सड़क नहीं बनी तो भड़के ग्रामीण, बीजेपी विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को खदेड़ा
समझें क्या है पूरा मामला...
- जावद के बांगरेड गांव में विधायक का विरोध हुआ।
- ग्रामीण सड़क निर्माण न होने से नाराज थे।
- मंच पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
- कार्यक्रम अधूरा रह गया और विधायक लौटे।
- प्रशासन ने मामले की जांच और शांति की अपील की।
सखलेचा का ग्रामीणों ने भारी विरोध
नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई। जब विधायक ओमप्रकाश सखलेचा का ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। गांव में सड़क निर्माण न होने से लोग नाराज थे। मंच पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर कार्यक्रम अधूरा रह गया। विधायक को सुरक्षा घेरे में वापस लौटना पड़ा।
जावद में ग्रामीणों का विरोध
जावद विधानसभा क्षेत्र के बांगरेड गांव में विवाद हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कार्यक्रम रखा गया था। विधायक ओमप्रकाश सखलेचा मुख्य अतिथि थे। जैसे ही भाषण शुरू हुआ, विरोध शुरू हो गया। ग्रामीण सड़क निर्माण न होने से नाराज थे।
ग्रामीणों ने मंच को चारों ओर से घेर लिया। नारेबाजी और आरोपों से माहौल बिगड़ गया। लोगों ने विकास कार्यों पर सवाल उठाए। मंच पर मौजूद नेता असहज स्थिति में आ गए। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई।
सड़क समस्या पर विवाद
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पूरी तरह कच्ची है। बरसात में रास्ता कीचड़ से भर जाता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होता है। लंबे समय से पक्की सड़क की मांग है। लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला।
ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन मिलते हैं। काम शुरू नहीं होने से नाराजगी बढ़ गई। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच बाधित रहती है। इस मुद्दे ने विरोध को और तेज किया। भीड़ में गुस्सा लगातार बढ़ता गया।
विधायक के मंच पर हंगामा
भाषण के दौरान अचानक नारेबाजी शुरू हो गई। भीड़ ने मंच को पूरी तरह घेर लिया। विधायक ने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। माहौल तेजी से बिगड़ता चला गया।
कुछ लोग मंच के करीब पहुंच गए। सुरक्षा कर्मियों के साथ तनाव बढ़ गया। धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। पुलिस और सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हुए। स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश हुई।
विधायक वापस लौटे
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा बढ़ा दी गई। विधायक को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वे कार्यक्रम पूरा किए बिना लौट गए। गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हुए। ग्रामीण पीछे से नारेबाजी करते रहे।
भूमिपूजन कार्यक्रम भी नहीं हो सका। पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रशासनिक अधिकारी मामले की जानकारी ले रहे हैं। स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है। सड़क निर्माण को लेकर रिपोर्ट मांगी जाएगी। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय स्तर पर संवाद की संभावना जताई गई है।
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