26 बच्चों की मौत मामले में विक्रांत भूरिया ने मांगा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला का इस्तीफा
समझें क्या है पूरा मामला
- बालाघाट में बैगा समाज के 26 बच्चों की मौत हुई।
- कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- विक्रांत भूरिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
- उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का इस्तीफा मांगा।
- भूरिया ने स्वास्थ्य व्यवस्था को जिम्मेदार बताया है।
बालाघाट में बैगा समाज के 26 आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा लेने की मांग की है।
कांग्रेस का बड़ा हमला
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखा। उन्होंने बालाघाट में हुई मौतों को बेहद गंभीर बताया। उनका कहना है कि यह सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री एवं डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला से नैतिक जिम्मेदारी लेने को कहा।
कुपोषण, मलेरिया बनी वजह
भूरिया के मुताबिक बच्चों की मौत कुपोषण, मलेरिया और खसरा जैसी बीमारियों से हुई। बैगा समाज को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Group) माना जाता है। भूरिया ने कहा कि समय पर जांच और टीकाकरण होता तो कई जानें बच सकती थीं। उन्होंने इसे सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही बताया।
पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
पत्र में भूरिया ने प्रदेश के अन्य मामलों का भी जिक्र किया। इंदौर के एक अस्पताल में नवजात को चूहे ने कुतर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 22 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी। सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, जिससे छह बच्चे प्रभावित हुए। भूरिया ने बालाघाट की घटना को इसी कड़ी का हिस्सा बताया।
सीएम का दौरा नाकाफी
भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बालाघाट का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। लेकिन उनके मुताबिक सिर्फ दौरे और संवेदना से जवाबदेही पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद सिर्फ निचले अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाली जा रही है। विभागीय नेतृत्व को जवाबदेही से मुक्त नहीं किया जा सकता।
भूरिया की तीन बड़ी मांगें
भूरिया ने मुख्यमंत्री के सामने तीन मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि राजेंद्र शुक्ला से तुरंत इस्तीफा लिया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। दूसरी मांग सभी 26 मौतों का मेडिकल और प्रशासनिक ऑडिट कराने की है। हर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता दी जानी चाहिए।
तीसरी मांग बैगा इलाकों में विशेष स्वास्थ्य और पोषण अभियान चलाने की है। इसमें हर बच्चे की स्क्रीनिंग, टीकाकरण और मलेरिया जांच शामिल है। कुपोषण का इलाज सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है। आंगनवाड़ी और पोषण सेवाओं में लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है।
26 परिवारों का सवाल
भूरिया ने कहा कि यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह 26 परिवारों की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
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