MP में कातिल पिता ने 2 साल के बच्चे को जंगल में छोड़ा, 20 घंटे तक अकेले भटकता रहा मासूम
Vidisha News. मध्य प्रदेश के विदिशा से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। यहां एक दो साल का मासूम बच्चा घने जंगल में अकेले करीब 20 घंटे तक भटकता रहा और मौत को मात देकर सुरक्षित बाहर निकला। ये बच्चा तब जंगल में लावारिस घूम रहा था। आरोप है कि उसके पिता ने कथित तौर पर उसकी मां की हत्या कर दी और उसे सुनसान जगह पर अकेला छोड़कर भाग गए।
क्या है पूरा मामला
यह घटना विदिशा और रायसेन जिले की सीमा पर स्थित एक दूर-दराज के जंगल की है। पुलिस के मुताबिक, विदिशा जिले के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 25 साल के युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने पत्थर से सिर कुचलकर अपनी पत्नी को मार डाला। इस घटना के समय उनका दो साल का बेटा भी वहीं मौजूद था।
पत्नी को रास्ते से हटाने के बाद, शख्स अपने बच्चे को रायसेन जिले के बेगमगंज में ले जाकर छोड़ दिया और खुद फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि यह इलाका इतना खतरनाक और सुनसान था कि वहां जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है। वहां किसी का भी रहना मुश्किल है, ऐसे में दो साल के बच्चे का सुरक्षित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
20 घंटे का संघर्ष और रेस्क्यू
आरोपी ने बच्चे को छोड़ने के बाद अपनी मोटरसाइकिल भी वहीं छोड़ दी थी। जब महिला की लाश मिली, तो हैदरगढ़ पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने बच्चे के बारे में कुछ नहीं बताया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई।
2 मई शनिवार देर रात जब बेगमगंज पुलिस को पता चला कि एक छोटा बच्चा जंगल में कहीं लापता है, तो हड़कंप मच गया। रात के अंधेरे में ही पुलिस की कई टीमें बनाई गईं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
बेगमगंज की एसडीओपी (SDOP) सोनाली गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीमें पूरी रात जंगल छानती रहीं। आखिरकार, रविवार सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस को झाड़ियों के बीच से एक हल्की सी आवाज सुनाई दी। जब पुलिस वहां पहुंची, तो उन्होंने देखा कि वह नन्हा बच्चा पैदल चला आ रहा था।
चमत्कारिक रूप से बचा बच्चा
जब बच्चा मिला, तो उसकी हालत देख पुलिसकर्मी भी भावुक हो गए। उसने सिर्फ एक शर्ट पहनी थी और कमर के नीचे कोई कपड़ा नहीं था। वह पथरीले और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर नंगे पैर करीब 20 घंटे से चल रहा था। बच्चा बहुत ज्यादा डरा हुआ, थका हुआ और प्यासा था। जैसे ही उसे खाने-पीने की चीजें दी गईं, उसने तुरंत उन्हें पकड़ लिया।
डॉक्टरों का कहना है कि इतने घंटों तक बिना खाए-पिए और जंगली जानवरों के बीच अकेले रहने के बावजूद बच्चा सुरक्षित है, यह किसी करिश्मे जैसा है। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारी सोनाली गुप्ता ने कहा, यह वाकई एक चमत्कार है कि वह बच्चा इतने खतरनाक इलाके में जीवित बच गया। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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