अनवर ढेबर के घर ED की दबिश, कोल लेवी और CSMCL घोटाले में EOW-ACB का प्रदेशभर में बड़ा एक्शन
VINAY VERMA | Oct 30, 2026, 10:55 IST
डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर ED और EOW-ACB की रेड, अनवर ढेबर के घर भी दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार सुबह अचानक हलचल बढ़ गई। प्रदेश में एक साथ कई जगह जांच एजेंसियों की टीमें पहुंचीं। कोल लेवी और CSMCL घोटाले से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई शुरू हुई है। इस कार्रवाई से कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा अनवर ढेबर के घर हुई छापेमारी की है। वह पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई हैं।
शुक्रवार सुबह ED की टीम उनके घर पहुंची। वहीं, EOW-ACB की टीमें भी अलग-अलग जिलों में जांच कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है। इसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, गरियाबंद और राजिम शामिल हैं। कई जगहों पर टीमें एक साथ पहुंचीं। इसके बाद जांच शुरू की गई।
शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम अनवर ढेबर के घर पहुंची। उनके नाम की चर्चा पहले भी कई मामलों में हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के शराब और कोल लेवी मामलों में उनका नाम सामने आया था।
यही वजह है कि इस नई कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। फिलहाल ED की टीम किस मामले में कौन से दस्तावेज तलाश रही है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच के दौरान टीम को क्या मिला। एजेंसी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।
दूसरी ओर, EOW-ACB ने भी बड़ा एक्शन लिया है। इन एजेंसियों की अलग-अलग टीमें सुबह से ही सक्रिय हैं। प्रदेश के कई जिलों में एक साथ जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर, दुर्ग और भिलाई में टीमें पहुंची हैं। इसके अलावा राजनांदगांव, गरियाबंद और राजिम में भी कार्रवाई की खबर है। कुल मिलाकर डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर जांच चलने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई में एक चर्चित सराफा कारोबारी के रिश्तेदारों के ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहां भी जांच एजेंसियों की टीम पहुंची है। हालांकि, संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां किन दस्तावेजों की तलाश कर रही हैं, यह भी साफ नहीं है। छापेमारी के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
कोल लेवी मामला छत्तीसगढ़ के चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में शामिल है। इस मामले में कोयला परिवहन के दौरान अवैध वसूली के आरोप लगे थे।
आरोप था कि कोयले के परिवहन से जुड़े काम में कथित तौर पर पैसे वसूले जा रहे थे। धीरे-धीरे यह मामला बड़ा होता चला गया। इसके बाद जांच एजेंसियों ने पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान कारोबारियों के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों की भी जांच हुई। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में भी काफी हलचल मचाई थी।
अब एक बार फिर इस मामले से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई हो रही है। इससे जांच के अगले चरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एजेंसियां पुराने मामलों से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल कर सकती हैं।
कोल लेवी के साथ CSMCL से जुड़े कथित घोटाले की जांच भी चल रही है। इस मामले में आर्थिक लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं।
इसमें पैसों के लेनदेन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि किन लोगों के बीच लेनदेन हुआ। साथ ही, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अब दोनों मामलों में एक साथ कार्रवाई हुई है। इससे कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या जांच एजेंसियों को कोई नया सुराग मिला है? क्या पुराने मामलों में कुछ नए नाम सामने आ सकते हैं?
फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।
शुक्रवार सुबह हुई कार्रवाई की खबर तेजी से फैल गई। इसके बाद कारोबारी और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। इसकी सबसे बड़ी वजह कार्रवाई का बड़ा दायरा है।
एक तरफ ED की टीम अनवर ढेबर के घर पहुंची। दूसरी तरफ EOW-ACB की टीमें कई जिलों में जांच कर रही हैं। सराफा कारोबार से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों के यहां भी कार्रवाई की जानकारी है।
ऐसे में अब सभी की नजर जांच एजेंसियों के अगले कदम पर है। माना जा रहा है कि छापेमारी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, अभी किसी नए सबूत या खुलासे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल अलग-अलग जगहों पर जांच जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी। इसके बाद पता चलेगा कि एजेंसियों को कौन से दस्तावेज और सबूत मिले हैं।
यह भी देखना होगा कि जांच के दौरान कोई नया नाम सामने आता है या नहीं। क्या पुराने मामलों में नई कड़ियां जुड़ेंगी? क्या कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी? इन सवालों पर अभी सबकी नजर है।
जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अब आगे की जांच से कई बातें साफ हो सकती हैं। फिलहाल किसी की भूमिका या आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है। इसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, गरियाबंद और राजिम शामिल हैं। कई जगहों पर टीमें एक साथ पहुंचीं। इसके बाद जांच शुरू की गई।
अनवर ढेबर के घर ED की दबिश
यही वजह है कि इस नई कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। फिलहाल ED की टीम किस मामले में कौन से दस्तावेज तलाश रही है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच के दौरान टीम को क्या मिला। एजेंसी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।
डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर EOW-ACB की रेड
जानकारी के अनुसार, रायपुर, दुर्ग और भिलाई में टीमें पहुंची हैं। इसके अलावा राजनांदगांव, गरियाबंद और राजिम में भी कार्रवाई की खबर है। कुल मिलाकर डेढ़ दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर जांच चलने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई में एक चर्चित सराफा कारोबारी के रिश्तेदारों के ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहां भी जांच एजेंसियों की टीम पहुंची है। हालांकि, संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां किन दस्तावेजों की तलाश कर रही हैं, यह भी साफ नहीं है। छापेमारी के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
क्या है कोल लेवी का मामला?
आरोप था कि कोयले के परिवहन से जुड़े काम में कथित तौर पर पैसे वसूले जा रहे थे। धीरे-धीरे यह मामला बड़ा होता चला गया। इसके बाद जांच एजेंसियों ने पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान कारोबारियों के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों की भी जांच हुई। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में भी काफी हलचल मचाई थी।
अब एक बार फिर इस मामले से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई हो रही है। इससे जांच के अगले चरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एजेंसियां पुराने मामलों से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल कर सकती हैं।
CSMCL घोटाले में भी जांच जारी
इसमें पैसों के लेनदेन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि किन लोगों के बीच लेनदेन हुआ। साथ ही, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अब दोनों मामलों में एक साथ कार्रवाई हुई है। इससे कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या जांच एजेंसियों को कोई नया सुराग मिला है? क्या पुराने मामलों में कुछ नए नाम सामने आ सकते हैं?
फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।
कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
एक तरफ ED की टीम अनवर ढेबर के घर पहुंची। दूसरी तरफ EOW-ACB की टीमें कई जिलों में जांच कर रही हैं। सराफा कारोबार से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों के यहां भी कार्रवाई की जानकारी है।
ऐसे में अब सभी की नजर जांच एजेंसियों के अगले कदम पर है। माना जा रहा है कि छापेमारी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, अभी किसी नए सबूत या खुलासे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छापेमारी के बाद क्या होगा?
यह भी देखना होगा कि जांच के दौरान कोई नया नाम सामने आता है या नहीं। क्या पुराने मामलों में नई कड़ियां जुड़ेंगी? क्या कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी? इन सवालों पर अभी सबकी नजर है।
जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अब आगे की जांच से कई बातें साफ हो सकती हैं। फिलहाल किसी की भूमिका या आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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