इंदौर में जलसंकट को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 15 अक्टूबर को बुलाई अहम बैठक
इंदौर में जलसंकट, मंत्री ने बुलाई बैठक
एल नीनो (El Nino) प्रभाव के चलते इस बार मध्य प्रदेश में कम बारिश हुई है। खासकर पश्चिमी मप्र की हालत खराब है। ऐसे में अभी से ही भारी जलसंकट की आशंका हो रही है। इसे देखते हुए इंदौर नगर निगम (Indore Municipal Corporation) जहां अभी से बैठकें कर रहा है। वहीं अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक बुलाई है।
इन सभी को बैठक में बुलाया
मंत्री विजयवर्गीय ने सांसद, सभी विधायकों और महापौर को पत्र जारी किया है। इस बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव, निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही जलापूर्ति से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में जल की वर्तमान उपलब्धता और आगे के संभावित जलसंकट को देखते हुए कार्ययोजना बनाने पर विचार होगा। बैठक गुरुवार 15 अक्टूबर को सिटी बस ऑफिस में सुबह साढ़े दस बजे होगी।
इस बार 40 फीसदी कम बारिश
मंत्री ने पत्र में यह भी लिखा है कि इंदौर में हर साल औसतन 38-40 इंच बारिश होती है। लेकिन इस बार केवल 23.20 इंच बारिश अभी तक हुई है। इसके चलते बारिश में 40 फीसदी की कमी है। कम बारिश से तालाब और अन्य जलाशय नहीं भर सके हैं। इससे भूजल भी प्रभावित हुआ है। इसके चलते अगले महीनों में शहर में जलसंकट की चुनौती उत्पन्न हो सकती है।
महापौर ने मुख्यमंत्री से मांगे 50 करोड़
वहीं, जलसंकट को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सीएम मोहन यादव से भी मुलाकात की है। उन्होंने विशेष पैकेज के तहत 50 करोड़ रुपए की मांग की है। इस राशि से हाइड्रेंट बनाने, टैंकर खरीदने और अन्य काम किए जाएंगे।
साथ ही यशवंत सागर और बिलावली तालाब में जल संग्रहण बढ़ाने के लिए नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना से पानी उपलब्ध कराने की संभावना पर भी सीएम से चर्चा की है। वहीं, हर वार्ड और जोन के लिए भी अलग से प्लान बनाया जा रहा है, जिससे अभी से जलसंकट से निपटने की तैयारी की जा सके। साथ ही जल बचाने के लिए भी अपील की जा रही है।
इंदौर में जलसंकट की आशंका क्यों बढ़ी?
इंदौर में इस साल सामान्य से करीब 40 फीसदी कम बारिश हुई है। शहर में औसतन 38 से 40 इंच बारिश होती है। इस बार सिर्फ 23.20 इंच बारिश दर्ज की गई है। इससे तालाबों और अन्य जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। भूजल स्तर पर भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में गर्मी आने से पहले ही जलापूर्ति की चुनौती बढ़ सकती है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?
बारिश की कमी का असर आने वाले महीनों में दिख सकता है। पानी की उपलब्धता घटने पर कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। टैंकरों की जरूरत भी बढ़ सकती है। हालांकि नगर निगम ने अभी किसी जलकटौती की घोषणा नहीं की है। प्रशासन पहले से इंतजाम करके संभावित परेशानी कम करना चाहता है।