन में चार थानों का बल, आरपीएफ, जीआरपी और श्रम विभाग की संयुक्त टीम को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया।



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रात 11 बजे स्टेशन पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

गुरुवार रात करीब 11 बजे जैसे ही अंत्योदय एक्सप्रेस उज्जैन स्टेशन पहुंची, भारी पुलिस बल ने ट्रेन को घेर लिया। सीएसपी दीपिका शिंदे के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। आधे घंटे तक चली गहन पूछताछ के बाद टीम ने शुरुआती तौर पर चार बच्चों को ट्रेन से उतारा। इसी बीच ट्रेन स्टेशन से आगे बढ़ गई, लेकिन ऑपरेशन थमा नहीं।



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नागदा स्टेशन पर रुकवाई ट्रेन

सीएसपी दीपिका शिंदे ने तत्काल नागदा स्टेशन को सूचित कर ट्रेन रुकवाई। वहां एक घंटे की कड़ी मशक्कत और डिब्बों की तलाशी के बाद 22 और नाबालिग बच्चे-बच्चियां नीचे उतारे गए। इस तरह देर रात तक चले इस मिशन में कुल 26 बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों से छुड़ाया गया। इनमें से दो बच्चों की उम्र तो 14 साल से भी कम पाई गई है।



मजदूरी या सैर-सपाटा पुलिस ने की पूछताछ

श्रम विभाग की सहायक आयुक्त राखी जोशी के मुताबिक, जानकारी मिली थी कि चार लोग इन बच्चों को गुजरात ले जा रहे हैं। फिलहाल, रेस्क्यू किए गए बच्चों को उज्जैन जीआरपी और सीवीडी (CWC) की देखरेख में रखा गया है।



पुलिस का कहना है कि जहां कुछ बच्चे मजदूरी की बात कह रहे हैं, वहीं कुछ का दावा है कि वे सोमनाथ घूमने जा रहे हैं। फिलहाल बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है ताकि इस तस्करी के संदेह की पूरी सच्चाई सामने आ सके।



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