पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के करीबी शोभित त्रिपाठी पर ED का एक्शन, 5.37 करोड़ की संपत्ति अटैच

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 10:04 IST
मंत्री गोपाल भार्गव के करीबी पूर्व जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी पर ED की कार्रवाई।
A multi-crore scam involving a government scheme has come to light in Madhya Pradesh. The incident occurred in the Sironj Janpad Panchayat of Vidisha district, where irregularities amounting to ₹30.18 crore were uncovered within a marriage assistance scheme.
मध्य प्रदेश में ED ने शादी सहायता योजना में 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी का मामले में बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में ED ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के करीबी बताए जाने वाले शोभित त्रिपाठी की 5.37 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। शोभित त्रिपाठी विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत में CEO रह चुके हैं।

ED के मुताबिक, उनके कार्यकाल में 5 हजार 923 संदिग्ध शादियों के नाम पर 30.18 करोड़ रुपए की सरकारी रकम बांटी गई थी। आरोप है कि इस पैसे का गलत तरीके से भुगतान किया गया। इसके लिए अपात्र लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ।



इतनी शादियों पर उठे सवाल

ED की जांच के मुताबिक, शोभित त्रिपाठी 2019 से 2021 के बीच सिरोंज जनपद पंचायत में CEO के पद पर रहे। इसी दौरान कथित गड़बड़ी हुई। जांच में 5 हजार 923 संदिग्ध विवाह मामलों का पता चला है। इन मामलों में करीब 30.18 करोड़ रुपए की सरकारी पैसे को मंजूरी दी गई। आरोप है कि कई मामलों में फर्जी आवेदन लगाए गए थे। इन आवेदनों के आधार पर सहायता राशि जारी की गई।



इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी रिकॉर्ड का भी इस्तेमाल किया गया। फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए ऐसे मामलों को सही दिखाया गया, जिनमें सहायता मिलनी ही नहीं चाहिए थी। इस तरह योजना के लिए रखी गई रकम गलत तरीके से दूसरे खातों में पहुंचाई गई।



फर्जी खातों में भेजे गए सरकारी पैसे

जांच एजेंसी के मुताबिक, सरकारी पैसे को कई बैंक खातों में भेजी गई। इनमें कुछ खाते सिर्फ पैसे निकालने के लिए खुलवाए गए थे। आरोप है कि ये खाते अपात्र लोगों के डॉक्यूमेंट्स से खुले हैं। खातों में सरकारी पैसा आते ही उसे निकाल लिया गया।



ED की हिरासत में शोभित त्रिपाठी

इस मामले में ED पहले भी कई जगह छापेमारी कर चुकी है। तलाशी के दौरान एजेंसी को कई अहम दस्तावेज मिले थे। इनमें संदिग्ध भुगतान और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां थीं। इसके बाद ED ने शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत हुई थी। गिरफ्तारी के बाद ED ने उनसे पूछताछ भी की थी। इसके लिए एजेंसी ने उन्हें रिमांड पर लिया था। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। फिलहाल शोभित त्रिपाठी न्यायिक हिरासत में हैं।



लॉकडाउन में भी बांटी गई फर्जी सहायता राशि

इस मामले में कोविड लॉकडाउन के दौरान भी गड़बड़ी का आरोप है। आरोप है कि उस समय भी अपात्र लोगों को योजना का पैसा दिया गया। यानी फर्जी नामों पर सरकारी रकम बांटी जाती रही। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को तलाशी के दौरान कई अहम डॉक्यूमेंट मिले थे। अब एजेंसी इन डॉक्यूमेंट्स की मदद से मामले की जांच कर रही है।



ED पता लगा रही है कि पैसा किन खातों में भेजा गया। साथ ही, रकम निकालने वालों की पहचान भी की जा रही है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। ED की कार्रवाई में कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की भी जांच हो रही है। आगे की जांच में दूसरे लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पैसों के लेनदेन से जुड़े नए खुलासे भी हो सकते हैं।



FAQs



  1. सिरोंज विवाह सहायता घोटाला क्या है?
    सिरोंज विवाह सहायता घोटाला एक मामले को दर्शाता है जिसमें 30.18 करोड़ रुपए की सरकारी राशि के गलत तरीके से इस्तेमाल का आरोप है, जिसमें 5,923 संदिग्ध विवाह मामलों की पहचान की गई है।
  2. इस घोटाले में किन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है?
    इस घोटाले में पूर्व जनपद CEO शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
  3. ED ने इस मामले में कितनी संपत्ति कुर्क की है?
    ED ने इस मामले में 5.37 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं, जिसमें भोपाल स्थित एक आलीशान बंगला भी शामिल है।
Tags:
  • विवाह सहायता योजना घोटाला
  • शोभित त्रिपाठी
  • सिरोंज जनपद पंचायत
  • ईडी भोपाल
  • मनी लॉन्ड्रिंग केस
  • कन्या विवाह योजना मध्य प्रदेश
  • Marriage Assistance Scheme
  • ED Bhopal
  • Money Laundering
  • Fake Marriage Scam