एमपी में टोल प्लाजा संभालेंगी महिलाएं

Sanjay Sharma | Jun 06, 2025, 21:33 IST
महिलाएं संभालेंगी टोल प्लाजा Photograph: (THE SOOTR)
मध्य प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। 9 टोल प्लाजा के संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूह संभालेंगे।

BHOPAL. मध्यप्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। प्रदेश के 9 ऐसे टोल प्लाजा जहां सालाना दो करोड़ रुपए से कम कमाई होती है उनके संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूह संभालेंगे। सरकार ने ऐसे टोल प्लाजा भी चिन्हित कर लिए हैं। इसके बदले में महिलाओं के इन समूहों को कुल कमाई की 30 फीसदी राशि कमीशन के रूप में मिलेगी। यानी टोल प्लाजा के संचालन से सरकार को राजस्व मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।



टोल बनाएंगे महिलाओं को मजबूत

महिलाओं को हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व का अवसर देकर सरकार उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने लगातार योजनाएं लेकर आ रही है। इसी के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने प्रदेश के 9 मार्गों पर टोल प्लाजा का संचालन महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अब तक इन टोल प्लाजा को निजी क्षेत्र की कंपनियों को सौंपा जाता रहा है। इन कंपनियों के कर्मचारी ही वाहनों से टोल टैक्स की वसूली करते आ रहे हैं। सरकार ने फिलहाल ऐसे 9 मार्ग चिन्हित किए हैं जहां टोल प्लाजा से सालाना 2 करोड़ रुपए से कम टोल टैक्स ही मिल पा रहा है।



महिलाओं की सुरक्षा के होंगे इंतजाम

स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के साथ ही सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा के भी ठोस बंदोबस्त किए जाएंगे। महिलाएं टोल प्लाजा पर सुरक्षित महसूस करें, उनके साथ किसी प्रकार की अभद्रता न हो इसके लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने की भी प्लानिंग है। फिलहाल प्रदेश के तीन स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा का संचालन महिला स्वसहायता समूहों से करा रही है। एक साल से जारी पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए सरकार ने अब 9 नए मार्गों के टोल प्लाजा महिलाओं को सौंपने की तैयाारी कर ली है।



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इन मार्गों पर 2 करोड़ से कम कमाई

सरकार को प्रदेश के 9 मार्गों पर सालाना 2 करोड़ या उससे कम टैक्स मिल रहा है। इनमें उज्जैन- शाजापुर- अकोदिया- सारंगपुर रोड पर टोल नाके से सालाना 1.21 करोड़, उज्जैन- नीमच मनासा रोड पर 82 लाख, उज्जैन- गोगापुर- घोंसला रोड पर 1.18 करोड़, ग्वालियर- मोहनपुर- बेहट रोड पर 1 करोड़, ग्वालियर- डबरा- भितरवार- हरसी रोड पर 60 लाख, सागर- बीना- खिमलासा- मालथौन रोड पर 2 करोड़, भोपाल- गंज बसोदा- सिरोंज रोड पर 1.35 करोड़, रीवा- हरदुआ- चाकघाट रोड पर 1.15 करोड़ और धार- सरदारपुर- बाग रोड पर 1.20 करोड़ सालाना राजस्व मिल रहा है।



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कमाई में समूह का हिस्सा 30 फीसदी

महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से सरकार पहले चरण में 9 टोल प्लाजा चलाएगी। इनसे मिलने वाले टैक्स का 30 फीसदी हिस्सा इन महिलाओं को मिलेगा जबकि 70 फीसदी राशि राजमार्ग निधि में जमा होगी जिसका उपयोग इन्हीं मार्गों की मरम्मत और रखरखाव पर होगा। जिन मार्गों के टोल प्लाजा को समूहों को सौंपे जाने हैं वे उज्जैन, ग्वालियर, सागर, भोपाल, रीवा, धार जिलों में स्थित हैं। इन टोल नाकों पर सरकार को कम राजस्व प्राप्त होता है।



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