विक्रमोत्सव 2026 को Shows of India Conclave में मिले दो राष्ट्रीय अवार्ड, MP का गौरव बढ़ा

Pawan Modiya | May 05, 2026, 17:46 IST
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मध्यप्रदेश के विक्रमोत्सव 2026 को नई दिल्ली में आयोजित Shows of India Conclave 2026 में गोल्ड और सिल्वर दो बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। 139 दिवसीय इस आयोजन से 17.72 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश के विक्रमोत्सव 2026 को दो बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
  • नई दिल्ली में Shows of India Conclave 2026 में यह सम्मान दिया गया।
  • कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर में गोल्ड और शासकीय सहभागिता में सिल्वर मिला।
  • 7 फरवरी से 24 मार्च के बीच आयोजन से 17.72 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े।
  • विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है।

दो अवार्ड, एक साथ

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक ताकत एक बार फिर देश के सामने साबित हुई है। इस बार मंच था राजधानी नई दिल्ली और सम्मान मिला देश के सबसे प्रतिष्ठित इवेंट अवार्ड मंच पर।



नई दिल्ली में 2 और 3 मई 2026 को Shows of India Conclave 2026 का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन EVENTFAQS Media ने किया, जो देश के इवेंट और एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग (Experiential Marketing, यानी अनुभव आधारित विपणन) क्षेत्र का अग्रणी मंच है। यहाँ WOW Live Awards के तहत देशभर से 300 से ज्यादा प्रविष्टियाँ आई थीं। विशेषज्ञ जूरी पैनल ने सभी का मूल्यांकन किया। इसी प्रतिस्पर्धा में विक्रमोत्सव 2026 ने दो बड़े पुरस्कार अपने नाम किए।



पहला पुरस्कार मिला कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर (Cultural Live Event of the Year) की श्रेणी में गोल्ड अवार्ड। दूसरा पुरस्कार मिला बेस्ट गवर्नमेंट इंटीग्रेशन फॉर अ लाइव इवेंट (Best Government Integration for a Live Event) की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड। WOW की टीम अब भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह पुरस्कार भेंट करेगी।



क्या है विक्रमोत्सव

विक्रमोत्सव मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित किया जाता है। यह दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल होते हैं।



विक्रमोत्सव 2026 का आयोजन 12 फरवरी से 30 जून 2026 तक यानी पूरे 139 दिनों तक होना है। इसे दो चरणों में बांटा गया। पहले चरण की शुरुआत महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम के कार्यक्रम "शिवोऽहम महादेव" से हुई। दूसरा चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के रूप में चलेगा। इस चरण में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां हैं और 4 हजार से ज्यादा कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं।



17.72 करोड़ लोगों तक पहुंचा विक्रमोत्सव

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच विक्रमोत्सव की गतिविधियां कुल 17.72 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचीं। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स के जरिए 47.85 लाख लोगों तक सीधी पहुंच बनी। इसके अलावा आम लोगों द्वारा बनाए गए कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स से 17.24 करोड़ से ज्यादा की डिजिटल रीच (Digital Reach, यानी ऑनलाइन पहुंच) दर्ज की गई। यह आंकड़ा दिखाता है कि विक्रमोत्सव अब सिर्फ एक स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह एक राष्ट्रीय और डिजिटल उत्सव बन चुका है।



तिवारी ने कहा, "विक्रमोत्सव 2026 को मिले ये पुरस्कार मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय हैं। यह सम्मान मध्यप्रदेश की पारंपरिक एवं आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विरासत से विकास" के मंत्र को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ा रहा है।



पहले भी मिल चुके हैं तीन सम्मान

यह पहली बार नहीं है, जब विक्रमोत्सव को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली हो। विक्रमोत्सव 2025 को iMAX Global Award द्वारा "लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर" से नवाजा गया था। WOW Award Asia 2025 में एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवार्ड मिल चुका है। वर्ष 2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड भी मिला था। यानी अब तक कुल पांच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विक्रमोत्सव की झोली में आ चुके हैं।



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